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Kasganj News: योग मैट पर सिमट रही बीमारियां, स्वस्थ जीवन की राह पर बढ़ रहे कदम
Sun, 21 Jun 2026 12:45 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Sun, 21 Jun 2026 12:45 AM IST
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कासगंज। कभी केवल योग दिवस या विशेष शिविरों तक सीमित रहने वाला योग अब लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बनता जा रहा है। बढ़ते तनाव, अनियमित खानपान और भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच जिले के लोग स्वस्थ रहने के लिए योग का सहारा ले रहे हैं। यही वजह है कि पार्कों, सामुदायिक केंद्रों और खुले मैदानों में सुबह-शाम योग करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग लोगों के लिए स्वस्थ जीवन का मजबूत आधार बनता जा रहा है। सुबह की शुरुआत अब कई लोगों के लिए चाय की चुस्कियों से नहीं, बल्कि योग मैट पर आसन और प्राणायाम से हो रही है। शहर से लेकर गांवों तक पार्कों, सामुदायिक केंद्रों और योग शिविरों में लोगों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है
विशेषज्ञों के अनुसार योग केवल शरीर को फिट रखने का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच विकसित करने का भी प्रभावी तरीका है। नियमित योगाभ्यास से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, जोड़ों के दर्द और तनाव जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। कई लोग दवाओं के साथ-साथ योग को भी अपनी स्वास्थ्य दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं।
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योग शिविरों में ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, त्रिकोणासन, वज्रासन और पवनमुक्तासन का अभ्यास कराया जा रहा है। वहीं अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी प्राणायाम लोगों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय हैं।
योग से बदली जिंदगी
पहले कमर दर्द और थकान से दैनिक कार्य प्रभावित होते थे, लेकिन नियमित योग से काफी राहत मिली है।-डिंपल गुप्ता, गृहिणी
योग और प्राणायाम ने दिनचर्या को संतुलित किया है। अब पहले जैसी थकान महसूस नहीं होती।- अर्चना गर्ग,
घुटनों के दर्द में लंबे इलाज के बाद भी आराम नहीं मिला। योग अपनाने के बाद राहत मिली और अब नियमित अभ्यास के साथ दूसरों को भी योग सिखा रही हूं।- पूजा गर्ग, योगाचार्य
वजन अधिक होने और हृदय संबंधी समस्या के बाद योग शुरू किया था। पिछले 14 वर्षों से नियमित योग कर रहा हूं और लोगों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहा हूं।- साेनू साहू, योगाचार्य
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बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग लोगों के लिए स्वस्थ जीवन का मजबूत आधार बनता जा रहा है। सुबह की शुरुआत अब कई लोगों के लिए चाय की चुस्कियों से नहीं, बल्कि योग मैट पर आसन और प्राणायाम से हो रही है। शहर से लेकर गांवों तक पार्कों, सामुदायिक केंद्रों और योग शिविरों में लोगों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है
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विशेषज्ञों के अनुसार योग केवल शरीर को फिट रखने का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच विकसित करने का भी प्रभावी तरीका है। नियमित योगाभ्यास से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, जोड़ों के दर्द और तनाव जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। कई लोग दवाओं के साथ-साथ योग को भी अपनी स्वास्थ्य दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं।
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योग शिविरों में ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, त्रिकोणासन, वज्रासन और पवनमुक्तासन का अभ्यास कराया जा रहा है। वहीं अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी प्राणायाम लोगों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय हैं।
योग से बदली जिंदगी
पहले कमर दर्द और थकान से दैनिक कार्य प्रभावित होते थे, लेकिन नियमित योग से काफी राहत मिली है।-डिंपल गुप्ता, गृहिणी
योग और प्राणायाम ने दिनचर्या को संतुलित किया है। अब पहले जैसी थकान महसूस नहीं होती।- अर्चना गर्ग,
घुटनों के दर्द में लंबे इलाज के बाद भी आराम नहीं मिला। योग अपनाने के बाद राहत मिली और अब नियमित अभ्यास के साथ दूसरों को भी योग सिखा रही हूं।- पूजा गर्ग, योगाचार्य
वजन अधिक होने और हृदय संबंधी समस्या के बाद योग शुरू किया था। पिछले 14 वर्षों से नियमित योग कर रहा हूं और लोगों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहा हूं।- साेनू साहू, योगाचार्य