{"_id":"6ae25525ca1448bf1509aa50","slug":"porters-spend-their-days-sitting-at-shopping-centers-losing-wages-kanpur-news-c-220-1-akb1002-151250-2026-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: पल्लेदार क्रय केंद्रों पर बैठकर बिता रहे दिन, मजदूरी का नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: पल्लेदार क्रय केंद्रों पर बैठकर बिता रहे दिन, मजदूरी का नुकसान
Thu, 29 Oct 2026 01:33 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 29 Oct 2026 01:33 AM IST
विज्ञापन
कानपुर देहात। अनाज की सरकारी खरीद में नियमों की अड़चन के चलते क्रय केंद्रों पर किसान नहीं पहुंच रहे हैं। इधर, पल्लेदार पूरे दिन बैठकर समय बिता रहे हैं। मजदूरी का नुकसान होने से पल्लेदार परेशान हैं।
किसान पंजीयन में एग्रीस्टैक की परेशानी की वजह से पंजीयन सुस्त है। इधर, क्रय केंद्रों पर पॉप (पॉइंट ऑफ परचेज) मशीन में केंद्र प्रभारी, कम से कम चार श्रमिकों व इसके बाद किसान का अंगूठा लगाकर खरीद के नियम की अड़चन से मोटे अनाज की खरीद बेहद सुस्त है। जनपद में कुल 43 क्रय केंद्र बने हैं। पहली अक्तूबर से खुले इन क्रय केंद्रों में केवल पुखरायां मंडी स्थित गजनेर एड मंडी पुखरायां में छह किसानों से 17.45 मीट्रिक टन और पुखरायां मंडी प्रथम केंद्र पर नौ किसानों से 34.10 मीट्रिक टन बाजरा की खरीद हुई है। जबकि ज्वार और मक्का खरीद की बोहनी नहीं हो सकी है।
ऑनलाइन पंजीयन को एग्रीस्टैक से जोड़ दिया गया है। एग्रीस्टैक में 100 फीसदी गाटे दर्ज नहीं होने की दिक्कत है। ऐसे में किसान अनाज बेचने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीयन नहीं करा पा रहा है। इधर, पॉप मशीन पर कम से कम चार पल्लेदारों के अंगूठा लगने के बाद किसान का अंगूठा नहीं लगने की दिक्कत है। कई बार तौल के समय किसान के प्रतिनिधि मौजूद रहते हैं। इसको लेकर भी समस्या है। किसान के बुजुर्ग या फिर महिला होने की परेशानी भी इसमें शामिल है। इसको लेकर दिक्कत बनी है। कुछ केंद्रों पर अनाज की तौल करा जरूर ली गई है लेकिन खरीद की फीडिंग नहीं होने से किसान का भुगतान नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
इस बार बदले खरीद नियम के चलते मोटे अनाज की खरीद धड़ाम है। हालात ये हैं कि क्रय केंद्रों पर पल्लेदार पहुंचते हैं लेकिन तौल नहीं होने और किसानों के अनाज लेकर नहीं आने से पूरा-पूरा दिन पल्लेदार इंतजार में बैठे रहते हैं। अकबरपुर नयागंज निवासी छोटू, जितेंद्र, कृपालपुर निवासी राजू, मंगोलपुर निवासी दिलशाद आदि पल्लेदारों ने बताया कि अकबरपुर उपमंडी स्थल क्रय केंद्र पर हर दिन करीब बीस श्रमिक आते हैं। अनाज लेकर किसान नहीं आने से पूरे दिन केंद्र पर आकर बैठना पड़ता है। इससे मजदूरी का नुकसान हो रहा है। पूर्व में वर्षों में अनाज तौलने की जो व्यवस्था थी उसमें सुबह से ही तौल शुरू हो जाती थी और पर्याप्त मजदूरी मिलती थी।
..................
अनाज खरीद के नियम की तकनीकी दिक्कत है। पुखरायां के दो क्रय केंद्रों पर बाजरा की खरीद की जा चुकी है। समस्या समाधान के लिए प्रदेश सरकार की ओर से पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। यह समिति जल्द अनाज खरीद में आ रही दिक्कतों की रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद नियम में छूट मिलने या बदलाव की उम्मीद है। किसानों के अनाज खेप लेकर क्रय केंद्र पर आने पर तौल कराई जा रही है। हालांकि फीडिंग नहीं हो पा रही है। - देवेंद्र सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
...................
एग्रीस्टैक पर गाटे छूटे, अटका पंजीयन
अनाज बेचने के लिए अनिवार्य ऑनलाइन पंजीयन को इस बार एग्रीस्टैक से जोड़ दिया गया है। शत-प्रतिशत गाटे एग्रीस्टैक पर दर्ज नहीं हो सके हैं। किसानों के ऑनलाइन पंजीयन कर शून्य ब्योरा दर्शाने पर आवेदन आगे नहीं बढ़ता है। उप निदेशक कृषि हरिशंकर भार्गव ने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे में ऑनलाइन खसरा अपडेट होता है। शत प्रतिशत डिजिटल क्रॉप सर्वे नहीं होने से एग्रीस्टैक पर फसल का ब्योरा छूटा है। उन्होंने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे छूटने के पीछे सर्वेयर का संबंधित गाटे तक नहीं पहुंच पाना है। कई बार जलभराव या फिर नदी किनारे का क्षेत्र होने से यह परेशानी आती है। सर्वेयर 20 मीटर दायरे में रहे तो गाटे का सर्वे हो जाता है। एडीएम वित्त एवं राजस्व से वार्ता हुई है। इसमें उन्होंने बताया है कि खाद्य विपणन निदेशालय को एग्रीस्टैक से छूटे किसानों को अनाज की खरीद में शामिल करने का अनुरोध किया गया है।
विज्ञापन
किसान पंजीयन में एग्रीस्टैक की परेशानी की वजह से पंजीयन सुस्त है। इधर, क्रय केंद्रों पर पॉप (पॉइंट ऑफ परचेज) मशीन में केंद्र प्रभारी, कम से कम चार श्रमिकों व इसके बाद किसान का अंगूठा लगाकर खरीद के नियम की अड़चन से मोटे अनाज की खरीद बेहद सुस्त है। जनपद में कुल 43 क्रय केंद्र बने हैं। पहली अक्तूबर से खुले इन क्रय केंद्रों में केवल पुखरायां मंडी स्थित गजनेर एड मंडी पुखरायां में छह किसानों से 17.45 मीट्रिक टन और पुखरायां मंडी प्रथम केंद्र पर नौ किसानों से 34.10 मीट्रिक टन बाजरा की खरीद हुई है। जबकि ज्वार और मक्का खरीद की बोहनी नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
ऑनलाइन पंजीयन को एग्रीस्टैक से जोड़ दिया गया है। एग्रीस्टैक में 100 फीसदी गाटे दर्ज नहीं होने की दिक्कत है। ऐसे में किसान अनाज बेचने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीयन नहीं करा पा रहा है। इधर, पॉप मशीन पर कम से कम चार पल्लेदारों के अंगूठा लगने के बाद किसान का अंगूठा नहीं लगने की दिक्कत है। कई बार तौल के समय किसान के प्रतिनिधि मौजूद रहते हैं। इसको लेकर भी समस्या है। किसान के बुजुर्ग या फिर महिला होने की परेशानी भी इसमें शामिल है। इसको लेकर दिक्कत बनी है। कुछ केंद्रों पर अनाज की तौल करा जरूर ली गई है लेकिन खरीद की फीडिंग नहीं होने से किसान का भुगतान नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
इस बार बदले खरीद नियम के चलते मोटे अनाज की खरीद धड़ाम है। हालात ये हैं कि क्रय केंद्रों पर पल्लेदार पहुंचते हैं लेकिन तौल नहीं होने और किसानों के अनाज लेकर नहीं आने से पूरा-पूरा दिन पल्लेदार इंतजार में बैठे रहते हैं। अकबरपुर नयागंज निवासी छोटू, जितेंद्र, कृपालपुर निवासी राजू, मंगोलपुर निवासी दिलशाद आदि पल्लेदारों ने बताया कि अकबरपुर उपमंडी स्थल क्रय केंद्र पर हर दिन करीब बीस श्रमिक आते हैं। अनाज लेकर किसान नहीं आने से पूरे दिन केंद्र पर आकर बैठना पड़ता है। इससे मजदूरी का नुकसान हो रहा है। पूर्व में वर्षों में अनाज तौलने की जो व्यवस्था थी उसमें सुबह से ही तौल शुरू हो जाती थी और पर्याप्त मजदूरी मिलती थी।
..................
अनाज खरीद के नियम की तकनीकी दिक्कत है। पुखरायां के दो क्रय केंद्रों पर बाजरा की खरीद की जा चुकी है। समस्या समाधान के लिए प्रदेश सरकार की ओर से पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। यह समिति जल्द अनाज खरीद में आ रही दिक्कतों की रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद नियम में छूट मिलने या बदलाव की उम्मीद है। किसानों के अनाज खेप लेकर क्रय केंद्र पर आने पर तौल कराई जा रही है। हालांकि फीडिंग नहीं हो पा रही है। - देवेंद्र सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
...................
एग्रीस्टैक पर गाटे छूटे, अटका पंजीयन
अनाज बेचने के लिए अनिवार्य ऑनलाइन पंजीयन को इस बार एग्रीस्टैक से जोड़ दिया गया है। शत-प्रतिशत गाटे एग्रीस्टैक पर दर्ज नहीं हो सके हैं। किसानों के ऑनलाइन पंजीयन कर शून्य ब्योरा दर्शाने पर आवेदन आगे नहीं बढ़ता है। उप निदेशक कृषि हरिशंकर भार्गव ने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे में ऑनलाइन खसरा अपडेट होता है। शत प्रतिशत डिजिटल क्रॉप सर्वे नहीं होने से एग्रीस्टैक पर फसल का ब्योरा छूटा है। उन्होंने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे छूटने के पीछे सर्वेयर का संबंधित गाटे तक नहीं पहुंच पाना है। कई बार जलभराव या फिर नदी किनारे का क्षेत्र होने से यह परेशानी आती है। सर्वेयर 20 मीटर दायरे में रहे तो गाटे का सर्वे हो जाता है। एडीएम वित्त एवं राजस्व से वार्ता हुई है। इसमें उन्होंने बताया है कि खाद्य विपणन निदेशालय को एग्रीस्टैक से छूटे किसानों को अनाज की खरीद में शामिल करने का अनुरोध किया गया है।