Unnao: अनुज प्रताप सिंह एनकाउंटर में पुलिस को क्लीनचिट, जांच पूरी…सिटी मजिस्ट्रेट ने डीएम को भेजी रिपोर्ट
Unnao News: एनकाउंटर पर जब सवाल उठे, तो डीएम गौरांग राठी ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश देते हुए सिटी मजिस्ट्रेट राजीव राज को नामित किया था। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि जांच पूरी हो गई है। करीब 22 लोगों के बयान लिए गए हैं।
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उन्नाव जिले में सुल्तानपुर डकैती में शामिल अनुज प्रजाप सिंह के अचलगंज क्षेत्र में हुए एनकाउंटर में हुई मजिस्ट्रेटी जांच पूरी हो गई है। जांच कर रहे सिटी मजिस्ट्रेट ने दो चश्मदीद सहित पुलिस व स्वास्थ्य के 22 कर्मियों के बयानों के आधार पर तैयार रिपोर्ट में पुलिस को क्लीनचिट दी है। रिपोर्ट में लिखा गया है कि पुलिस कर्मियों ने बदमाश अनुज प्रताप सिंह को आत्मसमर्पण करने को कहा था लेकिन उसके द्वारा पुलिस बल पर फायरिंग कर दी गई थी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें अनुज प्रताप घायल हो गया था।
108 एंबुलेंस से अस्पताल भी भेजा गया था लेकिन खून अधिक बह जाने से उसकी मौत हो गई थी। मालूम हो कि सुल्तानपुर जिले के ठठेरी बाजार में सराफा कारोबारी भरत सोनी की दुकान में 28 अगस्त 2024 को पांच नकाबपोश बदमाशों ने डाका डाला था। लखनऊ एसटीएफ घटना की जांच कर रही थी। डकैती में अमेठी जिले के थाना मोहनगंज के गांव जनापुर निवासी अनुज प्रताप सिंह (25) पुत्र धर्मराज भी शामिल था। इसमें अपने हिस्से में आए लूटे गए चांदी के जेवर बेचने के लिए अनुज प्रताप तीन-चार दिन से अपने एक परिचित की मदद से उन्नाव के अचलगंज कटरी क्षेत्र में शरण लिए था।
12 सदस्यीय टीम ने मुठभेड़ के दौरान एनकाउंटर कर दिया था
मददगार के माध्यम से शुक्लागंज के एक व्यापारी को चांदी के जेवर बेचने की फिराक में था। बात न बनने पर उसने रायबरेली जाने का प्लान बनाया था। मुखबिर से इसका इनपुट मिलने के बाद एसटीएफ ने अचलंगज थाना पुलिस की मदद से 22 सितंबर की रात दस बजे से ही घेराबंदी शुरू कर दी थी। इसके बाद 23 सितंबर की तड़के 3.45 बजे एसटीएफ सीओ प्रमेश कुमार शुक्ला के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम ने मुठभेड़ के दौरान कुल्हागाढ़ा बेथर मार्ग उसका एनकाउंटर कर दिया था।
करीब 22 लोगों के बयान लिए गए हैं
एनकाउंटर पर जब सवाल उठे, तो डीएम गौरांग राठी ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश देते हुए सिटी मजिस्ट्रेट राजीव राज को नामित किया था। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि जांच पूरी हो गई है। करीब 22 लोगों के बयान लिए गए हैं। सभी ने अपने बयान में पुलिस द्वारा समर्पण करने का मौका देने के बाद भी बदमाश के फायरिंग कर देने की बात कही गई। जवाब में पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में फायरिंग करने से बदमाश को गोली लगी और अधिक खून बह जाने से उसकी मौत हो गई।
इनके दर्ज हुए बयान
- घटनास्थल से कुछ दूरी पर खेत की जुताई कराने बाईक से जा रहे मवैया माफी गांव के दो ग्रामीण।
- एसटीएफ के सीओ, निरीक्षक व एक उपनिरीक्षक।
- मुख्य आरक्षी व चालक सहित नौ पुलिस कर्मी।
- एक फारेंसिंक विशेषज्ञ।
- एक वरिष्ठ चिकित्साधिकारी।
- एक चिकित्साधिकारी।
- एक फार्मासिस्ट।
- दो टेक्नीशियन।
- दो एंबुलेंस चालक।