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एनर्जी स्टोरों से रेड बुल गायब, कई जगह छापेमारी
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 08 Mar 2017 12:01 AM IST
सार
- खाद्य सुरक्षा की छापेमारी में नहीं मिला एनर्जी ड्रिंक
- 15 किलोग्राम मिलावटी खोया नष्ट किया
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विस्तार
एनर्जी ड्रिंक रेड बुल में कैफिन की मात्रा ज्यादा मिलने से सतर्क खाद्य सुरक्षा की टीम ने मंगलवार को शहर के अलग-अलग हिस्सों के एनर्जी स्टोर पर छापेमारी की लेकिन ड्रिंक बिकता नहीं मिला। अभिहित अधिकारी सैय्यद शाहनवाज हैदर आबिदी का कहना है कि रेड बुल में कैफिन की मात्रा बहुत ज्यादा मिली है। यह सेहत के लिए नुकसानदायक है। जिस स्टोर पर ड्रिंक की बिक्री होगी, उसका लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
होली से पहले मिलावटी खाद्य और पेय पदार्थों के खिलाफ अभियान जारी है। मंगलवार को खाद्य सुरक्षा की अलग-अलग टीमें निकलीं और सैंपलिंग की। पुर्वामीर महाराजपुर से पेड़ा का नमूना लिया गया। साथ 15 किलो ग्राम खोया नष्ट किया गया। इसमें मिलावट की आशंका थी। खोया की कीमत 3750 रुपये बताई गई है। फजलगंज स्थित सब्बरवाल कोल्ड स्टोरेज से खोया के छह नमूने भरे गए हैं। इनकी जांच लखनऊ स्थित लैब से होगी।
अभिहित अधिकारी ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज का तापमान माइनस-18 डिग्री सेल्सियस होता है। खोया कड़क हो जाता है। इसलिए छेनी और हथौड़ी से काटकर खोया का नमूना लिया गया। पनीर, नमकीन भुजिया, देशी घी, छेना की मिठाई, मिक्स पिकल, गुझिया, कलाकंद और बेसन सहित कुल 19 नमूने भरे गए हैं। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद की लैब की जांच में रेड बुल में कैफिन की मात्रा अधिक पाई गई थी, इस कारण छापेमारी कराई गई।
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रेड बुल एनर्जी ड्रिंक पूरी तरह से सुरक्षित है। फूड सेफ्टी के सभी मानकों के हिसाब से इसे बनाया जाता है। यह आस्ट्रिया का प्रोडक्ट है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथारिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) सभी प्रोडक्ट की जांच करता है। इसकी मंजूरी के बाद ही प्रोडक्ट राज्यों में भेजा जाता है।
यूपी में कुछ गलत फहमियां हो गई हैं, इसलिए सैंपलिंग कराके जांच कराई गई। भारत के अन्य राज्यों में ऐसा नहीं है। सब जगह रेड बुल की बिक्री अच्छी है। 250 मिली ग्राम के एक केन में 80 एजी कैफिन होती है, जो एक कप कॉफी के बराबर होती है।
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होली से पहले मिलावटी खाद्य और पेय पदार्थों के खिलाफ अभियान जारी है। मंगलवार को खाद्य सुरक्षा की अलग-अलग टीमें निकलीं और सैंपलिंग की। पुर्वामीर महाराजपुर से पेड़ा का नमूना लिया गया। साथ 15 किलो ग्राम खोया नष्ट किया गया। इसमें मिलावट की आशंका थी। खोया की कीमत 3750 रुपये बताई गई है। फजलगंज स्थित सब्बरवाल कोल्ड स्टोरेज से खोया के छह नमूने भरे गए हैं। इनकी जांच लखनऊ स्थित लैब से होगी।
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अभिहित अधिकारी ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज का तापमान माइनस-18 डिग्री सेल्सियस होता है। खोया कड़क हो जाता है। इसलिए छेनी और हथौड़ी से काटकर खोया का नमूना लिया गया। पनीर, नमकीन भुजिया, देशी घी, छेना की मिठाई, मिक्स पिकल, गुझिया, कलाकंद और बेसन सहित कुल 19 नमूने भरे गए हैं। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद की लैब की जांच में रेड बुल में कैफिन की मात्रा अधिक पाई गई थी, इस कारण छापेमारी कराई गई।
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रेड बुल एनर्जी ड्रिंक पूरी तरह से सुरक्षित है। फूड सेफ्टी के सभी मानकों के हिसाब से इसे बनाया जाता है। यह आस्ट्रिया का प्रोडक्ट है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथारिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) सभी प्रोडक्ट की जांच करता है। इसकी मंजूरी के बाद ही प्रोडक्ट राज्यों में भेजा जाता है।
यूपी में कुछ गलत फहमियां हो गई हैं, इसलिए सैंपलिंग कराके जांच कराई गई। भारत के अन्य राज्यों में ऐसा नहीं है। सब जगह रेड बुल की बिक्री अच्छी है। 250 मिली ग्राम के एक केन में 80 एजी कैफिन होती है, जो एक कप कॉफी के बराबर होती है।