{"_id":"6ade70c7d9561559a404ff26","slug":"the-magic-of-kailash-kher-songs-unfolds-in-the-moonlight-of-sharad-purnima-kanpur-news-c-12-1-knp1049-1694506-2026-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: शरद पूर्णिमा की चांदनी में बिखरा कैलाश खेर के गीतों का जादू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: शरद पूर्णिमा की चांदनी में बिखरा कैलाश खेर के गीतों का जादू
विज्ञापन
कानपुर। श्रीरामलीला सोसाइटी के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रविवार शाम शरद पूर्णिमा पर परेड स्थित रामलीला मैदान में मधुर शाम प्रभु श्रीराम के नाम कार्यक्रम आयोजित किया गया। पद्मश्री गायक कैलाश खेर की सुरमयी प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके गीतों पर दर्शक हाथ उठाकर झूमते और साथ गाते नजर आए। रामभजनों की प्रस्तुतियों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। मंच पर कौंधती लेजर लाइट ने कार्यक्रम की भव्यता बढ़ा दी।
आरती के बाद मैथिली और मनु ने रामभजनों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद श्रीरामलीला सोसाइटी की 150 वर्षों की यात्रा पर आधारित वीडियो फिल्म दिखाई गई। इसमें दर्शकों ने वर्ष 1877 से लेकर अब तक सोसाइटी की रामलीला के इतिहास और सफर को देखा।
कैलाश खेर और उनके कैलासा बैंड के संगीत की गूंज दूर तक सुनाई दी। खेर ने रांझा-रांझा करते-करते, खुद ही रांझा होई और दो नैना मत खाइयो, मुझे पिया मिलन की आस... जैसे गीत सुनाए। इसके बाद मैं तो तेरे प्यार में दीवाना हो गया और दिलरुबा ये बता, क्या करूं तेरे सिवा ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने चतुर सुजान मुझे पहचान, मैं करूं शृंगार तो शरमाए ये दर्पण... जैसे गीतों के साथ अजी मैं तो राम ही भजूं, राम ही पार लगाते और बाहर राम, भीतर राम, मेरे रोम-रोम में राम सुनाकर माहौल को और भक्तिमय बना दिया। कैलाश खेर ने अमीर खुसरो का प्रसिद्ध गीत गोरी सोवे सेज पर, मुख पर डाले केस भी सुनाया। इसके बाद शिव वंदना और राम के रतजगे की प्रस्तुति दी। तेज संगीत और भक्तिमय गीतों पर श्रोता खुद को झूमने से रोक नहीं पाए। खेर ने बताया कि वह पहली बार मंच से राम का रतजगा प्रस्तुत कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी इसकी धूम है।
विज्ञापन
कार्यक्रम से पहले सिविल लाइंस स्थित होटल में सोसाइटी के पदाधिकारियों ने कैलाश खेर की आरती उतारी और उन्हें रामनामी व रुद्राक्ष की माला पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर, केस्को एमडी और सोसाइटी के पदाधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर सोसाइटी के अध्यक्ष महेंद्र मोहन गुप्त, मंत्री आलोक अग्रवाल, हर्ष अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल, कनिष्का अग्रवाल और शिल्पी अग्रवाल उपस्थित रहे।
विज्ञापन
आरती के बाद मैथिली और मनु ने रामभजनों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद श्रीरामलीला सोसाइटी की 150 वर्षों की यात्रा पर आधारित वीडियो फिल्म दिखाई गई। इसमें दर्शकों ने वर्ष 1877 से लेकर अब तक सोसाइटी की रामलीला के इतिहास और सफर को देखा।
विज्ञापन
कैलाश खेर और उनके कैलासा बैंड के संगीत की गूंज दूर तक सुनाई दी। खेर ने रांझा-रांझा करते-करते, खुद ही रांझा होई और दो नैना मत खाइयो, मुझे पिया मिलन की आस... जैसे गीत सुनाए। इसके बाद मैं तो तेरे प्यार में दीवाना हो गया और दिलरुबा ये बता, क्या करूं तेरे सिवा ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने चतुर सुजान मुझे पहचान, मैं करूं शृंगार तो शरमाए ये दर्पण... जैसे गीतों के साथ अजी मैं तो राम ही भजूं, राम ही पार लगाते और बाहर राम, भीतर राम, मेरे रोम-रोम में राम सुनाकर माहौल को और भक्तिमय बना दिया। कैलाश खेर ने अमीर खुसरो का प्रसिद्ध गीत गोरी सोवे सेज पर, मुख पर डाले केस भी सुनाया। इसके बाद शिव वंदना और राम के रतजगे की प्रस्तुति दी। तेज संगीत और भक्तिमय गीतों पर श्रोता खुद को झूमने से रोक नहीं पाए। खेर ने बताया कि वह पहली बार मंच से राम का रतजगा प्रस्तुत कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी इसकी धूम है।
विज्ञापन
कार्यक्रम से पहले सिविल लाइंस स्थित होटल में सोसाइटी के पदाधिकारियों ने कैलाश खेर की आरती उतारी और उन्हें रामनामी व रुद्राक्ष की माला पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर, केस्को एमडी और सोसाइटी के पदाधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर सोसाइटी के अध्यक्ष महेंद्र मोहन गुप्त, मंत्री आलोक अग्रवाल, हर्ष अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल, कनिष्का अग्रवाल और शिल्पी अग्रवाल उपस्थित रहे।