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सीरियल किलर ने लखनऊ के व्यापारी से मांगी 20 लाख की रंगदारी
Thu, 21 Nov 2019 05:41 PM IST
शिखा पांडेय
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 21 Nov 2019 05:41 PM IST
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सीरियल किलर सोहराब
- फोटो : अमर उजाला
लखनऊ के सीरियल किलर भाइयों में शामिल सोहराब ने लखनऊ के एक व्यापारी से 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। बुधवार को पेशी के दौरान कानपुर कचहरी में व्यापारी को रकम के साथ बुलाया था लेकिन पुलिस को इसकी भनक लग गई। ऐसे में सोहराब यहां से आनन-फानन में चला गया और लखनऊ के होटल में रुका। जहां से उसकी गिरफ्तारी हुई। उसके साथ मौजूद पुसिलकर्मी भी उसका साथ दे रहे हैं।
लखनऊ के सीरियल किलर भाई सलीम, रुस्तम और सोहराब शातिर और बडे़ अपराधी हैं। तीनों भाइयों पर हत्या, लूट और रंगदारी के दर्जनों मुकदमें दर्ज हैं। मौजूदा समय में सोहराब दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। बुधवार को बादशाही नाका में सोहराब के खिलाफ दर्ज मामले में उसकी कानपुर कोर्ट में पेशी थी। एक दिन पहले फर्रुखाबाद में व गुरुवार को लखनऊ में उसकी पेशी है।
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लखनऊ के सीरियल किलर भाई सलीम, रुस्तम और सोहराब शातिर और बडे़ अपराधी हैं। तीनों भाइयों पर हत्या, लूट और रंगदारी के दर्जनों मुकदमें दर्ज हैं। मौजूदा समय में सोहराब दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। बुधवार को बादशाही नाका में सोहराब के खिलाफ दर्ज मामले में उसकी कानपुर कोर्ट में पेशी थी। एक दिन पहले फर्रुखाबाद में व गुरुवार को लखनऊ में उसकी पेशी है।
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ऐसे में उसने दिल्ली से ही लखनऊ के एक व्यापारी को फोन कर 20 लाख की रंगदारी मांगी और कानपुर में मिलने को कहा। बुधवार को पेशी पर शहर पहुंचा तो पुलिस ने उसको पकड़ने का जाल बिछाया। दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे सोहराब कचहरी में पहुंचा।
यहां पर वह बमुश्किल दो मिनट ही रुका। पेशी होते ही वह गारद के पुलिसकर्मियों के साथ वहां से निकल गया। ऐसे में पुलिस हाथ मलती रह गई। चर्चा ये भी रही कि कानपुर में उसका भाई रुस्तम भी उससे मिला लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
यहां पर वह बमुश्किल दो मिनट ही रुका। पेशी होते ही वह गारद के पुलिसकर्मियों के साथ वहां से निकल गया। ऐसे में पुलिस हाथ मलती रह गई। चर्चा ये भी रही कि कानपुर में उसका भाई रुस्तम भी उससे मिला लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
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कहां ठहरा नहीं पता, पुलिस की मेहरबानी
पुलिस के मुताबिक ऐसे मामलों में अपराधियों को संबंधित शहर में थानों में अपराधियों को रोकना होता है। इसकेलिए बाकायदा तस्करा भी डाला जाता है। हैरानी की बात ये है कि कानपुर में थाने में कहीं नहीं रुका। वहीं फर्रुखाबाद में भी कोई इंट्री नहीं है। ऐसे में साफ है कि दोनों जगहों पर उसे होटल में रोका गया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अपराधी की हनक किस कदर है। साथी पुलिसकर्मी भी उसका साथ देते रहे।
लखनऊ के एक व्यापारी से सोहराब ने 20 लाख की रंगदारी मांगी थी। व्यापारी को बुधवार को कानपुर बुलाया था। इसकी जानकारी पुलिस को हो गई थी। इसलिए वह यहां से तुरंत चला गया। लखनऊ में वह कहां रुका, इसकी जानकारी लखनऊ पुलिस को दी गई। उसी आधार पर उसकी गिरफ्तारी हुई।
- अनंत देव, एसएसपी
पुलिस के मुताबिक ऐसे मामलों में अपराधियों को संबंधित शहर में थानों में अपराधियों को रोकना होता है। इसकेलिए बाकायदा तस्करा भी डाला जाता है। हैरानी की बात ये है कि कानपुर में थाने में कहीं नहीं रुका। वहीं फर्रुखाबाद में भी कोई इंट्री नहीं है। ऐसे में साफ है कि दोनों जगहों पर उसे होटल में रोका गया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अपराधी की हनक किस कदर है। साथी पुलिसकर्मी भी उसका साथ देते रहे।
लखनऊ के एक व्यापारी से सोहराब ने 20 लाख की रंगदारी मांगी थी। व्यापारी को बुधवार को कानपुर बुलाया था। इसकी जानकारी पुलिस को हो गई थी। इसलिए वह यहां से तुरंत चला गया। लखनऊ में वह कहां रुका, इसकी जानकारी लखनऊ पुलिस को दी गई। उसी आधार पर उसकी गिरफ्तारी हुई।
- अनंत देव, एसएसपी