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मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा: लापरवाही में फंसे एडीओ...डीएम ने मांगा स्पष्टीकरण, वेतन पर भी लगाई रोक
Sat, 20 Sep 2025 09:47 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sat, 20 Sep 2025 09:47 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर कासगंज के पंचायती राज विभाग की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। इससे प्रदेश में जिले को डी रैंक और 72वीं श्रेणी में रखा गया था। इस पर अब सख्ती शुरू हो गई है।
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कासगंज कलेक्ट्रेट।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
कासगंज में जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने कामकाज में लापरवाही बरतने पर सहावर, पटियाली एवं अमांपुर के सहायक विकास अधिकारी पंचायत (एडीओ) से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही अगले आदेश तक सभी के वेतन आहरण पर रोक लगा दी गई है।
पिछले दिनों हुई मंडलीय समीक्षा में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर पंचायती राज विभाग की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। इससे प्रदेश में जिले को डी रैंक और 72वीं श्रेणी में रखा गया। अलीगढ़ के आयुक्त ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी कासगंज को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने बताया कि पांचवें राज्य वित्त आयोग ग्राम पंचायत योजना में व्यापक गति नहीं होने के कारण कार्य पिछड़ गए और इसके लिए लापरवाही एवं शिथिल पर्यवेक्षण को जिम्मेदार माना गया।
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लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं होने से जनपद की छवि धूमिल हुई है। इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है एवं वेतन आहरण पर रोक लगाई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि यदि कार्य संतोषजनक रूप से नहीं किए गए तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई भी जाएगी।
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पिछले दिनों हुई मंडलीय समीक्षा में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर पंचायती राज विभाग की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। इससे प्रदेश में जिले को डी रैंक और 72वीं श्रेणी में रखा गया। अलीगढ़ के आयुक्त ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी कासगंज को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
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जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने बताया कि पांचवें राज्य वित्त आयोग ग्राम पंचायत योजना में व्यापक गति नहीं होने के कारण कार्य पिछड़ गए और इसके लिए लापरवाही एवं शिथिल पर्यवेक्षण को जिम्मेदार माना गया।
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लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं होने से जनपद की छवि धूमिल हुई है। इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है एवं वेतन आहरण पर रोक लगाई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि यदि कार्य संतोषजनक रूप से नहीं किए गए तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई भी जाएगी।