{"_id":"6ad510a5111b5f77570cc605","slug":"six-dengue-suspects-found-in-sargaon-khurd-samples-taken-for-testing-kanpur-news-c-220-1-akb1007-150778-2026-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: सरगांव खुर्द में मिले छह डेंगू संदिग्ध, जांच के लिए नमूने लिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: सरगांव खुर्द में मिले छह डेंगू संदिग्ध, जांच के लिए नमूने लिए
Mon, 19 Oct 2026 12:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Mon, 19 Oct 2026 12:02 AM IST
विज्ञापन
डेरापुर। ब्लॉक के सरगांव खुर्द बीमारी फैलने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रविवार को शिविर लगाकर लोगों की जांच की। इसमें 128 मरीज बुखार से पीड़ित मिले। जबकि छह मरीजों की किट से की गई जांच में डेंगू पॉजिटिव निकले। टीम ने सभी छह मरीजों के रक्त नमूने एलाइजा जांच के लिए भेजे हैं। जबकि एक डेंगू संदिग्ध की हालत नाजुक देखते हुए उसको सीएचसी में भर्ती किया गया है।
डेरापुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. पुनीत पांडेय के नेतृत्व में रविवार को डॉ. वरुण द्विवेदी, डॉ. तौसीफ अली, फार्मासिस्ट अजय वीर, संदीप सचान, स्टाफ नर्स हितेंद्र मित्तल, लैब तकनीशियन अंजना कटियार, कुलदीप सचान, एएनएम रीना देवी, आशा संगिनी सरोज ने सरगांव खुर्द में शिविर लगाया। अधीक्षक डॉ. पुनीत पांडेय ने बताया कि शिविर में कुल 147 मरीजों का उपचार किया गया। इनमें से 128 लोग बुखार से पीड़ित मिले। जबकि किट से कराई गई डेंगू की जांच में रेखा पत्नी पन्ना लाल, अंजलि पुत्री राम नरेश, रामप्यारी पत्नी राम बाबू, शांति पत्नी अरविंद, राजश्री पत्नी अजब सिंह व श्याम कली पत्नी छोटे लाल पॉजिटिव मिली हैं।
इनमें डेंगू की पुष्टि के लिए सभी छह संदिग्धों के रक्त नमूने एलाइजा जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं। मेडिकल कॉलेज से रिपोर्ट आने पर स्पष्ट हो सकेगा कि यह डेंगू पॉजिटिव हैं या नहीं। जबकि डेंगू संदिग्ध अंजलि को सीएचसी में भर्ती किया गया है। शिविर के बाद स्वास्थ्य टीम ने गांव की गलियों में सोर्स रिडक्शन करने के साथ ग्रामीणों को डेंगू से बचाव के उपाय बताकर जागरूक किया।
विज्ञापन
इधर, एडीओ पंचायत अशवनी कुमार की देखरेख में पूरे गांव में सघन सफाई अभियान चलाकर नालियों व जलभराव वाले स्थलों पर लार्विसाइडल दवा का छिड़काव कराया गया। बता दें कि गांव में बीमारी फैलने पर ग्रामीणों ने अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले से शिकायत की थी। सांसद के दखल के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में शिविर लगाकर जांच की गई। सीएमओ डॉ. जय गोविंद ने बताया कि छह डेंगू संदिग्ध मिलने की जानकारी हुई है। सीएचसी अधीक्षक को गांव के लोगों के स्वास्थ्य की विशेष निगरानी करने के लिए कहा गया है।
......................
औरंगपुर गहदेवा में मिले 25 बुखार रोगी
फोटो-36 औरंगपुर गहदेवा में शिविर लगाकर मरीज देखती स्वास्थ्य विभाग की टीम। स्रोत ग्रामीण
रसूलाबाद। पांडु नदी के तटवर्ती गांव औरंगपुर गहदेवा में नदी का पानी कम होने के बाद गांव के आसपास छूटे कीचड़ व गंदगी से गांव में मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है। इससे गांव में लोग बीमार पड़ रहे हैं। रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव 25 बुखार रोगी मिली। रसूलाबाद सीएचसी अधीक्षक डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि औरंगपुर गहदेवा निवासी जितेंद्र मोहन श्रीवास्तव ने गांव में बीमारी फैलने की सूचना दी थी। इसपर तिस्ती पीएचसी प्रभारी डॉ. गजाला अंजुम के नेतृत्व में एलटी प्रिंसी, वार्ड ब्वॉय दीपक व निर्भय ने रविवार को गांव में शिविर लगाया। टीम को गांव में रमाकांत शुक्ला, राधिका, शिवांग, बलराम, सावित्री, उर्मिला, दुर्गा, रामकृष्ण, मथुरा प्रसाद, मीना देवी, प्रेमनरायण, हीरादेवी, राजेंद्र राठौर, विष्णुकांत, सर्वेश देवी, शुभि देवी, विजय कुमार मिश्र, रामकली, प्रियंका शर्मा, अभय कुमार, रामऔतार, वंशलाल, राधेश्याम आदि बुखार से पीड़ित मिले। ग्रामीणों ने गांव में सफाई करवाने की मांग की है। (संवाद)
.........................
दो मौतों के बाद भी नहीं हुई नैपलापुर में सफाई
फोटो-34 नैपलापुर गांव में गंदगी की वजह से चोक नाली। संवाद
दो मौतों के बाद भी नहीं हुई नैपलापुर में सफाई
- दूसरे दिन गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी नहीं लगाया शिविर
संवाद न्यूज एजेंसी
संदलपुर। नैपलापुर गांव में बुखार से दो महिलाओं की मौत के तीन दिन बीत गए हैं, लेकिन इसके बाद भी पंचायतीराज विभाग अनदेखी कर रहा है। गांव में 76 बुखार रोगी होने के बावजूद भी सफाई करने की सुध नहीं ली। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम भी रविवार को मरीजों का फॉलोअप करने नहीं पहुंची।
नैपलापुर निवासी शुक्रवार को रामदुलारी व पुष्पा की बुखार से मौत हो गई थी। परिजन ने दोनों की डेंगू की वजह से मौत होने की कही थी। इसपर शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की तो गांव में 76 बुखार रोगी मिले। इनमें से करीब 38 लोगों के रक्त नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। रविवार को न तो इन लोगों की जांच रिपोर्ट आ सकी और ना ही गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीजों का फॉलोअप करने पहुंची।
गांव के कौशल त्रिवेदी, रिंकू सिंह, भगवान सिंह आदि ने बताया कि गांव में करीब दो महीनों से सफाई नहीं हुई है। गंदगी की वजह से बढ़े मच्छरों के प्रकोप से गांव में बीमारी फैलने की जानकारी पर जिम्मेदारों ने अनदेखा किया। दो महिलाओं की मौत हो जाने के बाद भी जिम्मेदार गांव में सफाई करवाने की सुध नहीं ले रहे। कई घरों में अभी भी लोग बुखार से तप रहे हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। बदबू के कारण लोगों का घर में रहना मुश्किल हो गया है।
यदि गांव में जल्द ही सफाई नहीं हुई तो ग्रामीणों की स्थिति और भी ज्यादा बिगड़ सकती है। एडीओ पंचायत संदलपुर रंजीत सिंह ने बताया कि नैपलापुर गांव में सफाई कर्मी सुनील कुमार तैनात है। जो दो महीने से सफाई करने गांव नहीं जा रहा था। सफाई कर्मी को निलंबित किए जाने की संस्तुति रिपोर्ट डीपीआरओ को भेजी गई है। सोमवार को रोस्टर लगाकर गांव की सफाई कराई जाएगी। सीएचसी हवासपुर के अधीक्षक डॉ. सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि 38 मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट आने का इंतजार किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
.................
नैपलापुर के पड़ोसी गांवों में भी बुखार ने पसारे पैर
संदलपुर। ब्लॉक में मौसम में बदलाव के साथ बढ़े मच्छरों के प्रकोप से बुखार पैर पसारता जा रहा है। नैपलापुर के बाद अब उसके पड़ोसी गांव उदयपुर और रायपुर में बुखार के रोगियों की तादाद बढ़ने लगी है। दोनों गांवों में कई लोग डेंगू जैसे लक्षण वाले बुखार की चपेट में हैं। रायपुर के प्रधान नीरज कुमार ने बताया कि पिछले चार-पांच दिनों से गांव में हर घर में एक-दो लोग बुखार से पीड़ित हैं। अधिकांश मरीजों में तेज बुखार, बदन दर्द, उल्टी और प्लेटलेट्स कम होने जैसे लक्षण दिख रहे हैं। कई मरीज निजी क्लीनिकों में भर्ती होकर इलाज करा रहे हैं। गांव में बुखार फैले होने की सूचना पंचायतीराज व स्वास्थ्य विभाग को दे दी है। उदयपुर गांव के राजनरायण पाल, फूल सिंह ने बताया कि गांव की नालियां महीनों से साफ नहीं की गई हैं। नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अभी तक इन गांव में शिविर नहीं लगाया है और न ही एंटी लार्वा का छिड़काव करवाया है। हवासपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि रायपुर व उदयपुर गांव में बुखार रोगियों के बढ़ने की सूचना मिली है। सोमवार को टीम लगाकर लोगों का उपचार करवाया जाएगा। (संवाद)
विज्ञापन
डेरापुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. पुनीत पांडेय के नेतृत्व में रविवार को डॉ. वरुण द्विवेदी, डॉ. तौसीफ अली, फार्मासिस्ट अजय वीर, संदीप सचान, स्टाफ नर्स हितेंद्र मित्तल, लैब तकनीशियन अंजना कटियार, कुलदीप सचान, एएनएम रीना देवी, आशा संगिनी सरोज ने सरगांव खुर्द में शिविर लगाया। अधीक्षक डॉ. पुनीत पांडेय ने बताया कि शिविर में कुल 147 मरीजों का उपचार किया गया। इनमें से 128 लोग बुखार से पीड़ित मिले। जबकि किट से कराई गई डेंगू की जांच में रेखा पत्नी पन्ना लाल, अंजलि पुत्री राम नरेश, रामप्यारी पत्नी राम बाबू, शांति पत्नी अरविंद, राजश्री पत्नी अजब सिंह व श्याम कली पत्नी छोटे लाल पॉजिटिव मिली हैं।
विज्ञापन
इनमें डेंगू की पुष्टि के लिए सभी छह संदिग्धों के रक्त नमूने एलाइजा जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं। मेडिकल कॉलेज से रिपोर्ट आने पर स्पष्ट हो सकेगा कि यह डेंगू पॉजिटिव हैं या नहीं। जबकि डेंगू संदिग्ध अंजलि को सीएचसी में भर्ती किया गया है। शिविर के बाद स्वास्थ्य टीम ने गांव की गलियों में सोर्स रिडक्शन करने के साथ ग्रामीणों को डेंगू से बचाव के उपाय बताकर जागरूक किया।
विज्ञापन
इधर, एडीओ पंचायत अशवनी कुमार की देखरेख में पूरे गांव में सघन सफाई अभियान चलाकर नालियों व जलभराव वाले स्थलों पर लार्विसाइडल दवा का छिड़काव कराया गया। बता दें कि गांव में बीमारी फैलने पर ग्रामीणों ने अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले से शिकायत की थी। सांसद के दखल के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में शिविर लगाकर जांच की गई। सीएमओ डॉ. जय गोविंद ने बताया कि छह डेंगू संदिग्ध मिलने की जानकारी हुई है। सीएचसी अधीक्षक को गांव के लोगों के स्वास्थ्य की विशेष निगरानी करने के लिए कहा गया है।
......................
औरंगपुर गहदेवा में मिले 25 बुखार रोगी
फोटो-36 औरंगपुर गहदेवा में शिविर लगाकर मरीज देखती स्वास्थ्य विभाग की टीम। स्रोत ग्रामीण
रसूलाबाद। पांडु नदी के तटवर्ती गांव औरंगपुर गहदेवा में नदी का पानी कम होने के बाद गांव के आसपास छूटे कीचड़ व गंदगी से गांव में मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है। इससे गांव में लोग बीमार पड़ रहे हैं। रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव 25 बुखार रोगी मिली। रसूलाबाद सीएचसी अधीक्षक डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि औरंगपुर गहदेवा निवासी जितेंद्र मोहन श्रीवास्तव ने गांव में बीमारी फैलने की सूचना दी थी। इसपर तिस्ती पीएचसी प्रभारी डॉ. गजाला अंजुम के नेतृत्व में एलटी प्रिंसी, वार्ड ब्वॉय दीपक व निर्भय ने रविवार को गांव में शिविर लगाया। टीम को गांव में रमाकांत शुक्ला, राधिका, शिवांग, बलराम, सावित्री, उर्मिला, दुर्गा, रामकृष्ण, मथुरा प्रसाद, मीना देवी, प्रेमनरायण, हीरादेवी, राजेंद्र राठौर, विष्णुकांत, सर्वेश देवी, शुभि देवी, विजय कुमार मिश्र, रामकली, प्रियंका शर्मा, अभय कुमार, रामऔतार, वंशलाल, राधेश्याम आदि बुखार से पीड़ित मिले। ग्रामीणों ने गांव में सफाई करवाने की मांग की है। (संवाद)
.........................
दो मौतों के बाद भी नहीं हुई नैपलापुर में सफाई
फोटो-34 नैपलापुर गांव में गंदगी की वजह से चोक नाली। संवाद
दो मौतों के बाद भी नहीं हुई नैपलापुर में सफाई
- दूसरे दिन गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी नहीं लगाया शिविर
संवाद न्यूज एजेंसी
संदलपुर। नैपलापुर गांव में बुखार से दो महिलाओं की मौत के तीन दिन बीत गए हैं, लेकिन इसके बाद भी पंचायतीराज विभाग अनदेखी कर रहा है। गांव में 76 बुखार रोगी होने के बावजूद भी सफाई करने की सुध नहीं ली। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम भी रविवार को मरीजों का फॉलोअप करने नहीं पहुंची।
नैपलापुर निवासी शुक्रवार को रामदुलारी व पुष्पा की बुखार से मौत हो गई थी। परिजन ने दोनों की डेंगू की वजह से मौत होने की कही थी। इसपर शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की तो गांव में 76 बुखार रोगी मिले। इनमें से करीब 38 लोगों के रक्त नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। रविवार को न तो इन लोगों की जांच रिपोर्ट आ सकी और ना ही गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीजों का फॉलोअप करने पहुंची।
गांव के कौशल त्रिवेदी, रिंकू सिंह, भगवान सिंह आदि ने बताया कि गांव में करीब दो महीनों से सफाई नहीं हुई है। गंदगी की वजह से बढ़े मच्छरों के प्रकोप से गांव में बीमारी फैलने की जानकारी पर जिम्मेदारों ने अनदेखा किया। दो महिलाओं की मौत हो जाने के बाद भी जिम्मेदार गांव में सफाई करवाने की सुध नहीं ले रहे। कई घरों में अभी भी लोग बुखार से तप रहे हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। बदबू के कारण लोगों का घर में रहना मुश्किल हो गया है।
यदि गांव में जल्द ही सफाई नहीं हुई तो ग्रामीणों की स्थिति और भी ज्यादा बिगड़ सकती है। एडीओ पंचायत संदलपुर रंजीत सिंह ने बताया कि नैपलापुर गांव में सफाई कर्मी सुनील कुमार तैनात है। जो दो महीने से सफाई करने गांव नहीं जा रहा था। सफाई कर्मी को निलंबित किए जाने की संस्तुति रिपोर्ट डीपीआरओ को भेजी गई है। सोमवार को रोस्टर लगाकर गांव की सफाई कराई जाएगी। सीएचसी हवासपुर के अधीक्षक डॉ. सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि 38 मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट आने का इंतजार किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
.................
नैपलापुर के पड़ोसी गांवों में भी बुखार ने पसारे पैर
संदलपुर। ब्लॉक में मौसम में बदलाव के साथ बढ़े मच्छरों के प्रकोप से बुखार पैर पसारता जा रहा है। नैपलापुर के बाद अब उसके पड़ोसी गांव उदयपुर और रायपुर में बुखार के रोगियों की तादाद बढ़ने लगी है। दोनों गांवों में कई लोग डेंगू जैसे लक्षण वाले बुखार की चपेट में हैं। रायपुर के प्रधान नीरज कुमार ने बताया कि पिछले चार-पांच दिनों से गांव में हर घर में एक-दो लोग बुखार से पीड़ित हैं। अधिकांश मरीजों में तेज बुखार, बदन दर्द, उल्टी और प्लेटलेट्स कम होने जैसे लक्षण दिख रहे हैं। कई मरीज निजी क्लीनिकों में भर्ती होकर इलाज करा रहे हैं। गांव में बुखार फैले होने की सूचना पंचायतीराज व स्वास्थ्य विभाग को दे दी है। उदयपुर गांव के राजनरायण पाल, फूल सिंह ने बताया कि गांव की नालियां महीनों से साफ नहीं की गई हैं। नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अभी तक इन गांव में शिविर नहीं लगाया है और न ही एंटी लार्वा का छिड़काव करवाया है। हवासपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि रायपुर व उदयपुर गांव में बुखार रोगियों के बढ़ने की सूचना मिली है। सोमवार को टीम लगाकर लोगों का उपचार करवाया जाएगा। (संवाद)