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ऊधमपुर एक्सप्रेस में डकैती, दर्जनों यात्रियों से मारपीट कर लूटा
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 14 Jul 2017 09:17 AM IST
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ऊधमपुर-इलाहाबाद एक्सप्रेस (24156) में बुधवार देर रात 12 बजे के बाद डकैतों ने जमकर लूटपाट की। इस बार निशाना बने जम्मू-कश्मीर से वैष्णोदेवी दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालु...
तकरीबन पांच घंटे तक बेधड़क ट्रेन के अलग-अलग कोच में लूट का सिलसिला चला। इस बीच दो दर्जन से अधिक यात्रियों को मारापीटा और उनका मुंह दबाकर लूटपाट की गई।
यात्रियों का कहना है कि लूटपाट करने वाले सात लोगों के हाथों में असलहे, चाकू और ब्लेड थे। ट्रेन के जिस भी कोच में ये घुसे उन्हें देखकर सभी यात्री सहम गए। स्लीपर कोच की तीन बोगियों में लुधियाना से पानीपत के बीच लूटपाट की गई। यात्रियों ने दिल्ली में ट्रेन रुकने पर तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। डरे सहमे कई यात्री दिल्ली में ही ट्रेन से उतर गए।
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एस-थ्री कोच में बैठे कानपुर बर्रा-दो इलाके के आशीष आहूजा, उनकी पत्नी निधि आहूजा ने बताया कि उनका पर्स लूट लिया। इसमें पांच हजार रुपये, दो एंड्रॉयड मोबाइल और कई एटीएम कार्ड थे। इलाहाबाद के मैकफोर्डगंज निवासी अजय कुमार, पत्नी नंदादेवी और उनकी सांस शांति देवी अपने तीन बच्चों के साथ सफर कर रहे थे। उनके पर्स में रखे तीन हजार रुपये और मोबाइल भी छीन लिया गया।
उन्होंने बताया कि लुधियाना से पानीपत के बीच रात 12 बजे से पांच बजे तक अलग अलग बोगियों में लूट होती रही। ट्रेन में कोई भी आरपीएफ और जीआरपी का सुरक्षा दस्ता मौजूद नहीं था। इसी तरह इलाहाबाद की राजापुर निवासी मनीष श्रीवास्तव उनकी पत्नी डॉ. स्वाती श्रीवास्तव (लखनऊ के निजी कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर) के पांच हजार रुपये, दो मोबाइल और जरूरी कागाजत लूट ले गए। एस-5 में बैठे लखनऊ के हिमांशु, अरविंद और इलाहाबाद के सचिन से भी मोबाइल और पर्स में रखे दो से तीन हजार रुपये लूट लिये गए।
यात्रियों का कहना था कि लूट के बाद यात्रियों में इतना डर था कि कइयों ने दिल्ली से ट्रेन छोड़ दी। ट्रेन में सुरक्षा दस्ता न होने से यात्रियों में नाराजगी थी। पानीपत में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई तो उन लोगों ने दिल्ली में चेनपुलिंग कर रिपोर्ट दर्ज कराई। वहां दो घंटे तक ट्रेन रुकी रही। यह लूट स्लीपर की तीन बोगियों (एस-3, 4 और 5) में हुई। ट्रेन गुरुवार शाम छह बजे सेंट्रल स्टेशन पहुुंची तो आरपीएफ ने पीड़ितों के बयान दर्ज किये।
- कानपुर और इलाहाबाद के यात्रियों संग हुई लूटपाट
- लुधियाना से पानीपत के बीच दो दर्जन यात्रियों को लूटा
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तकरीबन पांच घंटे तक बेधड़क ट्रेन के अलग-अलग कोच में लूट का सिलसिला चला। इस बीच दो दर्जन से अधिक यात्रियों को मारापीटा और उनका मुंह दबाकर लूटपाट की गई।
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यात्रियों का कहना है कि लूटपाट करने वाले सात लोगों के हाथों में असलहे, चाकू और ब्लेड थे। ट्रेन के जिस भी कोच में ये घुसे उन्हें देखकर सभी यात्री सहम गए। स्लीपर कोच की तीन बोगियों में लुधियाना से पानीपत के बीच लूटपाट की गई। यात्रियों ने दिल्ली में ट्रेन रुकने पर तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। डरे सहमे कई यात्री दिल्ली में ही ट्रेन से उतर गए।
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एस-थ्री कोच में बैठे कानपुर बर्रा-दो इलाके के आशीष आहूजा, उनकी पत्नी निधि आहूजा ने बताया कि उनका पर्स लूट लिया। इसमें पांच हजार रुपये, दो एंड्रॉयड मोबाइल और कई एटीएम कार्ड थे। इलाहाबाद के मैकफोर्डगंज निवासी अजय कुमार, पत्नी नंदादेवी और उनकी सांस शांति देवी अपने तीन बच्चों के साथ सफर कर रहे थे। उनके पर्स में रखे तीन हजार रुपये और मोबाइल भी छीन लिया गया।
उन्होंने बताया कि लुधियाना से पानीपत के बीच रात 12 बजे से पांच बजे तक अलग अलग बोगियों में लूट होती रही। ट्रेन में कोई भी आरपीएफ और जीआरपी का सुरक्षा दस्ता मौजूद नहीं था। इसी तरह इलाहाबाद की राजापुर निवासी मनीष श्रीवास्तव उनकी पत्नी डॉ. स्वाती श्रीवास्तव (लखनऊ के निजी कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर) के पांच हजार रुपये, दो मोबाइल और जरूरी कागाजत लूट ले गए। एस-5 में बैठे लखनऊ के हिमांशु, अरविंद और इलाहाबाद के सचिन से भी मोबाइल और पर्स में रखे दो से तीन हजार रुपये लूट लिये गए।
यात्रियों का कहना था कि लूट के बाद यात्रियों में इतना डर था कि कइयों ने दिल्ली से ट्रेन छोड़ दी। ट्रेन में सुरक्षा दस्ता न होने से यात्रियों में नाराजगी थी। पानीपत में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई तो उन लोगों ने दिल्ली में चेनपुलिंग कर रिपोर्ट दर्ज कराई। वहां दो घंटे तक ट्रेन रुकी रही। यह लूट स्लीपर की तीन बोगियों (एस-3, 4 और 5) में हुई। ट्रेन गुरुवार शाम छह बजे सेंट्रल स्टेशन पहुुंची तो आरपीएफ ने पीड़ितों के बयान दर्ज किये।
- कानपुर और इलाहाबाद के यात्रियों संग हुई लूटपाट
- लुधियाना से पानीपत के बीच दो दर्जन यात्रियों को लूटा