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Kasganj News: जब्त और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के लिए बनेगा डिटेंशन यार्ड, भूमि की तलाश तेज
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फोटो 03 कासगंज परिवहन विभाग फोटो। स्रोत: संवाद
कासगंज। शासन के सख्त निर्देशों के बाद अब जिले में जब्त, दुर्घटनाग्रस्त और कबाड़ वाहनों के व्यवस्थित रखरखाव की राह आसान होने जा रही है। इसके लिए जिला प्रशासन ने जिले में एक अत्याधुनिक डिटेंशन/डंपिंग यार्ड स्थापित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस यार्ड के बनने से न केवल पुलिस थानों और परिवहन कार्यालयों को अनावश्यक वाहनों के बोझ से मुक्ति मिलेगी, बल्कि वाहनों की सुरक्षा और उनके अभिलेखों के रख-रखाव में भी बड़ी सहूलियत होगी।
वर्तमान स्थिति यह है कि कार्रवाई के दौरान पकड़े गए, दुर्घटनाग्रस्त और लंबे समय से लावारिस पड़े वाहनों को पुलिस थानों, कोतवाली या एआरटीओ कार्यालय के परिसरों में खड़ा करना पड़ता है। इससे एक तरफ जहां कार्यालयों में भारी जगह की कमी हो जाती है, वहीं दूसरी ओर इन वाहनों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर भी लगातार समस्याएं बनी रहती हैं।
इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए परिवहन विभाग और तहसील प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। भूमि चयन की प्रक्रिया के तहत कुछ दिन पहले एआरटीओ आरपी मिश्र और संबंधित तहसीलदार ने गोरहा बाईपास तथा सोरोंजी पॉलीटेक्निक के आसपास के संभावित स्थलों का स्थलीय निरीक्षण भी किया था।
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हालांकि, अब तक यार्ड के लिए पूरी तरह उपयुक्त और मानक के अनुरूप भूमि का चयन नहीं हो पाया है। दोनों विभाग संयुक्त रूप से अन्य सुरक्षित स्थानों की तलाश में तेजी से जुटे हैं।
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थानों में खड़े हैं 55 से अधिक वाहन
आंकड़ों के मुताबिक, एआरटीओ की हालिया कार्रवाई में जब्त किए गए लगभग 55 छोटे-बड़े वाहन फिलहाल थानों और परिवहन विभाग के दफ्तरों में खड़े हैं। इसके अतिरिक्त, जिले के अन्य 10 थानों में भी दुर्घटनाग्रस्त और विभिन्न मामलों में जब्त किए गए वाहनों का बड़ा जखीरा पहले से ही जगह घेरे हुए है।
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वर्जन
डिटेंशन और डंपिंग यार्ड के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि की खोज का कार्य अंतिम चरण में है। भूमि मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस यार्ड के तैयार होने से थानों की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों में सुधार होगा। - आरपी मिश्र, एआरटीओ
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वर्तमान स्थिति यह है कि कार्रवाई के दौरान पकड़े गए, दुर्घटनाग्रस्त और लंबे समय से लावारिस पड़े वाहनों को पुलिस थानों, कोतवाली या एआरटीओ कार्यालय के परिसरों में खड़ा करना पड़ता है। इससे एक तरफ जहां कार्यालयों में भारी जगह की कमी हो जाती है, वहीं दूसरी ओर इन वाहनों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर भी लगातार समस्याएं बनी रहती हैं।
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इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए परिवहन विभाग और तहसील प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। भूमि चयन की प्रक्रिया के तहत कुछ दिन पहले एआरटीओ आरपी मिश्र और संबंधित तहसीलदार ने गोरहा बाईपास तथा सोरोंजी पॉलीटेक्निक के आसपास के संभावित स्थलों का स्थलीय निरीक्षण भी किया था।
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हालांकि, अब तक यार्ड के लिए पूरी तरह उपयुक्त और मानक के अनुरूप भूमि का चयन नहीं हो पाया है। दोनों विभाग संयुक्त रूप से अन्य सुरक्षित स्थानों की तलाश में तेजी से जुटे हैं।
थानों में खड़े हैं 55 से अधिक वाहन
आंकड़ों के मुताबिक, एआरटीओ की हालिया कार्रवाई में जब्त किए गए लगभग 55 छोटे-बड़े वाहन फिलहाल थानों और परिवहन विभाग के दफ्तरों में खड़े हैं। इसके अतिरिक्त, जिले के अन्य 10 थानों में भी दुर्घटनाग्रस्त और विभिन्न मामलों में जब्त किए गए वाहनों का बड़ा जखीरा पहले से ही जगह घेरे हुए है।
वर्जन
डिटेंशन और डंपिंग यार्ड के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि की खोज का कार्य अंतिम चरण में है। भूमि मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस यार्ड के तैयार होने से थानों की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों में सुधार होगा। - आरपी मिश्र, एआरटीओ