जुनून ने बनाया टॉपर: शुभ चपरा बोले- सपना था जिला टॉप करूंगा...प्रदेश में आया अव्वल, बनना चाहता हूं आईएएस
UP Board 12th Result: इंटरमीडिएट में महोबा के शुभ चपरा ने टॉप किया है। शुभ को 97.80 प्रतिशत अंक मिले हैं। वो कहते हैं कि माता-पिता ने हमेशा से मुझे सपोर्ट किया। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। मेहनत करोगे, तो नतीजे जरूर अच्छे आएंगे।
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बुंदेलखंड का कश्मीर कहे जाने वाले महोबा के चरखारी कस्बे में एक होनहार ने यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की परीक्षा में जिले का नाम रोशन किया है। चरखारी के होनहार छात्र शुभ चपरा ने 97.80 फीसदी अंक लाकर प्रदेश में टॉप किया है। जिला टॉप करने के जुनून में शुभ को प्रदेश टॉपर बना दिया।
हार्डवेयर व्यापारी हैं पिता, मां हैं भाजपा नेता
शुभ ने पूरे साल पढ़ाई के लिए एक-एक मिनट का महत्व समझा। शुभ चपरा के पिता सुरेंद्र कुमार चपरा हार्डवेयर और सेनेटरी व्यापारी हैं। वहीं, मां गृहणी व भाजपा महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष हैं। उसके दो बड़े भाई शुभम और सुलभ परिषदीय विद्यालय में शिक्षक हैं।
आईएएस बनकर करना चाहते हैं राष्ट्र सेवा
शुभ कक्षा एक से लेकर नौवीं तक विद्यालय टॉपर रहे। 11वीं में भी उन्होंने स्कूल टॉप किया था, जबकि हाईस्कूल में वह जिले में दूसरे स्थन पर रहे थे। शुभ चपरा का सपना सिविल सर्विस के माध्यम से राष्ट्रसेवा करने का है। वो बतो हैं कि पढ़ाई के दौरान सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज व कोचिंग में गुरुजनों के मार्गदर्शन में तैयारी की।
खाली समय में यूट्यूब से पढाई की
इसके अलावा जो खाली समय बचता था। उसमें उन्होंने प्रत्येक विषय की बिंदुबार तैयारी यूट्यूब के माध्यम से की। इस दौरान प्रति दिन वह आठ से दस घंटे तक पढ़ाई करते थे। उनको इंटरमीडिएट की परीक्षा में 500 में से 489 अंक हासिल हुए हैं।
हाईस्कूल में पाया था दूसरा स्थान
शुभ बताते हैं कि हाईस्कूल में वह जिले में दूसरे स्थान पर रहे थे। इंटर में उनका लक्ष्य जिला टॉप करने का था। उन्हें उम्मीद थी कि प्रदेश की टॉप टेन सूची में उनका नाम आ सकता है, लेकिन प्रदेश में पहला स्थान आने पर उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं है।
हर रात छह घंटे पढ़ाई सेे शुभ ने पाई सफलता
पढ़ाई का जुनून और टॉपर बनने का जज्बा हो तो शुभ जैसा। तमाम रातों शुभ ने भरपूर नींद नहीं ली। मानो उसकी आंखों से नींद ही गायब हो गई हो। वह दिन में स्कूल व कोचिंग में तो पढ़ाई करता था ही रात में तन्हाई के समय उसने पढ़ाई को और ज्यादा महत्व दिया। पूरे साल यह उसकी दिनचर्या में शामिल रहा। आज कामयाबी उसके कदमों में है।
इंटरमीडिएट के प्रदेश टॉपर शुभ चपरा बताते हैं कि उसने पूरे साल यह सोच कर तैयारी की कि उसे प्रदेेश की मैरिट में स्थान हासिल करना है। शुरुआत में वह रात में नौ से एक बजे तक पढ़ाई करता रहा। हालांकि कुछ समय बाद उसने रात में पढ़ाई का समय और बढ़ा दिया। वह प्रति दिन रात नौ से सुबह तड़के तीन बजे तक पढ़ाई करता रहा। इसके बाद ही वह सोता था।