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Kanpur News: विद्यार्थियों को विदेश में शोध अवसरों की दी जानकारी
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कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट्स के विद्यार्थियों को फेलोशिप और विदेश में शोध के अवसरों की जानकारी दी गई। स्कूल ऑफ क्रिएटिव एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स के इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स में मंगलवार को एक दिवसीय फेलोशिप अवेयरनेस प्रोग्राम आयोजित किया गया।
मुख्य वक्ता आईआईटी कानपुर के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग और डिजाइन कार्यक्रम के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ऋत्विज भौमिक रहे। उन्होंने फुलब्राइट फेलोशिप समेत विभिन्न फेलोशिप योजनाओं के बारे में बताया। विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध के अवसरों की जानकारी भी दी।
डॉ. भौमिक ने कहा कि फेलोशिप के लिए शोध प्रस्ताव महत्वपूर्ण होता है। विद्यार्थियों को अपना शोध विषय स्पष्ट रखना चाहिए। अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों को भी बेहतर तरीके से प्रस्तुत करना चाहिए। सही तैयारी के साथ विद्यार्थी विदेश में उच्च शिक्षा और शोध के अवसर हासिल कर सकते हैं।
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कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपने तैयार किए मैस्कॉट डिजाइन भी प्रदर्शित किए। बीएफए तृतीय वर्ष के एप्लाइड आर्ट के विद्यार्थियों ने डॉ. रणधीर सिंह के निर्देशन में ये डिजाइन तैयार किए थे। डिजाइन के जरिए सामाजिक जागरूकता और समकालीन मुद्दों को दिखाया गया।
इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स के निदेशक डॉ. मिठाई लाल, समन्वयन डॉ. विजय कुमार त्रिपाठी और डॉ. रणधीर सिंह ने किया। इस दौरान डॉ. राज कुमार सिंह, जेबी यादव, तनीषा, विनय सिंह, डॉ. मंतोष यादव, प्रिया मिश्रा और कीर्ति वर्मा समेत शिक्षक, विद्यार्थी और शोधार्थी मौजूद रहे।
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मुख्य वक्ता आईआईटी कानपुर के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग और डिजाइन कार्यक्रम के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ऋत्विज भौमिक रहे। उन्होंने फुलब्राइट फेलोशिप समेत विभिन्न फेलोशिप योजनाओं के बारे में बताया। विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध के अवसरों की जानकारी भी दी।
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डॉ. भौमिक ने कहा कि फेलोशिप के लिए शोध प्रस्ताव महत्वपूर्ण होता है। विद्यार्थियों को अपना शोध विषय स्पष्ट रखना चाहिए। अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों को भी बेहतर तरीके से प्रस्तुत करना चाहिए। सही तैयारी के साथ विद्यार्थी विदेश में उच्च शिक्षा और शोध के अवसर हासिल कर सकते हैं।
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कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपने तैयार किए मैस्कॉट डिजाइन भी प्रदर्शित किए। बीएफए तृतीय वर्ष के एप्लाइड आर्ट के विद्यार्थियों ने डॉ. रणधीर सिंह के निर्देशन में ये डिजाइन तैयार किए थे। डिजाइन के जरिए सामाजिक जागरूकता और समकालीन मुद्दों को दिखाया गया।
इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स के निदेशक डॉ. मिठाई लाल, समन्वयन डॉ. विजय कुमार त्रिपाठी और डॉ. रणधीर सिंह ने किया। इस दौरान डॉ. राज कुमार सिंह, जेबी यादव, तनीषा, विनय सिंह, डॉ. मंतोष यादव, प्रिया मिश्रा और कीर्ति वर्मा समेत शिक्षक, विद्यार्थी और शोधार्थी मौजूद रहे।