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रिजर्व बैंक का ई-पेमेंट और प्लास्टिक मनी बढ़ाने पर जोर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 24 Nov 2016 11:19 AM IST
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बैंकों को ई-पेमेंट वाले ऐप की होर्डिंग लगवाने के निर्देश
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करेंसी की किल्लत को दूर करने के लिए रिजर्व बैंक ने ई-पेमेंट और प्लास्टिक मनी को बढ़ाने पर जोर दिया है। वाणिज्य मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी दुर्गाशंकर मिश्र के साथ बैंकरों की मीटिंग के दौरान रिजर्व बैंक, कानपुर के उप महाप्रबंधक ने कहा कि हर बैंक प्रतिदिन कम से कम पांच पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन लगवाए। अभी तक बैंकों की ओर से जो आवेदन आए हैं वे बड़े प्रतिष्ठानों के अधिक हैं। जरूरत इस बात की है कि पीओएस मशीन रिटेल मार्केट में जनरल मर्चेंट के यहां लगे। सरकारी राशन की दुकानों, ब्यूटीपार्लर, मेंसपार्लर, सर्विस सेंटर, जनरल और मेडिकल स्टोर तक तो पहुंच हो ही जानी चाहिए। उप महाप्रबंधक ने कहा कि बैंकों में जिस भी दुकानदार, व्यापारी या सेवा प्रदाता का खाता है वे उससे संपर्क कर पीओएस मशीन लगवाने का दबाव डालें आने वाले समय के लिए तैयार करें। शहर में करीब आठ सौ बैंक हैं। हर बैंक ने यदि दिन में पांच मशीनें लगवा दीं तो करीब चार हजार मशीन रोजाना बढे़ंगी। इसका फायदा ये होगा कि आम आदमी दो हजार रुपये निकालने के लिए एटीएम या बैंक में लाइन नहीं लगाएगा। सीधे दुकान में जाकर कार्ड स्वाइप करेगा।
प्रचार जरूरी, पढ़े लिखों को भी नहीं पता कई ऐप
डीएम कौशलराज शर्मा ने कहाकि कोई भी ऐसी बैंक नहीं है जिसका ऐप न हो, लेेकिन इसकी जानकारी हर व्यक्ति को नहीं है। ज्यादातर पढ़े लिखे लोग भी हर तरह के एप के बारे में नहीं जानते। जैसे एसबीआई का ‘बडी’ ऐप। ये 10 हजार रुपये के आपसी लेनदेन के लिए बहुत अच्छा है। एचडीएफसी का ‘चिल्लर’ छोटे भुगतान और बिल पेमेंट के लिए सटीक है। तीन दिन पहले ही उन्होंने इसे डाउनलोड किया है। ये ऐप उन्हें भी पता नहीं थे। इसलिए जरूरी है कि बैंक अपने ऐप का प्रचार करें। स्कूल कॉलेज, मार्केट और रेलवे बस स्टेशन और चौराहों पर इसके होर्डिंग्स लगाएं।
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प्रचार जरूरी, पढ़े लिखों को भी नहीं पता कई ऐप
डीएम कौशलराज शर्मा ने कहाकि कोई भी ऐसी बैंक नहीं है जिसका ऐप न हो, लेेकिन इसकी जानकारी हर व्यक्ति को नहीं है। ज्यादातर पढ़े लिखे लोग भी हर तरह के एप के बारे में नहीं जानते। जैसे एसबीआई का ‘बडी’ ऐप। ये 10 हजार रुपये के आपसी लेनदेन के लिए बहुत अच्छा है। एचडीएफसी का ‘चिल्लर’ छोटे भुगतान और बिल पेमेंट के लिए सटीक है। तीन दिन पहले ही उन्होंने इसे डाउनलोड किया है। ये ऐप उन्हें भी पता नहीं थे। इसलिए जरूरी है कि बैंक अपने ऐप का प्रचार करें। स्कूल कॉलेज, मार्केट और रेलवे बस स्टेशन और चौराहों पर इसके होर्डिंग्स लगाएं।
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