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Kasganj News: एसडीएम के जमीन पर नहीं बैठने पर भड़के किसान, तहसील में 23 घंटे तक डाला डेरा
Sat, 16 May 2026 11:49 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Sat, 16 May 2026 11:49 PM IST
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फोटो 37 - सहावर में तहसील में मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करते भाकियू टिकैत के पदाधिकारी। स्र
सहावर। चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह शुक्रवार को अखाड़े में तब्दील हो गया। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के कार्यकर्ताओं और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के बीच जमीन पर बैठने को लेकर बहस के बाद गुस्साए किसानों ने वहीं तहसील परिसर में ही डेरा डाल लिया। तानाशाही नहीं चलेगी... के नारों के साथ वहीं चूल्हा तैयार करके खाना बनाया। करीब 23 घंटे तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चला। शनिवार को एडीएम और एएसपी के हस्तक्षेप के बाद धरना खत्म हुआ।
भाकियू जिलाध्यक्ष कृष्णा यादव के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता शुक्रवार को बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करने तहसील पहुंचे थे। श्रद्धांजलि सभा के बाद किसानों ने स्थानीय समस्याओं पर चर्चा के लिए एसडीएम एसएन त्रिपाठी को मौके पर बुलाया। किसानों की मांग थी कि एसडीएम उनके साथ जमीन पर बैठकर बात सुनें। चर्चा के दौरान जब किसानों ने एसडीएम से नीचे बैठने का आग्रह किया तो उन्होंने बीमारी का हवाला देते हुए जमीन पर बैठने में असमर्थता जताई। बस यही बात किसानों को चुभ गई। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि प्रशासनिक महकमे का अहंकार है।
एसडीएम के इस रवैये से नाराज किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने मौके पर ही अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान कर दिया। देखते ही देखते तहसील परिसर में ईंटें जोड़कर चूल्हा तैयार कर लिया गया और साझा चूल्हा शुरू कर किसानों ने वहीं खाना बनाना शुरू कर दिया। भाकियू मंडल अध्यक्ष रणवीर सिंह ने कहा कि बाबा टिकैत ने हमेशा किसानों के मान-सम्मान की लड़ाई लड़ी है। उनकी पुण्यतिथि के पवित्र दिन पर ही किसानों का यह अपमान कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक अधिकारियों का रवैया नहीं बदलता, आंदोलन जारी रहेगा।
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23 घंटे चला धरना, एडीएम-एएसपी ने संभाला मोर्चा
किसानों का धरना शुक्रवार की शाम करीब चार बजे से शुरू हुआ था, जो शनिवार तक जारी रहा। तहसील परिसर में भाकियू कार्यकर्ताओं की भीड़ डटी रही। मामला तूल पकड़ता देख जिला प्रशासन में खलबली मच गई। करीब 23 घंटे के बाद अपर जिलाधिकारी (एडीएम) दिग्विजय प्रताप और अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सुशील कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने किसानों को समझा-बुझाकर शांत किया। उनकी जायज मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उनके सकारात्मक रुख के बाद किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद धरना समाप्त करने की घोषणा की।
धरने में ये लोग रहे शामिल
प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष अब्दुल रियाज, जिला अध्यक्ष कृष्णा यादव, सुभाष चंद्र, अजमत अली, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा लक्ष्मी देवी, बच्चन देवी, वीरेंद्र सिंह, रत्नेश कुमार सहित तमाम भाकियू कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
धरने के दौरान एक किसान की बिगड़ी तबीयत
तहसील परिसर में प्रदर्शन के दौरान गया प्रसाद नाम के एक किसान की तबीयत खराब हो गई। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में एंबुलेंस के जरिए किसान को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया गया। अब किसान की हालत सामान्य बताई जा रही है।
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भाकियू जिलाध्यक्ष कृष्णा यादव के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता शुक्रवार को बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करने तहसील पहुंचे थे। श्रद्धांजलि सभा के बाद किसानों ने स्थानीय समस्याओं पर चर्चा के लिए एसडीएम एसएन त्रिपाठी को मौके पर बुलाया। किसानों की मांग थी कि एसडीएम उनके साथ जमीन पर बैठकर बात सुनें। चर्चा के दौरान जब किसानों ने एसडीएम से नीचे बैठने का आग्रह किया तो उन्होंने बीमारी का हवाला देते हुए जमीन पर बैठने में असमर्थता जताई। बस यही बात किसानों को चुभ गई। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि प्रशासनिक महकमे का अहंकार है।
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एसडीएम के इस रवैये से नाराज किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने मौके पर ही अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान कर दिया। देखते ही देखते तहसील परिसर में ईंटें जोड़कर चूल्हा तैयार कर लिया गया और साझा चूल्हा शुरू कर किसानों ने वहीं खाना बनाना शुरू कर दिया। भाकियू मंडल अध्यक्ष रणवीर सिंह ने कहा कि बाबा टिकैत ने हमेशा किसानों के मान-सम्मान की लड़ाई लड़ी है। उनकी पुण्यतिथि के पवित्र दिन पर ही किसानों का यह अपमान कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक अधिकारियों का रवैया नहीं बदलता, आंदोलन जारी रहेगा।
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23 घंटे चला धरना, एडीएम-एएसपी ने संभाला मोर्चा
किसानों का धरना शुक्रवार की शाम करीब चार बजे से शुरू हुआ था, जो शनिवार तक जारी रहा। तहसील परिसर में भाकियू कार्यकर्ताओं की भीड़ डटी रही। मामला तूल पकड़ता देख जिला प्रशासन में खलबली मच गई। करीब 23 घंटे के बाद अपर जिलाधिकारी (एडीएम) दिग्विजय प्रताप और अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सुशील कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने किसानों को समझा-बुझाकर शांत किया। उनकी जायज मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उनके सकारात्मक रुख के बाद किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद धरना समाप्त करने की घोषणा की।
धरने में ये लोग रहे शामिल
प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष अब्दुल रियाज, जिला अध्यक्ष कृष्णा यादव, सुभाष चंद्र, अजमत अली, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा लक्ष्मी देवी, बच्चन देवी, वीरेंद्र सिंह, रत्नेश कुमार सहित तमाम भाकियू कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
धरने के दौरान एक किसान की बिगड़ी तबीयत
तहसील परिसर में प्रदर्शन के दौरान गया प्रसाद नाम के एक किसान की तबीयत खराब हो गई। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में एंबुलेंस के जरिए किसान को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया गया। अब किसान की हालत सामान्य बताई जा रही है।