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Kasganj News: पुरानी गाड़ियों के कारोबार में सख्ती, विक्रेताओं का पंजीकरण अनिवार्य
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कासगंज। जिले में पुरानी गाड़ियों की खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए परिवहन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। अब पुरानी वाहन विक्रेताओं को विभाग में अनिवार्य पंजीकरण कराना होगा। बिना पंजीकरण कारोबार करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह कदम धोखाधड़ी रोकने और ग्राहकों को सुरक्षित सेवा देने के लिए है। शासन के निर्देश पर परिवहन विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है। सभी विक्रेताओं को विभागीय वेबसाइट पर अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। यह प्रमाणपत्र पांच वर्षों के लिए वैध रहेगा, जिसके बाद नवीनीकरण कराना होगा।
विक्रेताओं को हर खरीद-फरोख्त का विवरण ऑनलाइन वेबसाइट पर दर्ज करना होगा। इसमें वाहन की पूरी जानकारी, पुराने मालिक और नए खरीदार का रिकॉर्ड शामिल रहेगा। परिवहन विभाग के अधिकारी ने बताया कि बिना वैध दस्तावेज के गाड़ियां बेची जाती हैं। इससे चोरी के वाहन भी बाजार में आ जाते हैं। ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए यह कदम उठाया गया है। पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने वाले विक्रेताओं को ही वैध माना जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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वर्जन :
इस पहल से न केवल उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि पुराने वाहनों के क्रय-विक्रय बाजार में पारदर्शिता भी आएगी। साथ ही किसी विवाद की स्थिति में संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। धोखाधड़ी से बचाव होगा। – आरपी मिश्र, एआरटीओ
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यह कदम धोखाधड़ी रोकने और ग्राहकों को सुरक्षित सेवा देने के लिए है। शासन के निर्देश पर परिवहन विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है। सभी विक्रेताओं को विभागीय वेबसाइट पर अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। यह प्रमाणपत्र पांच वर्षों के लिए वैध रहेगा, जिसके बाद नवीनीकरण कराना होगा।
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विक्रेताओं को हर खरीद-फरोख्त का विवरण ऑनलाइन वेबसाइट पर दर्ज करना होगा। इसमें वाहन की पूरी जानकारी, पुराने मालिक और नए खरीदार का रिकॉर्ड शामिल रहेगा। परिवहन विभाग के अधिकारी ने बताया कि बिना वैध दस्तावेज के गाड़ियां बेची जाती हैं। इससे चोरी के वाहन भी बाजार में आ जाते हैं। ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए यह कदम उठाया गया है। पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने वाले विक्रेताओं को ही वैध माना जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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इस पहल से न केवल उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि पुराने वाहनों के क्रय-विक्रय बाजार में पारदर्शिता भी आएगी। साथ ही किसी विवाद की स्थिति में संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। धोखाधड़ी से बचाव होगा। – आरपी मिश्र, एआरटीओ