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आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में छापा, लड़कियों के बयान दर्ज
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 21 Nov 2017 01:16 PM IST
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डेमो पिक
बांदा के सर्वोदय नगर इलाके में चल रहे आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में पुलिस ने सोमवार को छापा मारकर संचालक हेमंत राय को हिरासत में ले लिया। आश्रम में सहमति बगैर बालिकाओं को रखने की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की। वहां मौजूद युवतियों (सेविकाओं) से पूछताछ कर बयान भी दर्ज किए। पुलिस का कहना है कि फौरी तौर पर विश्वविद्यालय का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं मिला है। इस पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। युवतियों की पारिवारिक जांच भी की जाएगी।
आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में बिहार सहित यूपी के कई जनपदों की युवतियां आध्यात्मिक ज्ञान लेने आती हैं। क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि इस विश्वविद्यालय के तार बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित से जुड़े होने की बात सामने आई है। देश भर में वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रमों में छापे मारे जा रहे हैं। बांदा में यह विश्वविद्यालय रामदयाल कालोनी में तीन साल से संचालित है। सोमवार को महिला पुलिस कर्मी दीक्षा सिंह व फोर्स के साथ छापेमारी की गई। मुख्य प्रभारी रेखा कुमारी नहीं मिलीं। बताया गया कि वह इलाज कराने गोरखपुर गई हैं। पुलिस ने सह प्रभारी बांदा निवासी रेखा राय व बिहार के जेठवार निवासी कविता सिंह समेत सात युवतियों से पूछताछ की। कंप्यूटर, अभिलेख खंगाले और ठहरने आदि जगहों की पड़ताल की। रेखा राय ने बताया कि बिहार, राजस्थान सहित कई प्रांतों और कानपुर, फर्रुखाबाद व दिल्ली के युवक-युवतियां (सेवक-सेविकाएं) मासिक सत्संग में शामिल होने व ज्ञान देने यहां आते हैं।
रेखा राय और कविता सिंह संस्था के पंजीकरण संबंधी अभिलेख पुलिस को नहीं दिखा पाईं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने साजिश के तहत विश्वविद्यालय को बदनाम करने के लिए झूठी शिकायतें की हैं। पुलिस ने विश्वविद्यालय संचालक हेमंत राय से भी पूछताछ की और उसे हिरासत में ले लिया। बताया गया कि हेमंत राय यहां पुरुषों की व्यवस्था देखता है। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि जांच अभी जारी है। संस्था का पंजीकरण न होने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित पर रेप का आरोप
दिल्ली के रोहिणी स्थित अध्यात्मिक आश्रम के संचालक बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के खिलाफ एक युवती की ओर से रेप की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने वहां छापेमारी की थी। इसी आश्रम में राजस्थान के झूंझनूं की एक युवती को जबरदस्ती रखने का आरोप भी संचालक पर लगा। इसके बाद उसके आश्रमों में छापेमारी शुरू हो गई। 1998 में भी बाबा पर फर्रुखाबाद में दुष्कर्म का आरोप लगा था और उसकी गिरफ्तारी हुई थी। हालांकि बाबा का दावा है कि वह ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सिद्धांतों पर अपने आश्रम को चलाता है।
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आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में बिहार सहित यूपी के कई जनपदों की युवतियां आध्यात्मिक ज्ञान लेने आती हैं। क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि इस विश्वविद्यालय के तार बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित से जुड़े होने की बात सामने आई है। देश भर में वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रमों में छापे मारे जा रहे हैं। बांदा में यह विश्वविद्यालय रामदयाल कालोनी में तीन साल से संचालित है। सोमवार को महिला पुलिस कर्मी दीक्षा सिंह व फोर्स के साथ छापेमारी की गई। मुख्य प्रभारी रेखा कुमारी नहीं मिलीं। बताया गया कि वह इलाज कराने गोरखपुर गई हैं। पुलिस ने सह प्रभारी बांदा निवासी रेखा राय व बिहार के जेठवार निवासी कविता सिंह समेत सात युवतियों से पूछताछ की। कंप्यूटर, अभिलेख खंगाले और ठहरने आदि जगहों की पड़ताल की। रेखा राय ने बताया कि बिहार, राजस्थान सहित कई प्रांतों और कानपुर, फर्रुखाबाद व दिल्ली के युवक-युवतियां (सेवक-सेविकाएं) मासिक सत्संग में शामिल होने व ज्ञान देने यहां आते हैं।
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रेखा राय और कविता सिंह संस्था के पंजीकरण संबंधी अभिलेख पुलिस को नहीं दिखा पाईं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने साजिश के तहत विश्वविद्यालय को बदनाम करने के लिए झूठी शिकायतें की हैं। पुलिस ने विश्वविद्यालय संचालक हेमंत राय से भी पूछताछ की और उसे हिरासत में ले लिया। बताया गया कि हेमंत राय यहां पुरुषों की व्यवस्था देखता है। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि जांच अभी जारी है। संस्था का पंजीकरण न होने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित पर रेप का आरोप
दिल्ली के रोहिणी स्थित अध्यात्मिक आश्रम के संचालक बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के खिलाफ एक युवती की ओर से रेप की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने वहां छापेमारी की थी। इसी आश्रम में राजस्थान के झूंझनूं की एक युवती को जबरदस्ती रखने का आरोप भी संचालक पर लगा। इसके बाद उसके आश्रमों में छापेमारी शुरू हो गई। 1998 में भी बाबा पर फर्रुखाबाद में दुष्कर्म का आरोप लगा था और उसकी गिरफ्तारी हुई थी। हालांकि बाबा का दावा है कि वह ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सिद्धांतों पर अपने आश्रम को चलाता है।