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UP Police Result: बगैर कोचिंग तैयारी, एक-दूसरे से लिया ज्ञान, पहला नंबर पाने वाले योगेंद्र के संघर्ष की कहानी
Tue, 18 Mar 2025 10:29 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, महोबा
अमर उजाला नेटवर्क, महोबा
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 18 Mar 2025 10:29 AM IST
सार
यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में महोबा के योगेंद्र सिंह ने प्रदेश में पहला स्थान पाया है। उन्होंने बिना कोचिंग की तैयारी की, एक-दूसरे से ज्ञान हासिल कर सफलता पाई। पढ़ें उनके संघर्ष की कहानी
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योगेंद्र सिंह
- फोटो : परिजन
विस्तार
उत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा में जिले के होनहार छात्र योगेंद्र सिंह ने कामयाबी की इबारत लिख दी है। योगेंद्र ने भर्ती परीक्षा में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। उसे बधाई देने वालों का तांता लगा है। योगेंद्र के पिता मेहनत-मजदूरी का काम करते हैं। उसने बिना किसी कोचिंग के यह सफलता हासिल की है।
सिपाही नागरिक पुलिस के पदों पर सीधी भर्ती के लिए पिछले वर्ष लिखित परीक्षा कराई गई थी। इसके बाद शारीरिक दक्षता व दौड़ कराई गई। सोमवार को भर्ती परीक्षा की मेरिट लिस्ट जारी की गई। इसमें जनपद महोबा के खरेला क्षेत्र के पाठा गांव निवासी योगेंद्र ने टॉप किया है।
मामा कुबेर सिंह ने बताया कि योगेंद्र के पिता सिजौरा गांव के रहने वाले हैं। योगेंद्र का जन्म अपने ननिहाल पाठा गांव में हुआ था। वह अपने ननिहाल में रहकर पढ़ाई कर रहा है। उसके पिता कामता सिंह फरीदाबाद में एक निजी कंपनी में मजदूरी करते हैं।
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योगेंद्र शुरू से ही पढ़ाई में बेहद होशियार है। उसने शहर के डीएवी इंटर कॉलेज से 84 फीसदी अंकों के साथ हाईस्कूल व 85 फीसदी अंकों के साथ इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की।
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सिपाही नागरिक पुलिस के पदों पर सीधी भर्ती के लिए पिछले वर्ष लिखित परीक्षा कराई गई थी। इसके बाद शारीरिक दक्षता व दौड़ कराई गई। सोमवार को भर्ती परीक्षा की मेरिट लिस्ट जारी की गई। इसमें जनपद महोबा के खरेला क्षेत्र के पाठा गांव निवासी योगेंद्र ने टॉप किया है।
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मामा कुबेर सिंह ने बताया कि योगेंद्र के पिता सिजौरा गांव के रहने वाले हैं। योगेंद्र का जन्म अपने ननिहाल पाठा गांव में हुआ था। वह अपने ननिहाल में रहकर पढ़ाई कर रहा है। उसके पिता कामता सिंह फरीदाबाद में एक निजी कंपनी में मजदूरी करते हैं।
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योगेंद्र शुरू से ही पढ़ाई में बेहद होशियार है। उसने शहर के डीएवी इंटर कॉलेज से 84 फीसदी अंकों के साथ हाईस्कूल व 85 फीसदी अंकों के साथ इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की।
पॉलीटेक्निक से डिप्लोमा इंजीनियरिंग की पढ़ाई की
इसके बाद उसने पॉलीटेक्निक से डिप्लोमा इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद उसने राजकीय महाविद्यालय चरखारी से स्नातक उत्तीर्ण किया। योगेंद्र अपने माता-पिता का एकलौता पुत्र है। जबकि उसकी दो बहनों आशा व रोहिणी की शादी हो चुकी है।
इसके बाद उसने पॉलीटेक्निक से डिप्लोमा इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद उसने राजकीय महाविद्यालय चरखारी से स्नातक उत्तीर्ण किया। योगेंद्र अपने माता-पिता का एकलौता पुत्र है। जबकि उसकी दो बहनों आशा व रोहिणी की शादी हो चुकी है।
इनकम टैक्स विभाग में ग्रुप डी में भी हो चुका चयन
इससे पहले एक वर्ष पूर्व योगेंद्र का इनकम टैक्स विभाग में ग्रुप डी में भी चयन हो चुका है। उसे पटियाला में ज्वाइनिंग मिली थी लेकिन उसने ज्वाइन नहीं किया और पुलिस भर्ती की तैयारी करता रहा। अब उसे प्रदेश में पहला स्थान मिला है।
इससे पहले एक वर्ष पूर्व योगेंद्र का इनकम टैक्स विभाग में ग्रुप डी में भी चयन हो चुका है। उसे पटियाला में ज्वाइनिंग मिली थी लेकिन उसने ज्वाइन नहीं किया और पुलिस भर्ती की तैयारी करता रहा। अब उसे प्रदेश में पहला स्थान मिला है।
बिना कोचिंग की तैयारी, एक-दूसरे से ज्ञान हासिल कर पाई सफलता
योगेंद्र ने पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए किसी भी कोचिंग का सहारा नहीं लिया। वह शहर के कीरत सागर क्लब व पुस्तकालय में तैयारी करता रहा। कीरत सागर में युवा तैयारी करते हैं और एक-दूसरे को निशुल्क ज्ञान देते हैं। योगेंद्र ने पुलिस भर्ती के लिए कड़ी मेहनत के साथ तैयारी की।
योगेंद्र ने पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए किसी भी कोचिंग का सहारा नहीं लिया। वह शहर के कीरत सागर क्लब व पुस्तकालय में तैयारी करता रहा। कीरत सागर में युवा तैयारी करते हैं और एक-दूसरे को निशुल्क ज्ञान देते हैं। योगेंद्र ने पुलिस भर्ती के लिए कड़ी मेहनत के साथ तैयारी की।
उसने प्रति दिन आठ से दस घंटे पढ़ाई की। सिलेबस के प्रत्येक पाठ्यक्रम पर बराबर ध्यान दिया। लिखित परीक्षा पास करने के बाद उसने शारीरिक दक्षता परीक्षा की मेहनत के साथ तैयारी की। परिणाम व मेरिट सूची जारी होने के बाद उसे पहला स्थान मिलने पर परिजन खासे खुश हैं।