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तीन और पांच साल से लंबित राजस्व वाद अगले माह तक निपटाएं : जिलाधिकारी
Thu, 29 Oct 2026 01:29 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 29 Oct 2026 01:29 AM IST
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कानपुर देहात। तीन और पांच साल से अधिक समय से लंबित राजस्व वादों को प्राथमिकता के आधार पर अगले माह तक निस्तारित किया जाए। सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाने के लिए एंटी भू-माफिया अभियान के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाए। ये निर्देश बुधवार को कलक्ट्रेट स्थित मां मुक्तेश्वरी देवी सभागार में कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी कपिल सिंह ने अधिकारियों को दिए।
डीएम ने स्टाम्प, आबकारी, वाणिज्यकर, परिवहन, विद्युत, वन, खनिज और बाट-माप समेत विभिन्न विभागों की राजस्व वसूली की समीक्षा की। उन्होंने निर्धारित मासिक और वार्षिक लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने और राजस्व संग्रह में तेजी लाने को कहा। बड़े बकायेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। राजस्व वादों के साथ स्टाम्प वादों, ऑडिट आपत्तियों और बेदखली संबंधी मामलों के निस्तारण में तेजी लाने पर जोर दिया।
कहा राजस्व संबंधी प्रकरणों में पारदर्शिता और समयबद्धता का ध्यान रखा जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। आईजीआरएस, संपूर्ण समाधान दिवस, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जनप्रतिनिधियों के संदर्भों की समीक्षा करते हुए डीएम ने सभी शिकायतों का तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से संपर्क कर फीडबैक लिया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को प्रत्येक कार्यदिवस सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक अपने कार्यालयों में जनसुनवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम प्रशासन अंकित शुक्ला, एडीएम वित्त एवं राजस्व दुष्यंत कुमार मौर्य, एडीएम न्यायिक दिग्विजय सिंह, समस्त एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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डीएम ने स्टाम्प, आबकारी, वाणिज्यकर, परिवहन, विद्युत, वन, खनिज और बाट-माप समेत विभिन्न विभागों की राजस्व वसूली की समीक्षा की। उन्होंने निर्धारित मासिक और वार्षिक लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने और राजस्व संग्रह में तेजी लाने को कहा। बड़े बकायेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। राजस्व वादों के साथ स्टाम्प वादों, ऑडिट आपत्तियों और बेदखली संबंधी मामलों के निस्तारण में तेजी लाने पर जोर दिया।
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कहा राजस्व संबंधी प्रकरणों में पारदर्शिता और समयबद्धता का ध्यान रखा जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। आईजीआरएस, संपूर्ण समाधान दिवस, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जनप्रतिनिधियों के संदर्भों की समीक्षा करते हुए डीएम ने सभी शिकायतों का तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से संपर्क कर फीडबैक लिया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को प्रत्येक कार्यदिवस सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक अपने कार्यालयों में जनसुनवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम प्रशासन अंकित शुक्ला, एडीएम वित्त एवं राजस्व दुष्यंत कुमार मौर्य, एडीएम न्यायिक दिग्विजय सिंह, समस्त एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।