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हर साल रिवाइज होंगे पॉलिटेक्निक कोर्स
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Wed, 08 Jun 2016 12:28 AM IST
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स्कॉलरशिप टेस्ट देते विद्यार्थी
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर। राजकीय, अनुदानित और निजी पॉलिटेक्निक के 58 कोर्स अब हर साल रिवाइज होंगे। इसकी मंजूरी मुख्य सचिव आलोक रंजन और प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा मुकुल सिंघल ने 26 मई कोे दे दी है। शोध विकास संस्थान एवं प्रशिक्षण परिषद (आईआरडीटी) कानपुर के निदेशक कफिल अहमद ने कोर्स रिवाइज करने का शेड्यूल भी जारी कर दिया। अगस्त से दिसंबर 2016 के बीच कोर्स रिवाइज कर दिया जाएगा। इसका फायदा पॉलिटेक्निक फर्स्ट ईयर में सत्र 2016-17 से एडमिशन लेने वाले 1.30 लाख स्टूडेंटों को मिलेगा। अभी तक अलग-अलग साल के कोर्स तीन, चार और पांच साल में रिवाइज किए जाते थे।
पॉलिटेक्निक की पढ़ाई रोजगार परक और औद्योगिक इकाइयों के अनुरूप बनाई जाएगी। इसका खाका तैयार कर लिया गया है। इसके लिए आईआईटी कानपुर, एचबीटीआई, आईईटी लखनऊ और पॉलिटेक्निक के एक्सपर्ट नामित कर दिए गए। कोर्स रिवीजन में औद्योगिक इकाइयों को भी शामिल किया गया है। आईआरडीटी के निदेशक ने बताया कि कोर्स रिवीजन की वर्कशॉप जुलाई से शुरू होगी। इसका विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया गया। इसी सत्र से कोर्स बदलेगा। जल्द ही बदलाव का प्रस्ताव बनाकर प्राविधिक शिक्षा परिषद को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही पठन-पाठन का काम शुरू हो जाएगा। अब स्टूडेंटों के पर्सनैलिटी डेवलपमेंट और कम्युनिकेशन स्किल बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसा कोर्स पढ़ाने की कोशिश है, जो रोजगार दिलाने में सहायक हो सके। निदेशक ने बताया कि कानपुर नगर और कानपुर देहात सहित यूपी के अन्य शहरों 450 से ज्यादा राजकीय, अनुदानित और निजी पॉलिटेक्निक हैं। इनमें करीब 4 लाख स्टूडेंट पढ़ते हैं। बदले कोर्स की पढ़ाई फर्स्ट ईयर के 1.30 लाख स्टूडेंटों को करनी होगी। सेकेंड ईयर के स्टूडेंट सत्र 2017-18 और थर्ड ईयर के स्टूडेंट सत्र 2018-19 से करेंगे।
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पॉलिटेक्निक की पढ़ाई रोजगार परक और औद्योगिक इकाइयों के अनुरूप बनाई जाएगी। इसका खाका तैयार कर लिया गया है। इसके लिए आईआईटी कानपुर, एचबीटीआई, आईईटी लखनऊ और पॉलिटेक्निक के एक्सपर्ट नामित कर दिए गए। कोर्स रिवीजन में औद्योगिक इकाइयों को भी शामिल किया गया है। आईआरडीटी के निदेशक ने बताया कि कोर्स रिवीजन की वर्कशॉप जुलाई से शुरू होगी। इसका विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया गया। इसी सत्र से कोर्स बदलेगा। जल्द ही बदलाव का प्रस्ताव बनाकर प्राविधिक शिक्षा परिषद को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही पठन-पाठन का काम शुरू हो जाएगा। अब स्टूडेंटों के पर्सनैलिटी डेवलपमेंट और कम्युनिकेशन स्किल बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसा कोर्स पढ़ाने की कोशिश है, जो रोजगार दिलाने में सहायक हो सके। निदेशक ने बताया कि कानपुर नगर और कानपुर देहात सहित यूपी के अन्य शहरों 450 से ज्यादा राजकीय, अनुदानित और निजी पॉलिटेक्निक हैं। इनमें करीब 4 लाख स्टूडेंट पढ़ते हैं। बदले कोर्स की पढ़ाई फर्स्ट ईयर के 1.30 लाख स्टूडेंटों को करनी होगी। सेकेंड ईयर के स्टूडेंट सत्र 2017-18 और थर्ड ईयर के स्टूडेंट सत्र 2018-19 से करेंगे।
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