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UP: वंश चलाने को दंपती ने गोद लिया बच्चा, निठुर नियति ने 20 दिन में ही छीन लिया; निमोनिया से हो गई मौत

Sun, 28 Jan 2024 10:27 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sun, 28 Jan 2024 10:27 PM IST
सार

कासगंज में वंश चलाने के लिए दंपती ने बच्चा गोद लिया। लेकिन निठुर नियति ने गोद लेने के 20 दिन बाद ही उस मासूम की जिंदगी छीन ली। निमोनिया से उसकी मौत हो गई। 

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couple adopted child died of pneumonia after twenty days In Kasganj
मासूम निहाल का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के कासगंज में वंश चलाने के लिए दंपती ने बच्चे को गोद लिया। अभी उस बच्चे की किलकारियों से घर का आंगन ठीक से गूंज भी नहीं पाया था कि निठुर नियति ने उसे भी छीन लिया। 27 दिन के दुधमुंहे बच्चे की निमोनिया से रविवार को मौत हो गई। इसके बाद से माता-पिता सदमे में हैं। वहीं ग्रामीण भी दंपती का हाल देख भावुक हैं।

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हिम्मतपुर सई निवासी मनोज के चार बेटियां है। लगातार बेटी होने पर मनोज व उसकी पत्नी शशि ने वंश चलाने के लिए पुत्र को गोद लेने का निर्णय लिया। अपने इस निर्णय की जानकारी अपनी रिश्तेदारी में भी दी। जलेसर में रहने वाले उनके एक रिश्तेदार की मदद से दंपती ने लगभग एक सप्ताह के बालक को गोद ले लिया। उसका पालन-पोषण शुरू कर दिया। 
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दंपती ने बालक का नामकरण संस्कार करने के बाद उसका नाम निहाल रखा। बालक को अचानक सर्दी, खांसी का असर हुआ तो परिजन उसे दिखाने के लिए निजी चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने बालक को निमोनिया बताया। इलाज के बाद भी बालक की हालत में सुधार नहीं आया ओर उसकी मौत हो गई।

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20 दिन ही नसीब हुई पुत्र की खुशी

ग्राम हिम्मतपुर सई निवासी मनोज व उनकी पत्नी शशि को पुत्र की खुशी 20 दिन ही नसीब हुई। उनकी चार बेटियां है। लगातार बेटी होने से चिंतित दंपत्ति ने सात जनवरी को बेटा गोद ले लिया था, लेकिन निमोनिया ने बेटे की जान ले ली।

नवजात में निमोनिया के लक्षण

तेज बुखार, पसीना आना या ठंड लगना, नाखूनों या होठों का नीला पड़ना, सीने में घरघराहट महसूस होना और सांस लेने में दिक्कत महसूस होना। मौसम में इस समय काफी ठंड है। नवजात बच्चों को सर्दी से बचाना बेहद जरूरी है। नवजात के कमरे के तापमान को बनाए रखें। -डॉ. राजीव अग्रवाल, सीएमओ

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