UP News: नसबंदी कराने में महिलाएं अव्वल, पुरुष निकले फिसड्डी, अभी भी फैली हैं कई तरह की भ्रांतियां
वित्तीय वर्ष 2020-21 में 947 महिलाओं के मुकाबले पांच पुरुषों ने नसंबदी कराई है। पुरुषों में नसबंदी को लेकर कई तरह की भ्रांतियां हैं। वहीं, डिप्टी सीएमओ ने भ्रांतियों को निराधार बताया है।
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कानपुर देहात जनपद में नसबंदी के मामले में महिलाएं पुरुषों से कई गुना आगे हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 में जहां 947 महिलाओं ने नसबंदी कराई वहीं, सिर्फ पांच पुरुष ही नसबंदी कराने की हिम्मत जुटा सके। पुरुषों में नसबंदी को लेकर कई तरह भ्रांतियां हैं। इस वजह से वह नसबंदी नहीं कराते हैं। पुरुषों को नसबंदी के लिए जागरूक करने के लिए कोई सामाजिक संस्था भी नहीं है। यही वजह है कि पुरुष नसबंदी का ग्राफ महिलाओं की अपेक्षा बहुत कम है।
परिवार नियोजन का स्थायी साधन नसबंदी एक सरल उपाय है। नसबंदी महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में कुछ ही मिनट में हो जाती है। इसके बावजूद पुरुष इसके प्रति जागरूक नहीं हो पा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 में जनपद में सिर्फ पांच पुरुषों ने नसबंदी कराई है। जबकि नसबंदी के मामले भी महिलाएं पुरुषों से कई कदम आगे हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 में ही 947 महिलाओं ने नसबंदी कराई है।
डिप्टी सीएमओ डॉ. आशीष बाजपेयी ने बताया कि पुरुषों में भ्रांति है कि नसबंदी से शारीरिक संबंध बनाने की क्षमता कम हो जाती है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। उन्होंने बताया कि पुरुष की क्षमता पहले की तरह ही रहेगी, जबकि महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों की नसबंदी सबसे आसान है। उन्होंने बताया कि बिना चीरा सिर्फ एक छोटा सा ऑपरेशन करना पड़ता है। इसके बाद पुरुष सप्ताह भर तक भारी सामान नहीं उठा सकते। इसके बाद सामान्य रूप से सब काम कर सकते हैं।