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कानपुर: मेट्रो निर्माण के दौरान मिट्टी धंसने से मजदूर की मौत, परिजनों ने लगाया ये आरोप
Thu, 19 Aug 2021 06:25 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 19 Aug 2021 06:25 PM IST
सार
ठेकेदार ने खुदाई के बाद मिट्टी की दीवार के चारों तरफ पटरे नहीं लगाए थे। इसके बाद भी संजीत को करीब 10 फीट गहरे गड्ढे में उतार दिया। इसी के चलते अचानक गड्ढे के चारों तरफ की मिट्टी भरभरा कर धंस गई।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कानपुर के कल्याणपुर में मेट्रो निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में मिट्टी धंसने से मजदूर की मौत हो गई। बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के कार्य कराये जाने का आरोप परिजनों ने लगाया है। मूलरूप से बिहार के सीतामढ़ी नेऊरीपी निवासी संजीत मांझी (31) मेट्रो स्टेशन के पास की जा रही खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी में धंस गए।
ठेकेदार आलोक के अनुसार मजदूरों की मदद से संजीत को बाहर निकाला और अस्पताल ले गए, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे संजीत के साले इंदल ने आरोप लगाया कि बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के गड्ढा खोदा जा रहा था।
ठेकेदार ने खुदाई के बाद मिट्टी की दीवार के चारों तरफ पटरे नहीं लगाए थे। इसके बाद भी संजीत को करीब 10 फीट गहरे गड्ढे में उतार दिया। इसी के चलते अचानक गड्ढे के चारों तरफ की मिट्टी भरभरा कर धंस गई। ठेकेदार के अनुसार खुदाई कार्य लगभग पूरा हो चुका था। 12 मजदूर बाहर आ चुके थे। आखिर में संजीत गड्ढे के बाहर निकलने का प्रयास करने लगा, तभी हादसा हो गया।
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बिना मुआवजा परिजन को चलता किया
इंदर ने बताया कि संजीत की पत्नी व पांच बच्चे गांव में रहते हैं। ठेकेदार आलोक सिंह ने मुआवजा दिए बिना ही चलता कर दिया। उन्होंने ठेकेदार के खिलाफ थाने में तहरीर देने की बात कही है। दूसरी तरफ जिम्मेदार कंपनी ने अपना पल्ला झाड़ लिया है।
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ठेकेदार आलोक के अनुसार मजदूरों की मदद से संजीत को बाहर निकाला और अस्पताल ले गए, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे संजीत के साले इंदल ने आरोप लगाया कि बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के गड्ढा खोदा जा रहा था।
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ठेकेदार ने खुदाई के बाद मिट्टी की दीवार के चारों तरफ पटरे नहीं लगाए थे। इसके बाद भी संजीत को करीब 10 फीट गहरे गड्ढे में उतार दिया। इसी के चलते अचानक गड्ढे के चारों तरफ की मिट्टी भरभरा कर धंस गई। ठेकेदार के अनुसार खुदाई कार्य लगभग पूरा हो चुका था। 12 मजदूर बाहर आ चुके थे। आखिर में संजीत गड्ढे के बाहर निकलने का प्रयास करने लगा, तभी हादसा हो गया।
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बिना मुआवजा परिजन को चलता किया
इंदर ने बताया कि संजीत की पत्नी व पांच बच्चे गांव में रहते हैं। ठेकेदार आलोक सिंह ने मुआवजा दिए बिना ही चलता कर दिया। उन्होंने ठेकेदार के खिलाफ थाने में तहरीर देने की बात कही है। दूसरी तरफ जिम्मेदार कंपनी ने अपना पल्ला झाड़ लिया है।