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Kasganj News: नरौरा बैराज से प्रवाह तेज, बढ़ीं मुश्किलें
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फोटो 30- बाढ़ प्रभावित गांव नगला जैली में प्रेमपाल के घर की रसोई में भरा बाढ़ का पानी। संवाद
- फोटो : credit
कासगंज / पटियाली। नरौरा बैराज से मंगलवार को पानी का प्रवाह बढ़ने के साथ ही जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में मुश्किलें और बढ़ने लगी हैं। जलस्तर और बढ़ गया है आबादी तक पानी की दस्तक है। ऐसी स्थिति में कई परिवारों ने बाहरी इलाके में ग्रामीणो ने डेरा जमा लिया और अपने पशुओं को भी ले गए हैं। घरों के आंगन, पशुबाड़े तक पानी पहुंच चुका है।
मंगलवार को नरौरा बैराज से पानी का प्रवाह एक लाख क्यूसेक को पार कर गया जिससे तेजी से पानी का प्रवाह ग्रामीण इलाकों में बढ़ रहा है और अपना दायरा बढ़ा रहा है। सिंचाई विभाग ने भी और पानी बढ़ने का अलर्ट जारी किया है। कच्चे मकानों में रहने वाले ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थानों पर डेरा जमा लिया है। नगला जैली में प्रेमपाल के घर के चूल्हें तक पानी आ गया और घर का चूल्हा भी बाढ़ के पानी से घिर गया।
इसी तरह के हालात नगला जैली के अलावा नगला हंसी, नगला दिपी, मूंझखेड़ा, नगला जयकिशन, नगला दुर्जन, पनसोती नगला में है। इस इलाके के खादर के खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं। टूटे रास्तों और पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतें हैं। ग्रामीणों ने बाढ़ प्रभावित इलाके से 2-3 किलोमीटर दूर सूखे स्थानों पर अस्थायी डेरा जमा लिया है। जहां से वे पशुओं की देखभाल भी कर रहे हैं। ग्रामीणों को बाढ़ के पानी में होकर ही आवागमन करना पड़ रहा है। वहीं सनौड़ी की ओर नाव के सहारे रास्ता ग्रामीणों को पार करना पड़ रहा है।
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पिछले कई दिनों से लगातार धीमी गति से पानी बढ़ता जा रहा है। इससे ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। पानी की जद में आने वाले कच्चे मकानों की नीवें भी कमजोर हो रही हैं और उनके गिरने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण प्रेमपाल ने बताया कि पानी कम नहीं हो रहा। बारिश से भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में काफी मुसीबत हो जाती है।
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किलौनी में लगातार चल रहे कटानरोधी कार्य
कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग लगातार किलौनी में कवायद कर रहा है। इस इलाके में गंगा की धारा लगातार अपना रुख बदल रही है। जिससे कटान की स्थिति पैदा हो रही है। इस कटान को रोकने के लिए लगातार सिंचाई विभाग निरंतर कवायद में जुटा है। मंगलवार को भी सिंचाई विभाग के अभियंता मौके पर रहे और कटानरोधी कार्य कराया गया। कटानरोधी कार्यों से कटान रोकने के आसार बन रहे हैं।
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बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 112979 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 120443 क्यूसेक
नरौरा बैराज से - 105633 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.61 मीटर के निशान पर
वर्जन -
- नरौरा बैराज से पानी का प्रवाह बढ़ा है। जिससे जलस्तर में वृद्धि हो रही है। आगामी समय में जलस्तर में गिरावट होगी। सिंचाई विभाग अलर्ट पर है। किलौनी पर कटानरोधी कार्य किए जा रहे हैं- संदीप जैन, एसडीओ, सिंचाई।
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मंगलवार को नरौरा बैराज से पानी का प्रवाह एक लाख क्यूसेक को पार कर गया जिससे तेजी से पानी का प्रवाह ग्रामीण इलाकों में बढ़ रहा है और अपना दायरा बढ़ा रहा है। सिंचाई विभाग ने भी और पानी बढ़ने का अलर्ट जारी किया है। कच्चे मकानों में रहने वाले ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थानों पर डेरा जमा लिया है। नगला जैली में प्रेमपाल के घर के चूल्हें तक पानी आ गया और घर का चूल्हा भी बाढ़ के पानी से घिर गया।
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इसी तरह के हालात नगला जैली के अलावा नगला हंसी, नगला दिपी, मूंझखेड़ा, नगला जयकिशन, नगला दुर्जन, पनसोती नगला में है। इस इलाके के खादर के खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं। टूटे रास्तों और पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतें हैं। ग्रामीणों ने बाढ़ प्रभावित इलाके से 2-3 किलोमीटर दूर सूखे स्थानों पर अस्थायी डेरा जमा लिया है। जहां से वे पशुओं की देखभाल भी कर रहे हैं। ग्रामीणों को बाढ़ के पानी में होकर ही आवागमन करना पड़ रहा है। वहीं सनौड़ी की ओर नाव के सहारे रास्ता ग्रामीणों को पार करना पड़ रहा है।
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पिछले कई दिनों से लगातार धीमी गति से पानी बढ़ता जा रहा है। इससे ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। पानी की जद में आने वाले कच्चे मकानों की नीवें भी कमजोर हो रही हैं और उनके गिरने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण प्रेमपाल ने बताया कि पानी कम नहीं हो रहा। बारिश से भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में काफी मुसीबत हो जाती है।
किलौनी में लगातार चल रहे कटानरोधी कार्य
कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग लगातार किलौनी में कवायद कर रहा है। इस इलाके में गंगा की धारा लगातार अपना रुख बदल रही है। जिससे कटान की स्थिति पैदा हो रही है। इस कटान को रोकने के लिए लगातार सिंचाई विभाग निरंतर कवायद में जुटा है। मंगलवार को भी सिंचाई विभाग के अभियंता मौके पर रहे और कटानरोधी कार्य कराया गया। कटानरोधी कार्यों से कटान रोकने के आसार बन रहे हैं।
बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 112979 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 120443 क्यूसेक
नरौरा बैराज से - 105633 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.61 मीटर के निशान पर
वर्जन -
- नरौरा बैराज से पानी का प्रवाह बढ़ा है। जिससे जलस्तर में वृद्धि हो रही है। आगामी समय में जलस्तर में गिरावट होगी। सिंचाई विभाग अलर्ट पर है। किलौनी पर कटानरोधी कार्य किए जा रहे हैं- संदीप जैन, एसडीओ, सिंचाई।

फोटो 30- बाढ़ प्रभावित गांव नगला जैली में प्रेमपाल के घर की रसोई में भरा बाढ़ का पानी। संवाद- फोटो : credit

फोटो 30- बाढ़ प्रभावित गांव नगला जैली में प्रेमपाल के घर की रसोई में भरा बाढ़ का पानी। संवाद- फोटो : credit