{"_id":"580111334f1c1b7a3028de74","slug":"poisonous-worm-attack-make-holes-in-body","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मौसम बदला तो जहरीले कीड़ों ने किया हमला, छेद रहा जिस्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम बदला तो जहरीले कीड़ों ने किया हमला, छेद रहा जिस्म
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 14 Oct 2016 10:39 PM IST
बीटल इंफेक्शन से युवक के गले पर बना निशान
- फोटो : रविंदर सिंह भाटिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौसम बदला तो लोगों पर जहरीले कीट का हमला शुरू हो गया। आग वाला कीड़ा (बीटल) लोगों के शरीर को छेद रहा है। यह कीड़ा शरीर पर जहां बैठ जाता है, वहां फफोले पड़ने के साथ तेज जलन हो रही है। फफोले फैलने से दिक्कत बढ़ जाती है।
मेडिकल कॉलेज में चर्म रोग के नोडल अधिकारी डॉ. डीपी शिवहरे कहते हैं कि हैलट ओपीडी में इस समय बीटल इंफेक्शन के मामले ज्यादा आ रहे हैं। कीड़ा शरीर पर बैठ गया तो जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखाने की कोशिश करें। अपने मन से दवाएं न लें क्योंकि कुछ दवाएं रिएक्शन भी कर सकती हैं। ठंड पड़ते ही यह गायब हो जाते हैं।
मेडिकल कॉलेज में चर्म रोग के नोडल अधिकारी डॉ. डीपी शिवहरे कहते हैं कि हैलट ओपीडी में इस समय बीटल इंफेक्शन के मामले ज्यादा आ रहे हैं। कीड़ा शरीर पर बैठ गया तो जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखाने की कोशिश करें। अपने मन से दवाएं न लें क्योंकि कुछ दवाएं रिएक्शन भी कर सकती हैं। ठंड पड़ते ही यह गायब हो जाते हैं।
इस हिस्से में करते हैं अटैक
हैलेट में सृष्टि मिश्रा हाथों पर छाले दिखाते हुई
- फोटो : राहुल शुक्ला
इस हिस्से में करते हैं अटैक
आंख, नाक, गला, गर्दन, हाथ-पैर। यानी शरीर के खुले हिस्से में यह कीड़े बैठ जाते हैं।
ग्रे और ग्रीन कलर के होते हैं
ग्रे और ग्रीन कलर के यह कीड़े शरीर पर जब बैठते हैं तो कुछ नहीं होता लेकिन जब यह चलते हैं तो इनके शरीर से एक विशेष द्रव निकलता है जिससे त्वचा में तेज जलन से फफोले पड़ने लगते हैं। यदि त्वचा का यह हिस्सा दूसरे हिस्से में छू जाए तो वह हिस्सा भी प्रभावित हो जाता है।
आंख, नाक, गला, गर्दन, हाथ-पैर। यानी शरीर के खुले हिस्से में यह कीड़े बैठ जाते हैं।
ग्रे और ग्रीन कलर के होते हैं
ग्रे और ग्रीन कलर के यह कीड़े शरीर पर जब बैठते हैं तो कुछ नहीं होता लेकिन जब यह चलते हैं तो इनके शरीर से एक विशेष द्रव निकलता है जिससे त्वचा में तेज जलन से फफोले पड़ने लगते हैं। यदि त्वचा का यह हिस्सा दूसरे हिस्से में छू जाए तो वह हिस्सा भी प्रभावित हो जाता है।