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आत्महत्या या हत्या!
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Mon, 16 Nov 2015 02:00 AM IST
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कल्याणपुर के सिद्धार्थ नगर में रविवार सुबह रिटायर्ड फौजी की बेटी की संदिग्ध हालात में लाइसेंसी रिवॉल्वर की गोली लगने से मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि बेटी ने पिता की रिवॉल्वर से खुद गोली मारकर खुदकुशी की है, जबकि पुलिस और फोरेंसिक टीम घटना को संदिग्ध मान रही हैं।
संदेह का सबसे बड़ा कारण यह कि रिवॉल्वर में फिंगर प्रिंट ही नहीं मिले हैं और रिवॉल्वर शव से दूर पड़ा मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली के कोण, मां-बाप के बयान और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से भी मामला उलझ रहा है। पुलिस कई बिंदुओं पर छानबीन कर रही है जिसमें ऑनर किलिंग का बिंदु भी शामिल है।
गुबा गार्डेन सिद्धार्थ नगर निवासी रामेंद्र सिंह सेना के रिटायर्ड नायब सूबेदार हैं। घर में पत्नी गीता, तीन बच्चे शिखा (17), प्रशांत (15) और बड़ी शालू (25) हैं। शिखा इंटर की छात्रा है, प्रशांत फर्स्ट ईयर और शालू अंग्रेजी से एमए, बीएड करने के बाद कंप्टीशन की तैयारी कर रही थी। वह एनसीसी भी किए थी।
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रामेंद्र ने बताया कि घर से कुछ दूर स्थित प्लाट में गाय पाल रखी है। रविवार सुबह करीब आठ बजे वह पत्नी के साथ प्लाट पर गाय का दूध दुहने गए थे। घर में प्रशांत और शालू एक कमरे में सो रहे थे। छोटी बेटी शिखा कोचिंग गई थी।
दूध दुहकर लौटे तो बड़ी बेटी शालू (25) का शव कमरे में तख्त पर लहूलुहान हालत में पड़ा था। सीने से खून बह रहा था। पैर के पास रामेंद्र की लाइसेंसी रिवॉल्वर पड़ी थी। उस समय प्रशांत बगल के कमरे में सोता मिला। दंपति की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी आए और फिर पुलिस को सूचना दी गई।
कल्याणपुर सीओ असित श्रीवास्तव, कार्यवाहक एसओ फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम बुलाई गई। फोरेंसिक टीम ने रिवॉल्वर जब्त की, शालू के हाथों का गन शॉट रेजीड्यूज (जीएसआर) टेस्ट कराया। इससे यह पता चल जाएगा कि शालू के हाथ में बारूद के कण हैं या नहीं।
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संदेह का सबसे बड़ा कारण यह कि रिवॉल्वर में फिंगर प्रिंट ही नहीं मिले हैं और रिवॉल्वर शव से दूर पड़ा मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली के कोण, मां-बाप के बयान और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से भी मामला उलझ रहा है। पुलिस कई बिंदुओं पर छानबीन कर रही है जिसमें ऑनर किलिंग का बिंदु भी शामिल है।
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गुबा गार्डेन सिद्धार्थ नगर निवासी रामेंद्र सिंह सेना के रिटायर्ड नायब सूबेदार हैं। घर में पत्नी गीता, तीन बच्चे शिखा (17), प्रशांत (15) और बड़ी शालू (25) हैं। शिखा इंटर की छात्रा है, प्रशांत फर्स्ट ईयर और शालू अंग्रेजी से एमए, बीएड करने के बाद कंप्टीशन की तैयारी कर रही थी। वह एनसीसी भी किए थी।
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रामेंद्र ने बताया कि घर से कुछ दूर स्थित प्लाट में गाय पाल रखी है। रविवार सुबह करीब आठ बजे वह पत्नी के साथ प्लाट पर गाय का दूध दुहने गए थे। घर में प्रशांत और शालू एक कमरे में सो रहे थे। छोटी बेटी शिखा कोचिंग गई थी।
दूध दुहकर लौटे तो बड़ी बेटी शालू (25) का शव कमरे में तख्त पर लहूलुहान हालत में पड़ा था। सीने से खून बह रहा था। पैर के पास रामेंद्र की लाइसेंसी रिवॉल्वर पड़ी थी। उस समय प्रशांत बगल के कमरे में सोता मिला। दंपति की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी आए और फिर पुलिस को सूचना दी गई।
कल्याणपुर सीओ असित श्रीवास्तव, कार्यवाहक एसओ फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम बुलाई गई। फोरेंसिक टीम ने रिवॉल्वर जब्त की, शालू के हाथों का गन शॉट रेजीड्यूज (जीएसआर) टेस्ट कराया। इससे यह पता चल जाएगा कि शालू के हाथ में बारूद के कण हैं या नहीं।