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सिख दंगा: एसआईटी की जांच अब सही गति और दिशा पर, 127 लोगों की हुई थी मौत
Thu, 17 Dec 2020 08:02 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 17 Dec 2020 08:02 PM IST
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सिख विरोधी दंगा
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सिख विरोधी दंगे की जांच के लिए गठित एसआईटी के रफ्तार पकड़ने पर सिख समाज के लोगों में जल्द इंसाफ मिलने की उम्मीद जगी है। श्री गुरु सिंह सभा लाटूश रोड के प्रधान हरविंदर सिंह लॉर्ड का कहना है कि एसआईटी की अब तक की जांच संतोषजनक है।
36 वर्षों बाद भी एसआईटी जिस तत्परता के साथ काम कर रही है, उससे पीड़ितों में न्याय की आस जगी है। गुरुद्वारा भाई बन्नो साहिब जीटी रोड के उप चेयरमैन मोहकम सिंह ने बताया कि एसआईटी ने शुरू में धीमे काम किया। विगत दिनों अखिल भारतीय दंगा पीड़ित राहत कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह भोगल ने गृह मंत्रालय में ज्ञापन दिया था।
इसके बाद से जांच में गति आई है। एसआईटी के अधिकारी अब पूरी मेहनत से काम कर रहे हैं। पिछले दिनों बयान लेने पंजाब गए थे। अब जबलपुर जाएंगे। पुराने मामले की वजह से गवाह तलाशने में समस्या हो रही है लेकिन वर्तमान में काम सही गति और दिशा में चल रहा है।
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अखिल भारतीय दंगा पीड़ित राहत कमेटी के सदस्य सुरजीत सिंह ओबेरॉय का भी यही कहना है कि गृहमंत्री अमित शाह की पत्रावली के बाद जांच ने तेजी पकड़ी है। उम्मीद है कि जल्द ही अपराधियों के सत्यापन और शासन से अनुमति प्राप्त होने के बाद दोषियों की गिरफ्तारी होगी। अब तक 60 से अधिक अपराधियों के नाम गवाही में सामने आ चुके है।
127 लोगों की मौत हुई थी
- तीन हजार परिवार प्रभावित हुए थे
- बर्रा, दबौली, किदवई नगर आदि क्षेत्रों में भड़की थी हिंसा
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36 वर्षों बाद भी एसआईटी जिस तत्परता के साथ काम कर रही है, उससे पीड़ितों में न्याय की आस जगी है। गुरुद्वारा भाई बन्नो साहिब जीटी रोड के उप चेयरमैन मोहकम सिंह ने बताया कि एसआईटी ने शुरू में धीमे काम किया। विगत दिनों अखिल भारतीय दंगा पीड़ित राहत कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह भोगल ने गृह मंत्रालय में ज्ञापन दिया था।
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इसके बाद से जांच में गति आई है। एसआईटी के अधिकारी अब पूरी मेहनत से काम कर रहे हैं। पिछले दिनों बयान लेने पंजाब गए थे। अब जबलपुर जाएंगे। पुराने मामले की वजह से गवाह तलाशने में समस्या हो रही है लेकिन वर्तमान में काम सही गति और दिशा में चल रहा है।
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अखिल भारतीय दंगा पीड़ित राहत कमेटी के सदस्य सुरजीत सिंह ओबेरॉय का भी यही कहना है कि गृहमंत्री अमित शाह की पत्रावली के बाद जांच ने तेजी पकड़ी है। उम्मीद है कि जल्द ही अपराधियों के सत्यापन और शासन से अनुमति प्राप्त होने के बाद दोषियों की गिरफ्तारी होगी। अब तक 60 से अधिक अपराधियों के नाम गवाही में सामने आ चुके है।
127 लोगों की मौत हुई थी
- तीन हजार परिवार प्रभावित हुए थे
- बर्रा, दबौली, किदवई नगर आदि क्षेत्रों में भड़की थी हिंसा