कासगंज। जनपद न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता सत्येंद्र पाल सिंह बैस के नेतृत्व में बैठक का आयोजन किया गया। इसमें अधिवक्ताओं ने सरकार द्वारा यूजीसी कानून लागू किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए इस काले कानून को वापस लेने और देश में आरक्षण आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग की।
वरिष्ठ अधिवक्ता सत्येंद्र पाल सिंह बैस ने कहा सरकार यूजीसी काले कानून को लागू कर देश के शैक्षणिक संस्थानों को नष्ट करना चाहती है। छात्रों, शिक्षकों में वैमनस्य पैदा करना चाहती है। उन्होंने आगे कहा इस नए कानून में जाति आधारित भेदभाव की परिभाषा सिर्फ एससीएसटी और ओबीसी के खिलाफ होने वाले भेदभाव तक सीमित है। उन्होंने यह भी कहा नए कानून में झूठी दुर्भावना पूर्ण शिकायतों पर कोई दंड का प्रावधान नहीं है इससे इस कानून का दुरुपयोग करने की पूर्ण आशंका है।बार के पूर्व महासचिव चेतन चौहान ने कहा कि यूजीसी काला कानून सवर्ण विरोधी है सरकार इसे तुरंत वापस करे अन्यथा की स्थिति में देश भर में आंदोलन किया जाएगा। बैठक को अधिवक्ता श्याम सुंदर सोलंकी, शैलेंद्र कुमार सिंह, निरंजन सिंह, कौशलेंद्र सिंह, पंकज चतुर्वेदी ने भी संबोधित किया। विरोध प्रदर्शन करने वालों में सुनील असावा, आदेश कुमार सिसोदिया, अमित सोलंकी, मोहम्मद अयाज संजय सोलंकी ,मोहम्मद तारिक अली, जावेद खान, विकास सोलंकी, अरविंद कुमार, ओमेंद्र सिंह ,नरेंद्र शर्मा ,अभिषेक कुमार, राज ,मोहित बघेल आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।