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समर डायरिया बेकाबू: दो बच्चों की मौत, बोतल से दूध पीने वाले बच्चों को ज्यादा दिक्कत
Wed, 27 Apr 2022 09:48 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 27 Apr 2022 09:48 PM IST
सार
डॉ. जेके गुप्ता ने बताया कि वायरल और बैक्टीरियल दोनों तरह के डायरिया रोगी आ रहे हैं। इस वक्त जितने बार बच्चे को दूध पिलाएं, उतनी बार बोतल साफ करें। अगर खूनी डायरिया है तो तुरंत बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराएं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कानपुर में गर्मी की वजह से समर डायरिया बेकाबू हो रहा है। बड़ों से ज्यादा बच्चे चपेट में आ रहे हैं। बालरोग अस्पताल फुल हो गया। क्षमता से अधिक बच्चे भर्ती हैं। इसके साथ ही डायरिया होने के बाद निमोनिया भी हो रहा है। इसी वजह से दो बच्चों की मौत हो गई। लू के थपेड़े बदस्तूर जारी हैं।
हैलट ओपीडी में लू लगने के 12 रोगी आए। इनमें शरीर में जलन होने और मुंह सूखने के लक्षण थे। विशेषज्ञों का कहना है कि बोतल से दूध पीने वाले बच्चों को अधिक संक्रमण हो रहा है। बोतल ढंग से साफ न किए जाने से बैक्टीरिया पेट में चला जाता है। यही संक्रमण फेफड़ों तक पहुंच जाता है।
नेशनल शिशु फोरम के अध्यक्ष डॉ. जेके गुप्ता ने बताया कि वायरल और बैक्टीरियल दोनों तरह के डायरिया रोगी आ रहे हैं। इस वक्त जितने बार बच्चे को दूध पिलाएं, उतनी बार बोतल साफ करें। अगर खूनी डायरिया है तो तुरंत बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराएं।
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यही संक्रमण फेफड़ों तक पहुंच जा रहा है। इसके अलावा इस वक्त बच्चों को कहीं पार्टियों में न ले जाएं। डायरिया से आजाद नगर के प्रताप के डेढ़ साल के बेटे और नवाबगंज के कन्हैया के दो साल की बेटी की डायरिया से मौत हो गई। इन रोगियों को निमोनिया भी रहा है।
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हैलट ओपीडी में लू लगने के 12 रोगी आए। इनमें शरीर में जलन होने और मुंह सूखने के लक्षण थे। विशेषज्ञों का कहना है कि बोतल से दूध पीने वाले बच्चों को अधिक संक्रमण हो रहा है। बोतल ढंग से साफ न किए जाने से बैक्टीरिया पेट में चला जाता है। यही संक्रमण फेफड़ों तक पहुंच जाता है।
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नेशनल शिशु फोरम के अध्यक्ष डॉ. जेके गुप्ता ने बताया कि वायरल और बैक्टीरियल दोनों तरह के डायरिया रोगी आ रहे हैं। इस वक्त जितने बार बच्चे को दूध पिलाएं, उतनी बार बोतल साफ करें। अगर खूनी डायरिया है तो तुरंत बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराएं।
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यही संक्रमण फेफड़ों तक पहुंच जा रहा है। इसके अलावा इस वक्त बच्चों को कहीं पार्टियों में न ले जाएं। डायरिया से आजाद नगर के प्रताप के डेढ़ साल के बेटे और नवाबगंज के कन्हैया के दो साल की बेटी की डायरिया से मौत हो गई। इन रोगियों को निमोनिया भी रहा है।