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गंगा नदी के किनारे नहीं होगी प्लाटिंग, कब्जे होंगे ध्वस्त
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शुक्लागंज। कोतवाली गंगाघाट के पश्चिमी पुलिस चौकी अंतर्गत पड़ने वाले मोहल्ला गोताखोर के गंगा कटरी क्षेत्र की गंगा रेती पर प्लाटिंग का कार्य कुछ लोगाें द्वारा किया जा रहा था। मामला प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद एसडीएम सदर अक्षय वर्मा ने जांच कराई, जिसमें मामला सही पाया गया। जिसके बाद उन्होंने एनजीटी के नियमों को तोड़ने वाली सभी प्लाटिंग को नोटिस देते हुए ध्वस्तीकरण करने के निर्देश दिए है। जिसके लिए पालिका ईओ, गंगाघाट कोतवाली प्रभारी व क्षेत्र के लेखपाल को कार्रवाई करने के लिए पत्र जारी हुए है।
बताते चलें कि 25 सितंबर के अंक में अमर उजाला ने गंगा किनारे हो रही प्लाटिंग, प्रशासन बेखबर शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिसे जिला प्रशासन ने संज्ञान में लिया था। एसडीएम सदर ने मामले की जांच कराई तो मामला सही पाया गया जहां एनजीटी के नियमों को ताक पर प्लाटिंग होना पाया गया। जबकि एनजीटी के नियमों के अनुसार गंगा नदी किनारे किसी भी प्रकार के किसी भी नवनिर्माण पर पूरी तरह से रोक है। एसडीएम ने बताया कि नगर पालिका ईओ सुनील कुमार मिश्रा, लेखपाल मनोज यादव, प्रभारी निरीक्षक गंगाघाट अरविंद सिंह को पत्र जारी हुए है। लेखपाल ने बताया कि जारी पत्र में आदेश हुए है कि गंगा किनारे जो भी नवनिर्माण और प्लाटिंग एनजीटी के नियमों को तोड़ने के साथ ही सरकारी जमीन पर हैं।
उन पर निर्माण कराने वालों को चिह्नित कर उन्हें नोटिस देने के बाद ध्वस्तीकरण किया जाए। यदि कोई भी निर्माण कराता है तो वह पहले स्थानीय प्रशासन और एनजीटी की एनओसी दिखाए जिसके बाद ही वह गंगा किनारे प्लाटिंग करने का हकदार होगा। ईओ नगर पालिका सुनील कुमार मिश्रा ने बताया कि पिछले सप्ताह सोमवार को उन्हें पत्र मिला है। कार्रवाई के लिए टीमें गठित की जा रही हैं। लेखपाल ने प्लाटिंग करने वालों के नाम नहीं खोले है जिस कारण अब तक नोटिस देने की कार्रवाई नहीं हो सकी है। लेखपाल की मौजूदगी में पालिका की टीम एक दो दिन में पहुंच कर प्लाटिंग करने वालों के नाम पता कर उन्हें नोटिस देगी। दोनों विभागों की एनओसी देखी जाएगी। ऐसा न होने पर प्रशासनिक स्तर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी।
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रविदास नगर गंगा कटरी में भी चल रहा जमीनों का खेल
नगर पालिका क्षेत्र के रविदास नगर गंगा कटरी में भी गंगा नदी के किनारे गंगा रेती में आने वाली सैकड़ों बीघा जमीन पर भूमाफि या की नजरें टेढ़ी हैं। जो जमीनों पर अवैध रूप से प्लाटिंग कराते हुए उन्हें औने पौने दामों में बेचने का काम कर रहे है। सूत्रों की मानें तो कई प्लाट मालिकों के पास न तो दाखिल खारिज है और न ही रजिस्ट्री। बता दें कटरी की बेशकीमती जमीन को हथियाने के लिए कई हत्याएं तक हुईं हैं। इसके बावजूद प्रशासन इस ओर बेखबर है।
स्टेडियम के निकट पुलिया पाटने का चल रहा काम
मरहला चौराहे से कुछ दूरी पर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम के निकट की पुलिया पाटने का काम कुछ लोगों द्वारा किया जा रहा है। जबकि पुलिया के निकट ही सरकारी जमीन होने का बोर्ड लगा है। इस बारे में जब क्षेत्रीय लेखपाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पहले भी पुलिया पाटने का कार्य हुआ था जिसे रोका गया था। इस बारे में उन्होंने कानूनगो को अवगत कराया है। कानूनगो सुजीत कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। संबंधित जगह की जांच पड़ताल कराई जाएगी।
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बताते चलें कि 25 सितंबर के अंक में अमर उजाला ने गंगा किनारे हो रही प्लाटिंग, प्रशासन बेखबर शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिसे जिला प्रशासन ने संज्ञान में लिया था। एसडीएम सदर ने मामले की जांच कराई तो मामला सही पाया गया जहां एनजीटी के नियमों को ताक पर प्लाटिंग होना पाया गया। जबकि एनजीटी के नियमों के अनुसार गंगा नदी किनारे किसी भी प्रकार के किसी भी नवनिर्माण पर पूरी तरह से रोक है। एसडीएम ने बताया कि नगर पालिका ईओ सुनील कुमार मिश्रा, लेखपाल मनोज यादव, प्रभारी निरीक्षक गंगाघाट अरविंद सिंह को पत्र जारी हुए है। लेखपाल ने बताया कि जारी पत्र में आदेश हुए है कि गंगा किनारे जो भी नवनिर्माण और प्लाटिंग एनजीटी के नियमों को तोड़ने के साथ ही सरकारी जमीन पर हैं।
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उन पर निर्माण कराने वालों को चिह्नित कर उन्हें नोटिस देने के बाद ध्वस्तीकरण किया जाए। यदि कोई भी निर्माण कराता है तो वह पहले स्थानीय प्रशासन और एनजीटी की एनओसी दिखाए जिसके बाद ही वह गंगा किनारे प्लाटिंग करने का हकदार होगा। ईओ नगर पालिका सुनील कुमार मिश्रा ने बताया कि पिछले सप्ताह सोमवार को उन्हें पत्र मिला है। कार्रवाई के लिए टीमें गठित की जा रही हैं। लेखपाल ने प्लाटिंग करने वालों के नाम नहीं खोले है जिस कारण अब तक नोटिस देने की कार्रवाई नहीं हो सकी है। लेखपाल की मौजूदगी में पालिका की टीम एक दो दिन में पहुंच कर प्लाटिंग करने वालों के नाम पता कर उन्हें नोटिस देगी। दोनों विभागों की एनओसी देखी जाएगी। ऐसा न होने पर प्रशासनिक स्तर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी।
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रविदास नगर गंगा कटरी में भी चल रहा जमीनों का खेल
नगर पालिका क्षेत्र के रविदास नगर गंगा कटरी में भी गंगा नदी के किनारे गंगा रेती में आने वाली सैकड़ों बीघा जमीन पर भूमाफि या की नजरें टेढ़ी हैं। जो जमीनों पर अवैध रूप से प्लाटिंग कराते हुए उन्हें औने पौने दामों में बेचने का काम कर रहे है। सूत्रों की मानें तो कई प्लाट मालिकों के पास न तो दाखिल खारिज है और न ही रजिस्ट्री। बता दें कटरी की बेशकीमती जमीन को हथियाने के लिए कई हत्याएं तक हुईं हैं। इसके बावजूद प्रशासन इस ओर बेखबर है।
स्टेडियम के निकट पुलिया पाटने का चल रहा काम
मरहला चौराहे से कुछ दूरी पर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम के निकट की पुलिया पाटने का काम कुछ लोगों द्वारा किया जा रहा है। जबकि पुलिया के निकट ही सरकारी जमीन होने का बोर्ड लगा है। इस बारे में जब क्षेत्रीय लेखपाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पहले भी पुलिया पाटने का कार्य हुआ था जिसे रोका गया था। इस बारे में उन्होंने कानूनगो को अवगत कराया है। कानूनगो सुजीत कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। संबंधित जगह की जांच पड़ताल कराई जाएगी।
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