रेल यात्री परेशान: कानपुर सेंट्रल में बंद हैं पंखे...नहीं मिल रहा ठंडा पानी, रेलवे दे रहा है नियमों का हवाला
कानपुर सेंट्रल स्टेशन में पंखे बंद हैं...ठंडा पानी भी नहीं मिल रहा। ऐसी ही सुविधाओं के न मिलने से यात्री बेचैन हैं। रेलवे नियमों का हवाला दे रहा है। बता दें कि 15 मार्च के बाद ही पंखे चलाने का नियम हैं, लेकिन 16 को भी पंखे बंद रहे।
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कानपुर में गर्मी की दस्तक से घरों में पंखे भले ही 15 दिन पहले ही चालू कर दिए गए हों, लेकिन स्टेशन पर पंखे ब्रिटिशकालीन नियमों के लागू होने के चलते नहीं चल रहे हैं। रेलवे का अंग्रेजों के समय का नियम है कि 15 मार्च के बाद से प्लेटफार्मों पर पंखे चलाए जाएंगे और ठंडा पानी टोटियों से निकलेगा।
स्टेशनों पर अफसरों के चैंबरों में पंखे चल रहे हैं और कुछ ने एसी भी चलाना शुरू कर दिया है लेकिन प्लेटफार्म पर यात्रियों के लिए लगे पंखों को 16 मार्च को भी शुरू नहीं किया गया। टोटियों से भी गुनगुना पानी आ रहा है। रेलवे नियमावली के हिसाब से फ्रीजर चालू कराने का अभी समय नहीं हुआ है।
यह नियम भी गुलामी की निशानी
स्टेशन पर आगरा की ट्रेन का इंतजार कर रहे अभिषेक सिंह ने बताया कि जब सभी जगह गुलामी की निशानी को खत्म किया जा रहा है, तो अंग्रेजों के बनाए नियमों को भारतीय रेलवे क्यों मान रही है। सेंट्रल स्टेशन पर कूलर का इंतजाम नहीं है, लेकिन कम से कम यात्रियों को पसीना सुखाने के लिए पंखे तो चालू ही करा देना चाहिए।
एक सप्ताह में दो बार आया, लेकिन पंखे बंद
लखनऊ के मोहम्मद जिया चंडीगढ़ जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह में दो बार कानपुर स्टेशन पर आना हुआ। नौ मार्च को भी प्लेटफार्म के पंखे बंद थे और 16 मार्च को भी बंद हैं। पेयजल की टोटियों से गुनगुना पानी आ रहा है। अभी तक रेलवे ने फ्रीजर ही नहीं चालू किए हैं।

पंखों को चालू कराने के लिए वायरिंग को दुरुस्त किया जा रहा है। मेंटीनेंस का काम पूरा हो चुका है। 17 मार्च तक प्लेटफार्म पर लगे पंखों को चालू करा दिया जाएगा। यात्रियों को ठंडा पानी भी मिलने लगेगा। -ओमप्रकाश पाठक, सहायक अभियंता, इलेक्ट्रिकल, कानपुर सेंट्रल स्टेशन