राष्ट्रीय बाल पुरस्कार: डिजिटल माध्यम से बच्चों को बांटे पुरस्कार, आईआईटी की ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को 61 बच्चों को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। कानपुर आईआईटी की ब्लॉकचेन तकनीक का प्रयोग करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार राष्ट्रीय बाल पुरस्कार डिजिटल माध्यम से दिए हैं। खास बात यह है कि आईआईटी के दीक्षांत समारोह में पीएम ने ही इस टेक्नोलॉजी का शुभारंभ किया था।
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कानपुर आईआईटी के खाते में एक और उपलब्धि दर्ज हो गई है। संस्थान की ब्लॉकचेन तकनीक का प्रयोग करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार राष्ट्रीय बाल पुरस्कार डिजिटल माध्यम से दिए हैं। खास बात यह है कि आईआईटी के दीक्षांत समारोह में पीएम ने ही इस टेक्नोलॉजी का शुभारंभ किया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को 61 बच्चों को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। इसमें 29 बच्चों को इस वर्ष और 32 बच्चों को पिछले वर्ष के लिए सम्मानित किया गया। सभी बच्चों को डिजिटल सर्टिफिकेट ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के माध्यम से दिए गए।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि यह पहला मौका है जब प्रधानमंत्री ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के माध्यम से डिजिटली पुरस्कार दे रहे हैं। इस तकनीक की मदद से पूरे विश्व में यह पुरस्कार प्रमाणित होगा। इसके लिए आईआईटी कानपुर को धन्यवाद।
आईआईटी के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने कहा कि यह संस्थान के लिए गर्व की बात है। इस टेक्नोलॉजी को संस्थान के स्टार्टअप क्रूबन ने नेशनल ब्लॉकचेन प्रोजेक्ट ऑफ नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सी3आई के तहत प्रो. मणींद्र अग्रवाल व अन्य वैज्ञानिकों की देखरेख में विकसित किया है। तीन पूर्व छात्र नीलेश वसिता, रास द्विवेदी और तन्मय यादव ने तकनीक विकसित की है।