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खतरे में डाली यात्रियों जान, चटकी पटरी में ऐसे लगाया ‘जुगाड़ का ज्वाइंट’
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 17 Dec 2016 09:24 PM IST
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लखनऊ-कानपुर रेल मार्ग पर अप लाइन पर शुक्रवार चटकी थी पटरी
- फोटो : अमर उजाला
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पुखरायां हादसे से कोई सबक न लेकर रेलवे विभाग जुगाड़ से ट्रेनें चलाकर हजारों यात्रियों की जान खतरे में डाल रहा है। शनिवार को कुछ ऐसा ही वाकया उन्नाव में हुआ।
लखनऊ-कानपुर रेलमार्ग पर मुकुंदखेड़ा के पास अफसरों को रेल पटरी चटकने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे कर्मचारियों ने बिना वेल्डिंग कि ए ही टूटी पटरी को प्लेट से जोड़कर काम चला दिया। विभागीय सूत्रों के मुताबिक संबंधित विभाग को पटरी चटकने की सूचना शुक्रवार रात ही दे दी गई थी।
लखनऊ-कानपुर रेलमार्ग स्थित उन्नाव जंक्शन से करीब चार किमी की दूरी पर मुकुंदखेड़ा रेलवे फाटक के पास खंभा नंबर-50/13 के सामने अप लाइन पर शुक्रवार रात चटक गई। कीमैन ने पटरी चटके होने की सूचना विभागीय अफसरों को दी।
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आनन-फानन में मौके पर कर्मचारियों की टीम भेजी गई। पटरी चटकने से हुए बड़े गैप को देखकर कर्मचारियों ने सूचना अधिकारियों की दी। पटरी के नीचे लकड़ी के टुकड़ों को भर प्लेट लगाकर जोड़ दिया गया। अधिकारियों के निर्देश ऐसा तब किया जब इस ट्रैक पर करीब एक सैकड़ा से अधिक ट्रेनों का संचालन होता है। जिनमें शताब्दी जैसी वीआईपी ट्रेन भी शामिल है। रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर मो. इरशाद ने घटना की जानकारी से इंकार किया।
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लखनऊ-कानपुर रेलमार्ग पर मुकुंदखेड़ा के पास अफसरों को रेल पटरी चटकने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे कर्मचारियों ने बिना वेल्डिंग कि ए ही टूटी पटरी को प्लेट से जोड़कर काम चला दिया। विभागीय सूत्रों के मुताबिक संबंधित विभाग को पटरी चटकने की सूचना शुक्रवार रात ही दे दी गई थी।
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लखनऊ-कानपुर रेलमार्ग स्थित उन्नाव जंक्शन से करीब चार किमी की दूरी पर मुकुंदखेड़ा रेलवे फाटक के पास खंभा नंबर-50/13 के सामने अप लाइन पर शुक्रवार रात चटक गई। कीमैन ने पटरी चटके होने की सूचना विभागीय अफसरों को दी।
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आनन-फानन में मौके पर कर्मचारियों की टीम भेजी गई। पटरी चटकने से हुए बड़े गैप को देखकर कर्मचारियों ने सूचना अधिकारियों की दी। पटरी के नीचे लकड़ी के टुकड़ों को भर प्लेट लगाकर जोड़ दिया गया। अधिकारियों के निर्देश ऐसा तब किया जब इस ट्रैक पर करीब एक सैकड़ा से अधिक ट्रेनों का संचालन होता है। जिनमें शताब्दी जैसी वीआईपी ट्रेन भी शामिल है। रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर मो. इरशाद ने घटना की जानकारी से इंकार किया।