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खेत में तीन मोर के शव मिलने से हड़कंप
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 06 Jan 2017 12:02 AM IST
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इटावा के बकेवर इलाके के एक गांव के खेत में तीन मोर के शव मिलने से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने फौरन सामाजिक वानिकी कर्मियों इत्तला दी। टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों मोर के शव एकत्रित कर पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिए।
घटना बकेवर के हर्राजपुर गांव की है। यहां एक सरसों के खेत में तीन मोर के शव मिले हैं। सामाजिक वानिकी कर्मियों ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए महेवा पशु चिकित्सालय भेजा है।
बताया जाता है कि बकेवर कस्बे के समीपवर्ती ग्राम हर्राजपुरा स्थित रामचंद्र शर्मा के सरसों के खेतों में गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने तीन मोरों के शवों को देखा। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पहले तो 100 नंबर पर दी। काफी देर बाद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची तो ग्रामीणों ने इसकी सूचना सामाजिक वानिकी लखना को दी।
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घटना बकेवर के हर्राजपुर गांव की है। यहां एक सरसों के खेत में तीन मोर के शव मिले हैं। सामाजिक वानिकी कर्मियों ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए महेवा पशु चिकित्सालय भेजा है।
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बताया जाता है कि बकेवर कस्बे के समीपवर्ती ग्राम हर्राजपुरा स्थित रामचंद्र शर्मा के सरसों के खेतों में गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने तीन मोरों के शवों को देखा। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पहले तो 100 नंबर पर दी। काफी देर बाद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची तो ग्रामीणों ने इसकी सूचना सामाजिक वानिकी लखना को दी।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा मौत का खुलासा
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वन दरोगा बृजकिशोर यादव, वन रक्षक श्रीराम, केटिल गार्ड बेटन सिंह दोपहर दो बजे मौके पर पहुंचे। उन्होंने शवों को कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम के लिए महेवा स्थित पशु चिकित्सालय भेजा। इन मोरों की मृत्यु के चार दिन पहले भी लुधियानी स्थित एक खेत में मोर का शव मिला था। सामाजिक वानिकी के क्षेत्राधिकारी लखना वीके सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं मिली है।
मौत का कारण रिपोर्ट मिलने पर ही पता चल सकेगा। वहीं लोगों ने मोरों के मौत के संबंध में अंदेशा व्यक्त किया है कि गांव के आसपास के लोग आलू सरसों के साथ साथ मटर की भी खेती करते हैं। मटर की फसल को कीटों के साथ साथ पक्षियों से बचाने के लिए जहरीली दवाएं भी रखते हैं। इन फसलों को खाने से भी मोरों की मौत हो सकती है।
मौत का कारण रिपोर्ट मिलने पर ही पता चल सकेगा। वहीं लोगों ने मोरों के मौत के संबंध में अंदेशा व्यक्त किया है कि गांव के आसपास के लोग आलू सरसों के साथ साथ मटर की भी खेती करते हैं। मटर की फसल को कीटों के साथ साथ पक्षियों से बचाने के लिए जहरीली दवाएं भी रखते हैं। इन फसलों को खाने से भी मोरों की मौत हो सकती है।