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Kanpur: दिवाली पर घर पहुंचने की तड़प...खड़े खड़े किया सफर, ट्रेनों और बसों में बैठने तक की नहीं मिली जगह

Sun, 12 Nov 2023 01:13 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 12 Nov 2023 01:13 PM IST
सार

Kanpur News: कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर मूरी, नीलांचल, महाबोधि, कामाख्या, नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस, शिवगंगा, एलटीटी-गोरखपुर, सीमांचल एक्सप्रेस रुकीं तो खाने पीने के स्टॉलों में भीड़ उमड़ पड़ी। जिनको बैठने की जगह मिल गई थी, वह पानी तक खरीदने के लिए नहीं उतरे।

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Yearning to reach home on Diwali, travelled standing, couldnt even find space to sit in trains and buses
बसों और ट्रेनों में भीड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में दिवाली के एक दिन पहले रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों पर यात्रियों की जबरदस्त भीड़ रही। लोग ट्रेनों और बसों को पकड़ने के लिए शुक्रवार की रात में स्टाप पहुंच गए थे। रात भर यात्री अपनों के बीच दिवाली मनाने के लिए यात्रा की। घर जाने की तड़प ऐसी थी कि हर मुश्किल को बर्दाश्त कर खड़े खड़े यात्रियों ने सफर किया। 65 स्पेशल ट्रेनों ने काफी राहत दी, फिर भी करीब ढाई से तीन हजार यात्रियों ने वेटिंग टिकट लेकर यात्रा की। रविवार को हवाई जहाज का टिकट चार से पांच गुना तक महंगा बिका।

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बिहार जाने वाली ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं
दिल्ली, मुंबई से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश जाने वाली ट्रेनों में पैर रखने की भी जगह नहीं मिली। स्लीपर और एसी कोचों में यात्रियों ने वेटिंग टिकट लेकर यात्रा की। ऑनलाइन टिकट निरस्त हो जाता है, लिहाजा यात्रियों ने काउंटर टिकट लेकर यात्रा की। जनरल कोचों का हाल, तो बदतर था। यात्री टॉयलेट में बैठकर भी घरों को निकले। सामान रखने वाली सीटों के बीच चादर बांधकर बैठे।

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वेंडरों ने सामान पहुंचाने के लिए ओवरचार्जिंग की
कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर मूरी, नीलांचल, महाबोधि, कामाख्या, नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस, शिवगंगा, एलटीटी-गोरखपुर, सीमांचल एक्सप्रेस रुकीं तो खाने पीने के स्टॉलों में भीड़ उमड़ पड़ी। जिनको बैठने की जगह मिल गई थी, वह पानी तक खरीदने के लिए नहीं उतरे। वेंडरों ने भीड़ का फायदा उठाया और ट्रेन के भीतर सामान पहुंचाने के लिए ओवरचार्जिंग की। इसकी शिकायतें भी यात्रियों ने की।

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जीआरपी-आरपीएफ और चेकिंग स्टाफ दिखा लाचार
भीड़ को नियंत्रित करने में आरपीएफ और जीआरपी का स्टाफ नाकाम दिखा। चेकिंग स्टाफ भी भीड़ की वजह से ट्रेन में चेकिंग नहीं कर सका। टीटीई सिर्फ कोचों में अपनी अपनी सीट पर सफर कर ड्यूटी करते दिखे। दिल्ली से आ रही एनई एक्सप्रेस के टीटीई ने बताया कि स्लीपर में बैठने की जगह नहीं है। टिकट चेकिंग अकेले नहीं की जा सकती है।

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प्राइवेट टैक्सियों ने वसूला मनमाना किराया
झकरकटी बस अड्डे पर रायबरेली, हरदोई, अमेठी, प्रतापगढ़, राठ, हमीरपुर जैसे शहरों के लिए यात्रियों को चार-पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा। बसें कम पड़ गईं। यात्री बहुत थे, लिहाजा टाटमिल चौराहे और रामादेवी चौराहे पर खड़ी होने वाली निजी टैक्सियों ने मनमानी वसूली की। लखनऊ के लिए ढाई से तीन हजार रुपये लेकर छह-छह सवारियां भरी गईं। कानपुर आने वाले जिन यात्रियों को ट्रेनों में जगह नहीं मिली। वह ट्रैवेल एजेंसियों की बसों से फजलगंज और नौबस्ता में उतरे।

मुंबई, बंगलूरू से आज का टिकट चार गुना महंगा
कानपुर आने वाली दिल्ली, मुंबई और बंगलूरू की फ्लाइट पहले बुक हो चुकी हैं। रविवार की फ्लाइट में 10 प्रतिशत सीटें फ्लैक्सी किराये की बची थीं, वह चार गुना तक महंगी बुक हुईं। दिवाली के दिन मुंबई का रविवार का टिकट 16,927 रुपये, और बंगलूरू का किराया 22,555 रुपये में बुक हुआ। दिल्ली का टिकट 14,516 रुपये का बुक हुआ।

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