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आज के बाद थम जाएगा प्रचार
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 17 Feb 2017 01:46 AM IST
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डेमो पिक
विधानसभा चुनाव के प्रचार का आज अंतिम दिन है। कानपुर के विधानसभा चुनाव के इतिहास में शायद ऐसा पहली बार हुआ कि मतदान की डेट घोषित होने से लेकर प्रचार के अंतिम दिन तक राजनीतिक पार्टियों में इतनी खींचतान मची हो। इससे सबसे ज्यादा कांग्रेसी और सपाई जूझते रहे। बसपा में भी टिकट की बगावत दिखी। भाजपा में अंदरखाने खींचतान चलती रही।
बात कांग्रेस और सपा गठबंधन की। 11 फरवरी से शुरू हुए मतदान के लिए जनवरी के तीसरे सप्ताह में दोनों दलों के बीच गठबंधन पर सहमति बनी। इसके बाद मामला सीटों के बंटवारे पर ऐसा फंसा कि आज तक सुलझ नहीं पाया। गठबंधन में नगर ग्रामीण की 10 सीटों में कांग्रेस को चार और सपा को 6 सीटें मिलीं थीं। सीटों पर मनचाहे प्रत्याशियों को फिट करने की कोशिश ने मामला ऐसा उलझाया कि आर्यनगर, कैंट, महाराजपुर, किदवईनगर सीट से दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों ने नामांकन करा लिए।
टिकट बंटवारे का ऐसा असंतोष रहा कि कांग्रेस के नगर ग्रामीण अध्यक्ष पार्टी छोड़ भाजपा में चले गए। मान-मनौव्वल का दौर चला तो किदवई नगर से सपा प्रत्याशी ने अपना नाम वापस ले लिया। आर्यनगर से कांग्रेस प्रत्याशी ने सपा को समर्थन की घोषणा कर दी। कैंट और महाराजपुर में दोनों दलों के प्रत्याशियों का प्रचार मंगलवार तक जारी रहा। बुधवार को कैंट से सपा प्रत्याशी ने कांग्रेस प्रत्याशी के लिए मैदान छोड़ दिया।
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प्रचार का अंतिम दिन आ गया है और महाराजपुर सीट पर दोनों पार्टियों के प्रत्याशी मैदान में हैं। नामांकन करा लेने के कारण दोनों पार्टियों के सिंबल ईवीएम में मौजूद हैं। बसपा में भी टिकने कटने और मिलने का सिलसिला जारी रहा। चुनाव घोषित होने के बाद भी प्रत्याशी बदले जाते रहे। आर्यनगर सीट से घोषित प्रत्याशी ने टिकट कटने पर कांग्रेस ज्वाइन कर ली। कई और बसपाइयों ने कांग्रेस का दामन थाम लिया।
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बात कांग्रेस और सपा गठबंधन की। 11 फरवरी से शुरू हुए मतदान के लिए जनवरी के तीसरे सप्ताह में दोनों दलों के बीच गठबंधन पर सहमति बनी। इसके बाद मामला सीटों के बंटवारे पर ऐसा फंसा कि आज तक सुलझ नहीं पाया। गठबंधन में नगर ग्रामीण की 10 सीटों में कांग्रेस को चार और सपा को 6 सीटें मिलीं थीं। सीटों पर मनचाहे प्रत्याशियों को फिट करने की कोशिश ने मामला ऐसा उलझाया कि आर्यनगर, कैंट, महाराजपुर, किदवईनगर सीट से दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों ने नामांकन करा लिए।
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टिकट बंटवारे का ऐसा असंतोष रहा कि कांग्रेस के नगर ग्रामीण अध्यक्ष पार्टी छोड़ भाजपा में चले गए। मान-मनौव्वल का दौर चला तो किदवई नगर से सपा प्रत्याशी ने अपना नाम वापस ले लिया। आर्यनगर से कांग्रेस प्रत्याशी ने सपा को समर्थन की घोषणा कर दी। कैंट और महाराजपुर में दोनों दलों के प्रत्याशियों का प्रचार मंगलवार तक जारी रहा। बुधवार को कैंट से सपा प्रत्याशी ने कांग्रेस प्रत्याशी के लिए मैदान छोड़ दिया।
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प्रचार का अंतिम दिन आ गया है और महाराजपुर सीट पर दोनों पार्टियों के प्रत्याशी मैदान में हैं। नामांकन करा लेने के कारण दोनों पार्टियों के सिंबल ईवीएम में मौजूद हैं। बसपा में भी टिकने कटने और मिलने का सिलसिला जारी रहा। चुनाव घोषित होने के बाद भी प्रत्याशी बदले जाते रहे। आर्यनगर सीट से घोषित प्रत्याशी ने टिकट कटने पर कांग्रेस ज्वाइन कर ली। कई और बसपाइयों ने कांग्रेस का दामन थाम लिया।