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Kasganj News: स्टाफ की कमी ने बिगाड़ी पढ़ाई की रफ्तार
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सोरोंजी। तीर्थनगरी का राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज प्रवक्ताओं की भारी कमी से बदहाली का सामना कर रहा है। कॉलेज में सिविल, आर्किटेक्चर और मैकेनिकल प्रोडक्शन ट्रेड संचालित हैं। प्रत्येक ट्रेड में 60 सीटें हैं, पर शिक्षक पर्याप्त नहीं हैं।
सिविल ट्रेड में 57 छात्र हैं। स्वीकृत एक हेड और एक लेक्चरर के सापेक्ष मात्र एक लेक्चरर तैनात है, जो लंबे समय से अवकाश पर है। आर्किटेक्चर ट्रेड में 48 छात्रों के भविष्य की जिम्मेदारी केवल एक हेड और एक लेक्चरर के कंधों पर है, जबकि यहां पांच लेक्चरर के पद स्वीकृत हैं। मैकेनिकल प्रोडक्शन ट्रेड की स्थिति भी जुदा नहीं है, जहां 58 छात्रों के लिए स्वीकृत छह लेक्चरर के पदों के मुकाबले केवल दो ही तैनात हैं।
पूरे कॉलेज में भाैतिकी, रसायन और गणित पढ़ाने के लिए केवल एक शिक्षक है। अंग्रेजी के लिए कोई पद ही सृजित नहीं है। एआईसीटीई के नियमों के अनुसार, प्रत्येक ट्रेड में एक हेड और छह लेक्चरर अनिवार्य हैं।
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स्टाफ संकट और संभावित समाधान
सोरों पॉलिटेक्निक स्टाफ की कमी से जूझ रहा है, वहीं याकूतगंज के एमएमआईटी कॉलेज में शिक्षकों की भरमार है। वहां तीन हेड, 15 लेक्चरर और 17 मल्टी-टास्क स्टाफ है। प्रशासन यदि कुछ प्रवक्ताओं को सोरोंजी में समायोजित करे तो संकट कम हो सकता है।
गंजडुंडवारा पॉलिटेक्निक में भी नहीं है स्टाफ
गंजडुंडवारा के लभेड़ में आठ करोड़ रुपये का नया पॉलिटेक्निक कॉलेज भी स्टाफ न होने से सफेद हाथी साबित हो है। नए सत्र में भी इसके संचालन की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।
वर्जन
पॉलिटेक्निक कॉलेज में लेक्चरर की भारी कमी है जिससे छात्रों का शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। राजकीय प्राविधिक शिक्षा परिषद को लेक्चरर्स की नियुक्ति के लिए डिमांड भेजी गई है।-राजन सिंह, प्रधानाचार्य, राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज सोरोंजी
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सिविल ट्रेड में 57 छात्र हैं। स्वीकृत एक हेड और एक लेक्चरर के सापेक्ष मात्र एक लेक्चरर तैनात है, जो लंबे समय से अवकाश पर है। आर्किटेक्चर ट्रेड में 48 छात्रों के भविष्य की जिम्मेदारी केवल एक हेड और एक लेक्चरर के कंधों पर है, जबकि यहां पांच लेक्चरर के पद स्वीकृत हैं। मैकेनिकल प्रोडक्शन ट्रेड की स्थिति भी जुदा नहीं है, जहां 58 छात्रों के लिए स्वीकृत छह लेक्चरर के पदों के मुकाबले केवल दो ही तैनात हैं।
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पूरे कॉलेज में भाैतिकी, रसायन और गणित पढ़ाने के लिए केवल एक शिक्षक है। अंग्रेजी के लिए कोई पद ही सृजित नहीं है। एआईसीटीई के नियमों के अनुसार, प्रत्येक ट्रेड में एक हेड और छह लेक्चरर अनिवार्य हैं।
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स्टाफ संकट और संभावित समाधान
सोरों पॉलिटेक्निक स्टाफ की कमी से जूझ रहा है, वहीं याकूतगंज के एमएमआईटी कॉलेज में शिक्षकों की भरमार है। वहां तीन हेड, 15 लेक्चरर और 17 मल्टी-टास्क स्टाफ है। प्रशासन यदि कुछ प्रवक्ताओं को सोरोंजी में समायोजित करे तो संकट कम हो सकता है।
गंजडुंडवारा पॉलिटेक्निक में भी नहीं है स्टाफ
गंजडुंडवारा के लभेड़ में आठ करोड़ रुपये का नया पॉलिटेक्निक कॉलेज भी स्टाफ न होने से सफेद हाथी साबित हो है। नए सत्र में भी इसके संचालन की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।
वर्जन
पॉलिटेक्निक कॉलेज में लेक्चरर की भारी कमी है जिससे छात्रों का शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। राजकीय प्राविधिक शिक्षा परिषद को लेक्चरर्स की नियुक्ति के लिए डिमांड भेजी गई है।-राजन सिंह, प्रधानाचार्य, राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज सोरोंजी