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सीएसजेएमयू: रिकॉर्ड रूम से लीक होती हैं छात्रों की निजी सूचनाएं, विवि कर्मचारियों की मिलीभगत का खेल

Thu, 16 May 2019 04:56 PM IST
शिखा पांडेय एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 16 May 2019 04:56 PM IST
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Students personal information leaks from the record room in CSJMU
रिकॉर्ड रूम के कर्मचारियों से पूछताछ करते रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह - फोटो : अमर उजाला
नाम और पिता के नाम में परिवर्तन कराकर दूसरे की डिग्री-मार्कशीट बेचने के मामले में बुधवार को कई बड़े खुलासे हुए हैं। साबित हो गया है कि कानपुर स्थित छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से ही फर्जी उम्मीदवार ने फर्जी दस्तावेज लगाकर प्रशांत की एलएलबी की डिग्री-मार्कशीट अपने नाम करवा ली थी। यही नहीं, इस बात के संकेत भी मिले हैं कि विश्वविद्यालय से छात्रों के रिकॉर्ड भी बाहर लीक किए जाते हैं, जिस आधार पर कोई भी अपने हमनाम वाले शख्स की डिग्री-मार्कशीट में थोड़ा सा परिवर्तन कराकर अपने नाम करवा सकता है।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह ने अपने स्तर से भी जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बुधवार को असिस्टेंट रजिस्ट्रार अरविंद कुमार वर्मा सहित रिकॉर्ड रूम के कई कर्मचारियों से पूछताछ की। मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों को भी रजिस्ट्रार ने जांचे। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामले में कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आ रही है। जांच करके दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर परीक्षा नियंत्रक डॉ. अनिल यादव ने बताया कि मामले की जांच कर रही कमेटी के दो सदस्य छुट्टी पर चले गए हैं। उनके वापसी पर ही जांच पूरी हो पाएगी।
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ये है मामला
दरअसल, नर्वल भीतरगांव के रहने वाले प्रशांत पुत्र रामकुमार ने एसजे लॉ कॉलेज से सत्र 2014-17 के मध्य एलएलबी की पढ़ाई की है। इसी डिग्री से हाईकोर्ट में वकालत करने के लिए बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में छात्र ने अपना पंजीकरण कराने के लिए आवेदन किया तो मालूम हुआ कि विवि के रिकॉर्ड में उस रोल नंबर पर किसी प्रशांत कुमार भारती पुत्र रामदेव भारती का नाम दिख रहा है।

प्रशांत ने ‘अमर उजाला’ की मदद से जब विवि में पड़ताल की तो पता चला कि यहां से उसके रिकॉर्ड में हेरा-फेरी करके किसी ने उसके नाम और पिता के नाम में परिवर्तन करा दिया है। संशोधन के लिए उस शख्स ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट भी जमा की थी। प्रशांत ने जब उस मार्कशीट पर दिए नंबर को ऑनलाइन चेक किया तो वह किसी सरोज नाम की लड़की का निकला।

बीए की डिग्री-मार्कशीट भी दूसरे की निकली
प्रशांत कुमार भारतीय नाम के शख्स ने एलएलबी के रिकॉर्ड में नाम, पिता के नाम में संशोधन कराने के लिए जिस बीए की मार्कशीट लगाई थी, वह भी फर्जी निकली। रजिस्ट्रार ने बुधवार को रिकॉर्ड जांच की तो ज्ञात हुआ कि जो मार्कशीट लगाई गई थी, उसपर प्रशांत कुमार भारतीय पुत्र अमरदेव भारती दर्ज था। ऐसे में यह भी संदेह है कि इस छात्र का रिकॉर्ड भी विश्वविद्यालय से ही लीक किया गया है।

आप भी जांच लें अपने दस्तावेज
अगर आपने भी छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है, तो आप भी अपने सभी दस्तावेजों की जांच करा लें। कहीं आपके पीठ पीछे आपसे मिलते-जुलते नाम वाले किसी शख्स ने आपकी डिग्री-मार्कशीट अपने नाम तो नहीं करवा ली है। आप यह जानकारी विश्वविद्यालय से जनसूचना अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत मांग सकते हैं। 
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