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फार्मासिस्ट के लिए डिप्लोमा के बाद देना होगा एग्जिट एग्जाम, ये रही पूरी जानकारी
Tue, 28 May 2019 04:55 PM IST
शिखा पांडेय
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, कानपुर
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 28 May 2019 04:55 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : गूगल
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फार्मासिस्ट बनने या मेडिकल स्टोर के संचालन के लिए अब केवल डिप्लोमा इन फार्मेसी (डिफार्मा) करने से काम नहीं चलेगा। डिप्लोमा हासिल करने के बाद भी आपको एक परीक्षा पास करनी होगी जिसे ‘एग्जिट एग्जामिनेशन’ नाम दिया गया है।
फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने इस एग्जिट एग्जामिनेशन को डिप्लोमा होल्डर्स के लिए अनिवार्य करने की तैयारी शुरू कर दी है। पीसीआई के विशेषज्ञों ने इसके लिए डिप्लोमा इन फार्मेसी एग्जिट एग्जामिनेशन रेगुलेशन भी तैयार कर लिया है।
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फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने इस एग्जिट एग्जामिनेशन को डिप्लोमा होल्डर्स के लिए अनिवार्य करने की तैयारी शुरू कर दी है। पीसीआई के विशेषज्ञों ने इसके लिए डिप्लोमा इन फार्मेसी एग्जिट एग्जामिनेशन रेगुलेशन भी तैयार कर लिया है।
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इस रेगुलेशन को प्राथमिक तौर पर केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। हालांकि लागू करने से पहले एक बार फिर इसे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजा गया है। इसके अलावा सभी राज्यों की सरकार से भी इस रेगुलेशन पर राय मांगी गई है। मंजूरी मिलते ही इसे इसी साल से लागू किया जा सकता है।
हालांकि यह परीक्षा उन्हें नहीं देनी होगी जो पहले से ही फार्मासिस्ट के लिए रजिस्टर्ड हो चुके हैं। पीसीआई की रजिस्ट्रार अर्चना मुदगल ने ‘अमर उजाला’ से फोन पर इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि एग्जिट एग्जामिनेशन का रेगुलेशन तैयार हो गया है। अब इसे लागू करने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। जैसे ही प्रदेश व मंत्रालय से अनुमति मिल जाएगी, इसे लागू कर दिया जाएगा।
क्या होगा बदलाव
दरअसल अभी तक दो साल का डिफार्मा कोर्स करने के बाद उम्मीदवार मेडिकल स्टोर का लाइसेंस पा लेता था और फार्मासिस्ट बन जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा। पीसीआई अब ऐसे सभी डिप्लोमा होल्डर्स के लिए एग्जिट एग्जामिनेशन अनिवार्य करने जा रही है। यह एग्जाम पास करने वाले ही रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की श्रेणी में आएंगे।
हालांकि यह परीक्षा उन्हें नहीं देनी होगी जो पहले से ही फार्मासिस्ट के लिए रजिस्टर्ड हो चुके हैं। पीसीआई की रजिस्ट्रार अर्चना मुदगल ने ‘अमर उजाला’ से फोन पर इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि एग्जिट एग्जामिनेशन का रेगुलेशन तैयार हो गया है। अब इसे लागू करने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। जैसे ही प्रदेश व मंत्रालय से अनुमति मिल जाएगी, इसे लागू कर दिया जाएगा।
क्या होगा बदलाव
दरअसल अभी तक दो साल का डिफार्मा कोर्स करने के बाद उम्मीदवार मेडिकल स्टोर का लाइसेंस पा लेता था और फार्मासिस्ट बन जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा। पीसीआई अब ऐसे सभी डिप्लोमा होल्डर्स के लिए एग्जिट एग्जामिनेशन अनिवार्य करने जा रही है। यह एग्जाम पास करने वाले ही रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की श्रेणी में आएंगे।
साल में दो बार दे सकेंगे एग्जिट एग्जाम
काउंसिल की तरफ से तैयार किए गए रेगुलेशन के मुताबिक एग्जिट एग्जाम से यह भी तय हो जाएगा कि उम्मीदवार सही तरीके से प्रैक्टिस करने के योग्य है या नहीं। काउंसिल की तरफ से डिप्लोमा होल्डर्स के लिए साल में दो बाद एग्जिट एग्जामिनेशन कराया जाएगा। यह एग्जाम कब और कहां-कहां होगा, इसके बारे में पीसीआई की तरफ से जानकारी जारी की जाएगी।
न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक लाने अनिवार्य
एग्जिट एग्जाम का प्रश्नपत्र तीन भागों में होगा। मल्टीपल च्वाइस पर आधारित प्रश्नपत्र में फार्मासूटिक्स, फार्माकोलॉजी, फार्माकोग्नॉसी, फार्मासूटिकल केमिस्ट्री, बायोकेमिस्ट्री, हॉस्पिटल एंड क्लीनिकल फार्मेसी, फार्मासूटिकल ज्यूरीप्रीडेंस और ड्रग स्टोर मैनेजमेंट से प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रश्नपत्र अंग्रेजी में होगा। प्रश्नपत्र के लिए तीन घंटे का समय मिलेगा। परीक्षा पास करने के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक व प्रश्नपत्र के तीनों भाग में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
काउंसिल की तरफ से तैयार किए गए रेगुलेशन के मुताबिक एग्जिट एग्जाम से यह भी तय हो जाएगा कि उम्मीदवार सही तरीके से प्रैक्टिस करने के योग्य है या नहीं। काउंसिल की तरफ से डिप्लोमा होल्डर्स के लिए साल में दो बाद एग्जिट एग्जामिनेशन कराया जाएगा। यह एग्जाम कब और कहां-कहां होगा, इसके बारे में पीसीआई की तरफ से जानकारी जारी की जाएगी।
न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक लाने अनिवार्य
एग्जिट एग्जाम का प्रश्नपत्र तीन भागों में होगा। मल्टीपल च्वाइस पर आधारित प्रश्नपत्र में फार्मासूटिक्स, फार्माकोलॉजी, फार्माकोग्नॉसी, फार्मासूटिकल केमिस्ट्री, बायोकेमिस्ट्री, हॉस्पिटल एंड क्लीनिकल फार्मेसी, फार्मासूटिकल ज्यूरीप्रीडेंस और ड्रग स्टोर मैनेजमेंट से प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रश्नपत्र अंग्रेजी में होगा। प्रश्नपत्र के लिए तीन घंटे का समय मिलेगा। परीक्षा पास करने के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक व प्रश्नपत्र के तीनों भाग में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।