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Health News: कान में बज रही सीटी या महसूस हो रहा भारीपन, सर्दी में ये संकेत खतरनाक; तत्काल चिकित्सक को दिखाएं
Fri, 10 Jan 2025 05:13 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: अरुन पाराशर
Updated Fri, 10 Jan 2025 05:13 PM IST
सार
ठंड से लोगों के सुनने की क्षमता प्रभावित हो रही है। चिकित्सक इस दाैरान विशेष एहतियात बरतने की सुविधा दे रहे हैं। दिक्कत होने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं।
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कान
- फोटो : Freepik.com
विस्तार
कान में सीटी बज रही है या फिर भारीपन महसूस हो रहा है तो इसे नजर अंदाज न करें। ठंड में कान में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं जिला अस्पताल में ईएनटी न होने से ऐसे मरीजों को बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है
बर्फीली हवाओं का प्रकोप
पहाड़ों में बर्फबारी के बाद चल रही बर्फीली हवाओं से इस समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस हांड़ कंपा देने वाली ठंड से लोगों का हाल बुरा है। सर्दी से कई तरह की बीमारियां शरीर में लग जाती हैं। इसी क्रम में कान शरीर का वह हिस्सा है, जिसे लोग नजरअंदाज करते हैं। खासकर युवाओं को लगता है कि टोपी या मफलर पहनने से उनकी स्टाइल प्रभावित होगी।
कार पर पड़ता है सीधा असर
ऐसे में ठंडी हवा कानों पर भी असर डाल रही है। सर्दी, जुकाम होने पर कान में संक्रमण के मामले भी सामने आ रहे हैं। सीएमएस डाॅ. संजीव सक्सेना का कहना है कि ठंड के कारण नाक से कान के बीच स्थित यूस्टेकियन ट्यूब में नाक से पानी चला जाता है। इस पानी के कारण कान के मध्य में संक्रमण हो जाता है। कई बार कफ के कारण भी ट्यूब ब्लॉक हो जाता है।
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बर्फीली हवाओं का प्रकोप
पहाड़ों में बर्फबारी के बाद चल रही बर्फीली हवाओं से इस समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस हांड़ कंपा देने वाली ठंड से लोगों का हाल बुरा है। सर्दी से कई तरह की बीमारियां शरीर में लग जाती हैं। इसी क्रम में कान शरीर का वह हिस्सा है, जिसे लोग नजरअंदाज करते हैं। खासकर युवाओं को लगता है कि टोपी या मफलर पहनने से उनकी स्टाइल प्रभावित होगी।
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कार पर पड़ता है सीधा असर
ऐसे में ठंडी हवा कानों पर भी असर डाल रही है। सर्दी, जुकाम होने पर कान में संक्रमण के मामले भी सामने आ रहे हैं। सीएमएस डाॅ. संजीव सक्सेना का कहना है कि ठंड के कारण नाक से कान के बीच स्थित यूस्टेकियन ट्यूब में नाक से पानी चला जाता है। इस पानी के कारण कान के मध्य में संक्रमण हो जाता है। कई बार कफ के कारण भी ट्यूब ब्लॉक हो जाता है।
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सुनने की क्षमता होती है प्रभावित
इससे कान में संक्रमण होने के साथ ही सुनने की क्षमता भी मरीजों में कम हो जाती है। ठंड के मौसम में कान को ढक कर रखना चाहिए। जिला अस्पताल में लगभग सवा साल से ईएनटी नहीं हैं। कान की बीमारी से जुडे जो मरीज आते हैं उनको अन्य चिकित्सक देखकर इलाज कर देते हैं।
इससे कान में संक्रमण होने के साथ ही सुनने की क्षमता भी मरीजों में कम हो जाती है। ठंड के मौसम में कान को ढक कर रखना चाहिए। जिला अस्पताल में लगभग सवा साल से ईएनटी नहीं हैं। कान की बीमारी से जुडे जो मरीज आते हैं उनको अन्य चिकित्सक देखकर इलाज कर देते हैं।
कान में संक्रमण के लक्षण
- कान में भारीपन महसूस होना
- मवाद आना
- कान का बहना
- सिरदर्द
- भूख न लगना
- कानों में घंटी की आवाज आना
- उल्टी आना, चक्कर आना आदि लक्षण भी होते
कैसे करें बचाव
- बच्चों को कान में रूई लगाकर नहलाएं
- गर्म कपड़े और टोपी आदि लगाकर रखें
- संक्रमण होने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं
- बिना चिकित्सक की सलाह के कान में दवा न डालें
- कान में भारीपन महसूस होना
- मवाद आना
- कान का बहना
- सिरदर्द
- भूख न लगना
- कानों में घंटी की आवाज आना
- उल्टी आना, चक्कर आना आदि लक्षण भी होते
कैसे करें बचाव
- बच्चों को कान में रूई लगाकर नहलाएं
- गर्म कपड़े और टोपी आदि लगाकर रखें
- संक्रमण होने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं
- बिना चिकित्सक की सलाह के कान में दवा न डालें