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राष्ट्रपति के रिश्तेदार को धमकी पाकिस्तान से ही, व्हाट्सएप ने नहीं दी जानकारी, अटकी मामले की जांच

Wed, 01 Jan 2020 07:35 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 01 Jan 2020 07:35 PM IST
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President's relative threatened by Pakistan, WhatsApp did not provide information  
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : गूगल
कानपुर में राष्ट्रपति के रिश्तेदार को पाकिस्तान के नंबर से ही धमकी दी गई थी। इस बात की पुष्टि साइबर सेल ने कर दी है। कॉल के लिए न तो डार्क नेट (इसमें इंटरनेट का इस्तेमाल कर कंप्यूटर से कॉल की जाती है) का इस्तेमाल किया गया और न ही स्पूफिंग कॉल (इस कॉल में दूसरे का नंबर दिखता है) की गई।
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कॉल करने वाले तक पुलिस फिलहाल नहीं पहुंच पाएगी क्योंकि व्हाट्सएप हेडक्वार्टर ने नंबर संबंधी किसी भी तरह की जानकारी साइबर सेल को नहीं दी है। मामले की जांच अटक गई है। गूबा गार्डेन निवासी राजीव कुमार नमो सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं।
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वह राष्ट्रपति के भतीजे पंकज के साले हैं। 28 नवंबर की दोपहर 2:01 बजे उनके पास व्हाट्सएप पर एक कॉल आया था। कॉल करने वाले शख्स ने धमकी देते हुए कहा था कि वह नमो सेना छोड़ दें, नहीं तो पूरे परिवार को आरडीएक्स से उड़ा दिया जाएगा।

जिस नंबर से कॉल आई थी, उसमें पाकिस्तान का कंट्री कोड(+92) था। राजीव ने कल्याणपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस को आशंका थी कि कॉलर अपने ही देश का है। उसने डार्क नेट या स्पूफिंग कॉल का इस्तेमाल किया होगा। साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर लान सिंह ने बताया कि जांच में डार्क नेट या स्पूफिंग कॉल की पुष्टि नहीं हुई है। साफ है कि यह नंबर पाकिस्तान का ही है और वहीं से कॉल की गई है।

कॉल करने वाले तक पहुंचना है मुश्किल
साइबर एक्सपर्ट राहुल मिश्रा ने बताया व्हाट्सएप कॉल में आईपी एड्रेस ट्रेस कर कॉल करने वाले तक पुलिस पहुंचती है। आईपी एड्रेस व्हाट्सएप हेडक्वार्टर से मिलता है। आमतौर पर व्हाट्सएप हेडक्वार्टर यह जानकारी साझा नहीं करता है।

इसमें वह प्राइवेसी का हवाला देता है। इस मामले में भी यही दिक्कत आ रही है। साइबर सेल ने व्हाट्सएप हेडक्वार्टर को ई-मेल कर मामले की जानकारी दे आईपी एड्रेस मांगा था, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।
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