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Kasganj News: सर्दी में सांस की बीमारी बनी मुसीबत
Fri, 16 Jan 2026 11:47 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Fri, 16 Jan 2026 11:47 PM IST
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फोटो01जिला अस्पताल में मरीजों का उपचार कर ते डॉक्टर । संवाद
कासगंज। ठंड बढ़ते ही सांस से जुड़ी बीमारियों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। जिले में साइनोसाइटिस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 8 से 10 मरीज इस बीमारी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर भी पाई जा रही है।
अस्पताल में ईएनटी विशेषज्ञ का पद लंबे समय से खाली होने के कारण मरीजों की जांच और इलाज प्रभावित हो रहा है। मजबूरी में सामान्य जांच के बाद दवाइयों से इलाज किया जा रहा है, जबकि कई मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बाहर रेफर होने की नौबत भी आ रही है।
सीएमएस डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि सर्दियों में तापमान गिरने, प्रदूषण बढ़ने और एलर्जी की वजह से साइनस पर सीधा असर पड़ता है। शुरुआती लक्षणों को लोग आम सर्दी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे संक्रमण बढ़कर गंभीर रूप ले लेता है। समय पर जांच और इलाज न मिलने पर समस्या बढ़ सकती है।
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सीएमएस के अनुसार, अस्पताल में पहले मरीजों का एक्स-रे कराया जाता है। स्थिति स्पष्ट न होने पर सीटी स्कैन कराया जाता है। जांच में प्रतिदिन 8 से 10 मरीजों में साइनसाइटिस की पुष्टि हो रही है, जिनमें 1 से 2 मरीज गंभीर श्रेणी में आ रहे हैं।
नाक के आसपास मौजूद खाली जगहों (साइनस) में सूजन या संक्रमण होने को साइनसाइटिस कहा जाता है। यह बीमारी वायरल, बैक्टीरियल या फंगल संक्रमण के कारण हो सकती है। समय पर इलाज न मिलने पर यह गंभीर हो सकती है और ऑपरेशन की जरूरत भी पड़ सकती है।
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अस्पताल में ईएनटी विशेषज्ञ का पद लंबे समय से खाली होने के कारण मरीजों की जांच और इलाज प्रभावित हो रहा है। मजबूरी में सामान्य जांच के बाद दवाइयों से इलाज किया जा रहा है, जबकि कई मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बाहर रेफर होने की नौबत भी आ रही है।
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सीएमएस डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि सर्दियों में तापमान गिरने, प्रदूषण बढ़ने और एलर्जी की वजह से साइनस पर सीधा असर पड़ता है। शुरुआती लक्षणों को लोग आम सर्दी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे संक्रमण बढ़कर गंभीर रूप ले लेता है। समय पर जांच और इलाज न मिलने पर समस्या बढ़ सकती है।
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सीएमएस के अनुसार, अस्पताल में पहले मरीजों का एक्स-रे कराया जाता है। स्थिति स्पष्ट न होने पर सीटी स्कैन कराया जाता है। जांच में प्रतिदिन 8 से 10 मरीजों में साइनसाइटिस की पुष्टि हो रही है, जिनमें 1 से 2 मरीज गंभीर श्रेणी में आ रहे हैं।
नाक के आसपास मौजूद खाली जगहों (साइनस) में सूजन या संक्रमण होने को साइनसाइटिस कहा जाता है। यह बीमारी वायरल, बैक्टीरियल या फंगल संक्रमण के कारण हो सकती है। समय पर इलाज न मिलने पर यह गंभीर हो सकती है और ऑपरेशन की जरूरत भी पड़ सकती है।