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यूपी: पैरा नेशनल टेबल टेनिस में कानपुर को पहला स्वर्ण, प्राची पांडेय ने कर्नाटक की खिलाड़ी को हराकर जीता खिताब

Wed, 04 May 2022 09:10 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 04 May 2022 09:10 PM IST
सार

कानपुर की प्राची पांडेय ने पैरा नेशनल टेबल टेनिस प्रतियोगिता में शहर को स्वर्ण पदक दिलाया है। खास बात यह है कि जिस इंदौर शहर में प्राची ने नेशनल प्रतियोगिता का पहला मैच खेला था, उसी शहर में सोना जीतकर इतिहास रचा है।

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prachi pandey won gold medal in para national table tennis competition
पैरा नेशनल टेबल टेनिस में प्राची पांडेय ने जीता स्वर्ण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पैरा नेशनल टेबल टेनिस प्रतियोगिता में कानपुर को पहला स्वर्ण पदक मिला है। यह कारनामा कर दिखाया कौशलपुरी की रहने वाली प्राची पांडेय ने। इंदौर में 29 अप्रैल को हुई प्रतियोगिता में प्राची ने कर्नाटक की खिलाड़ी को हराकर यह खिताब अपने नाम किया है। खास बात यह है कि जिस इंदौर शहर में प्राची ने नेशनल प्रतियोगिता का पहला मैच खेला था, उसी शहर में सोना जीतकर इतिहास रचा है।
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उनकी इस उपलब्धि पर शहर के पैरा खिलाड़ियों ने बधाई दी है। कमला नगर स्थित एकेडमी में बुधवार को पत्रकार वार्ता कर एकेडमी के सचिव आशीष चौहान ने बताया कि कौशलपुरी निवासी हेड कांस्टेबल शिव शंकर पांडेय वाराणसी में तैनात हैं। उनकी बेटी प्राची पुणे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। इन दिनों वर्क फ्रॉम होम कर रही है। साथ ही सर पद्मपत सिंहानिया स्पोर्ट्स एकेडमी में प्रशिक्षक रवि पोपटानी की देखरेख में टेबल टेनिस का प्रशिक्षण भी ले रही हैं। प्राची को बचपन से ही इस खेल में रुचि थी। मगर पैर की नसों में दिक्कत होने के कारण इस खेल में पूरी तरह से उतर नहीं पाई।
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2007, 2011 व 2018 में तीन बार ऑपरेशन होने के बाद जब पैर थोड़ा काम करने लगा तो उन्होंने फिर से अभ्यास शुरू कर दिया। 2021 में पहली बार इंदौर में नेशनल पैरा चैंपियनशिप में खेलने का मौका मिला था। हालांकि तब उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अपनी लगन और मेहनत के दम पर प्राची ने इस बार स्वर्ण पदक जीता है। क्वार्टर फाइनल में प्राची ने गुजरात की ध्वनि को 3-0 से हराया था। सेमीफाइनल में गुजरात की सोनालिया को 3-0 से हराया। फाइनल मुकाबले में कर्नाटका की मयावा को 3-0 से हराकर खिताब पर कब्जा किया। एकेडमी में बुधवार को प्राची को सम्मानित किया गया।

खिलाड़ियों को दिमाग से मजबूत बना आगे बढ़ाना है
प्रशिक्षक रवि पोपटानी ने बताया कि ऐसे खिलाड़ियों को अभ्यास कराने में काफी दिक्कत होती है। प्राची के पैर में ज्यादा मूवमेंट नहीं होता। इसके बाद भी वह खड़ी होकर ही खेलती है। वह आम खिलाड़ियों के साथ ही अभ्यास करती है ताकि दिमागी रूप से मजबूत बन सके। प्राची ने रोबोट के साथ अभ्यास किया जो कि काफी कठिन होता है। 

कानपुर में अंतरराष्ट्रीय पदक लाना लक्ष्य
एकेडमी के सचिव अभिषेक चौहान व भावना गुप्ता ने बताया कि एकेडमी होनहार पैरा खिलाड़ियों को निशुल्क प्रशिक्षण देती है। एकेडमी का लक्ष्य है कि ऐसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाएं जो हुनरमंद हैं और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश व प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। राष्ट्रीय स्तर के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक लाना एकेडमी का लक्ष्य है।
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