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कानपुर: पनकी पॉवर प्लांट में हंगामा, काम बंद, मजदूर की मौत के आठ दिन बाद भी नहीं मिला मुआवजा
Wed, 14 Jul 2021 10:07 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 14 Jul 2021 10:07 PM IST
सार
बुधवार को मृतक की मां उर्मिला और बहन पिंकी पनकी पॉवर प्लांट पहुंचीं और अन्य मजदूरों के साथ 20 लाख रुपये की मांग करने लगीं। उनके समर्थन में दूसरे मजदूरों ने भी काम बंद कर धरना दिया।
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पनकी पॉवर प्लांट में हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर में निर्माणाधीन पनकी पॉवर प्लांट के श्रमिक की मौत के आठ दिन बाद भी मुआवजा न मिलने पर बुधवार को साथी श्रमिकों ने हंगामा किया। मजदूरों ने काम बंद कर दिया और प्रबंधन व ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी की।
पुलिस ने बीचबचाव कर 12 लाख रुपये मुआवजा राशि देने का समझौता कराकर मामला शांत कराया। कन्नौज के ढेवड़ा गांव का अमित कुमार (24) पनकी में मजदूरी करता था। पांच जुलाई को वह काम करके तिरपाल बिछाकर जमीन पर सो गया।
तभी ट्रैक्टर को बैक करते समय पहिये के नीचे आने से उसकी मौत हो गई। अमित अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी मौत की जानकारी अन्य मजदूरों ने परिजनों को दी थी। लेकिन, ठेकेदार ने पुलिस को घटना की जानकारी दिए बिना उसकी मां उर्मिला को गुमराह कराकर अंतिम संस्कार करा दिया और उसे 20 हजार रुपये पकड़ाकर गांव भेज दिया।
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अन्य मजदूरों को बताया कि परिजनों को पूरा मुआवजा दे दिया गया है। बुधवार को मृतक की मां उर्मिला और बहन पिंकी पनकी पॉवर प्लांट पहुंचीं और अन्य मजदूरों के साथ 20 लाख रुपये की मांग करने लगीं। उनके समर्थन में दूसरे मजदूरों ने भी काम बंद कर धरना दिया।
पुलिस पहुंची तो कार्यदायी संस्था बीएचईएल के अधीन काम मरने वाली कंपनी सिम्पलेक्स के प्रबंधक ने दो लाख रुपये कैश और बीमा का 10 लाख रुपये तीन माह बाद देने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हुआ।
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पुलिस ने बीचबचाव कर 12 लाख रुपये मुआवजा राशि देने का समझौता कराकर मामला शांत कराया। कन्नौज के ढेवड़ा गांव का अमित कुमार (24) पनकी में मजदूरी करता था। पांच जुलाई को वह काम करके तिरपाल बिछाकर जमीन पर सो गया।
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तभी ट्रैक्टर को बैक करते समय पहिये के नीचे आने से उसकी मौत हो गई। अमित अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी मौत की जानकारी अन्य मजदूरों ने परिजनों को दी थी। लेकिन, ठेकेदार ने पुलिस को घटना की जानकारी दिए बिना उसकी मां उर्मिला को गुमराह कराकर अंतिम संस्कार करा दिया और उसे 20 हजार रुपये पकड़ाकर गांव भेज दिया।
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अन्य मजदूरों को बताया कि परिजनों को पूरा मुआवजा दे दिया गया है। बुधवार को मृतक की मां उर्मिला और बहन पिंकी पनकी पॉवर प्लांट पहुंचीं और अन्य मजदूरों के साथ 20 लाख रुपये की मांग करने लगीं। उनके समर्थन में दूसरे मजदूरों ने भी काम बंद कर धरना दिया।
पुलिस पहुंची तो कार्यदायी संस्था बीएचईएल के अधीन काम मरने वाली कंपनी सिम्पलेक्स के प्रबंधक ने दो लाख रुपये कैश और बीमा का 10 लाख रुपये तीन माह बाद देने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हुआ।
एक मजदूर की हादसे में मौत हो गई थी। उसके परिजन बुधवार को कंपनी से मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। इसको लेकर कुछ देर काम बाधित हुआ। बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया और मामला शांत है।- आरपी सक्सेना, महाप्रबंधक, पनकी पॉवर प्लांट