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Kasganj News: मदरसों के औचक निरीक्षण में गायब मिले प्रधानाचार्य
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फोटो 19 - पटियाली के भरगैन में मदरसे का निरीक्षण करने पहुंची अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी डॉ. अमृ
कासगंज। पटियाली तहसील के नगर पंचायत भरगैन में संचालित मान्यता प्राप्त मदरसों की कार्यप्रणाली पर उस समय सवालिया निशान लग गए, जब शिकायतों के आधार पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान दोनों मदरसों में कई गंभीर खामियां उजागर हुईं।
प्राप्त शिकायतों की सत्यता परखने के लिए अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने नगर पंचायत स्थित मदरसा रहीसा बेगम एजुकेशन सेंटर और मदरसा गौसिया पब्लिक स्कूल का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान दोनों ही मदरसों के प्रधानाचार्य मौके से नदारद मिले। इसके अलावा, परिसरों में शिक्षण व्यवस्था निर्धारित मानकों के बिल्कुल विपरीत मिली।
निरीक्षण में सामने आया कि दोनों मदरसों में आठ-आठ कक्षाओं का संचालन तो हो रहा था, लेकिन पढ़ाई का स्तर बेहद कमजोर था। एक मदरसे के बाहर संस्थान का नाम पट्टिका तक नहीं लगी थी, जिसे विभाग ने काफी गंभीरता से लिया है। भवन व्यवस्था की पड़ताल करने पर अधिकांश कक्ष टीनशेड के नीचे चलते मिले, जबकि दूसरे मदरसे में केवल दो कमरे ही पक्के भवन में संचालित पाए गए। शौचालयों की संख्या तो तीन-तीन थी, लेकिन वहां साफ-सफाई का नामोनिशान नहीं था।
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अधिकारियों ने प्रबंधतंत्र को कड़ी फटकार लगाते हुए शैक्षणिक माहौल, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं में तुरंत सुधार के निर्देश दिए हैं। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी डॉ. अमृत सिंह ने बताया कि निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है और नियमों के तहत आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा रही है।
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प्राप्त शिकायतों की सत्यता परखने के लिए अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने नगर पंचायत स्थित मदरसा रहीसा बेगम एजुकेशन सेंटर और मदरसा गौसिया पब्लिक स्कूल का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान दोनों ही मदरसों के प्रधानाचार्य मौके से नदारद मिले। इसके अलावा, परिसरों में शिक्षण व्यवस्था निर्धारित मानकों के बिल्कुल विपरीत मिली।
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निरीक्षण में सामने आया कि दोनों मदरसों में आठ-आठ कक्षाओं का संचालन तो हो रहा था, लेकिन पढ़ाई का स्तर बेहद कमजोर था। एक मदरसे के बाहर संस्थान का नाम पट्टिका तक नहीं लगी थी, जिसे विभाग ने काफी गंभीरता से लिया है। भवन व्यवस्था की पड़ताल करने पर अधिकांश कक्ष टीनशेड के नीचे चलते मिले, जबकि दूसरे मदरसे में केवल दो कमरे ही पक्के भवन में संचालित पाए गए। शौचालयों की संख्या तो तीन-तीन थी, लेकिन वहां साफ-सफाई का नामोनिशान नहीं था।
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अधिकारियों ने प्रबंधतंत्र को कड़ी फटकार लगाते हुए शैक्षणिक माहौल, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं में तुरंत सुधार के निर्देश दिए हैं। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी डॉ. अमृत सिंह ने बताया कि निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है और नियमों के तहत आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा रही है।