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Kasganj News: चटपटे स्वाद पर पड़ा महंगाई का तड़का
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फोटो02कासगंज में पेटीज तैयार करता विक्रेता। संवाद
कासगंज। खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध का असर अब स्थानीय स्ट्रीट फूड बाजार पर दिख रहा है। बढ़ती लागत के कारण छोटे कारोबारियों ने कचौड़ी, पेटीज और गोलगप्पों जैसे लोकप्रिय व्यंजनों के दाम बढ़ा दिए हैं। इस महंगाई से विक्रेताओं और ग्राहकों दोनों की जेब पर असर पड़ रहा है।
शहर में कचौड़ी, पेटीज, पकौड़े, समोसे, गोलगप्पे, छोले-भटूरे, नान, मोमोज और चाऊमीन जैसे स्ट्रीट फूड महंगे हो गए हैं। कीमतों में इस बढ़ोतरी से आम लोग मायूस हैं। रोजमर्रा के स्नैक्स का आनंद लेने वाले अब अधिक खर्च कर रहे हैं। विक्रेताओं का कहना है कि खाद्य सामग्री भी महंगी हो गई है। पुराने दामों पर सामान बेचना अब संभव नहीं है। यदि हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले समय में कीमतें और बढ़ सकती हैं।
कचौड़ी विक्रेता देवेंद्र सिंह ने तेल महंगा होने के कारण चार कचौड़ी की प्लेट पर पांच रुपये बढ़ाए हैं। कमल ने गैस की बढ़ी कीमत के कारण पेटीज पर पांच रुपये बढ़ाए हैं। प्रदीप कुमार ने चाऊमीन की कीमत तो नहीं बढ़ाई, पर प्लेट की मात्रा कम कर दी है। गोलगप्पे विक्रेता संजय ने प्लेट में गोलगप्पों की संख्या घटा दी है और सूजी वाले गोलगप्पे बनाना बंद कर दिया है। यह सब बढ़ती लागत को संतुलित करने के लिए किया है।
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शहर में कचौड़ी, पेटीज, पकौड़े, समोसे, गोलगप्पे, छोले-भटूरे, नान, मोमोज और चाऊमीन जैसे स्ट्रीट फूड महंगे हो गए हैं। कीमतों में इस बढ़ोतरी से आम लोग मायूस हैं। रोजमर्रा के स्नैक्स का आनंद लेने वाले अब अधिक खर्च कर रहे हैं। विक्रेताओं का कहना है कि खाद्य सामग्री भी महंगी हो गई है। पुराने दामों पर सामान बेचना अब संभव नहीं है। यदि हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले समय में कीमतें और बढ़ सकती हैं।
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कचौड़ी विक्रेता देवेंद्र सिंह ने तेल महंगा होने के कारण चार कचौड़ी की प्लेट पर पांच रुपये बढ़ाए हैं। कमल ने गैस की बढ़ी कीमत के कारण पेटीज पर पांच रुपये बढ़ाए हैं। प्रदीप कुमार ने चाऊमीन की कीमत तो नहीं बढ़ाई, पर प्लेट की मात्रा कम कर दी है। गोलगप्पे विक्रेता संजय ने प्लेट में गोलगप्पों की संख्या घटा दी है और सूजी वाले गोलगप्पे बनाना बंद कर दिया है। यह सब बढ़ती लागत को संतुलित करने के लिए किया है।
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