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गंगा संग दूसरी नदियों पर भी दें ध्यान
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Sat, 28 May 2016 02:06 AM IST
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सर्किट हाउस मे आयोजित विचार गोष्ठी को संबोधित करते सासंद डाॅ. मुरली मनोहर जोशी।
- फोटो : amarujala
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इस्टीमेट कमेटी के चेयरमैन डाॅ. मुरली मनोहर जोशी ने कहा है कि गंगा के अलावा देश की दूसरी नदियों को भी नया जीवन देने की जरूरत है। इसके लिए जरूरी है कि केंद्र के साथ राज्य सरकारों के बीच समन्वय हो। वह शुक्रवार को सर्किट हाउस में भाजपा की विचार गोष्ठी के बाद लोगों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि इस्टीमेट कमेटी की रिपोर्ट में नदियों की ताजा स्थिति पर चिंता जाहिर की गई है। साथ ही नदियों को सुधारने के संबंध में सुझाव भी दिया गया है। गंगा में बढ़ रहे प्रदूषण के संबंध में उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट पर बड़ा काम चल रहा है।
इसमें समय लगेगा, लेकिन यह काम सतत प्रक्रिया के तहत करने पर ही संभव हो पाएगा। उनकी कमेटी लगातार केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालयों को इस संबंध में सुझाव देती रहती है। गंगा में पिछले एक साल में कानपुर क्षेत्र में प्रदूषण और बढ़ने के मसले पर उन्होंने कहा कि सिर्फ कानपुर नहीं, गंगा में और जगहों पर भी प्रदूषण बढ़ा है, फर्क इतना है कि कानपुर में नालों और टेनरियों का कचरा सीधे गंगा में जाने से दिक्कत ज्यादा है।
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महानगर में स्थापित होने वाले टूल रूम में संबंध के संबंध में उन्होंने कहा कि इस संबंध में कपड़ा और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय से कई दौर की बात हो चुकी है। इन मंत्रालयों से देरी क्यों हो रही है, इस संबंध में इनके मंत्रियों कलराज मिश्र और संतोष गंगवार और उनके मंत्रालय के अधिकारियों से भी अपडेट लिया जा रहा है। इस्टीमेट कमेटी के जरिए भी इनका लेखा जोखा चल रहा है।
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उन्होंने बताया कि इस्टीमेट कमेटी की रिपोर्ट में नदियों की ताजा स्थिति पर चिंता जाहिर की गई है। साथ ही नदियों को सुधारने के संबंध में सुझाव भी दिया गया है। गंगा में बढ़ रहे प्रदूषण के संबंध में उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट पर बड़ा काम चल रहा है।
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इसमें समय लगेगा, लेकिन यह काम सतत प्रक्रिया के तहत करने पर ही संभव हो पाएगा। उनकी कमेटी लगातार केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालयों को इस संबंध में सुझाव देती रहती है। गंगा में पिछले एक साल में कानपुर क्षेत्र में प्रदूषण और बढ़ने के मसले पर उन्होंने कहा कि सिर्फ कानपुर नहीं, गंगा में और जगहों पर भी प्रदूषण बढ़ा है, फर्क इतना है कि कानपुर में नालों और टेनरियों का कचरा सीधे गंगा में जाने से दिक्कत ज्यादा है।
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महानगर में स्थापित होने वाले टूल रूम में संबंध के संबंध में उन्होंने कहा कि इस संबंध में कपड़ा और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय से कई दौर की बात हो चुकी है। इन मंत्रालयों से देरी क्यों हो रही है, इस संबंध में इनके मंत्रियों कलराज मिश्र और संतोष गंगवार और उनके मंत्रालय के अधिकारियों से भी अपडेट लिया जा रहा है। इस्टीमेट कमेटी के जरिए भी इनका लेखा जोखा चल रहा है।