पारस हत्याकांड: एसआईटी जांच में बड़ा खुलासा, युवती के फोन पर पारस गया था बिठूर, बनाया गया था बंधक
पारस गुप्ता हत्याकांड में एसआईटी की जांच में कई बड़े तथ्य सामने आए हैं। एसआईटी हत्या व आत्महत्या के बिंदु पर तफ्तीश कर रही है।
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जेसीपी ने बताया कि यह तथ्य जांच में सही पाया गया है। अब सवाल है कि रकम वापस मिलने के बाद पारस की हत्या क्यों की गई। एसआईटी हत्या व आत्महत्या के बिंदु पर तफ्तीश कर रही है। हरबंश मोहाल निवासी पारस गुप्ता 25 मई की रात लापता हुए थे। दो महीने बाद 27 जुलाई को परिजनों को फोरेंसिक के दफ्तर से पता चला था कि पारस की मौत हो चुकी है।
26 मई को रेलवे ट्रैक किनारे पारस का शव जीआरपी ने बरामद किया था। परिजनों ने मसाला कारोबारी अमित व अन्य अज्ञात पर हत्या का आरोप लगा केस दर्ज कराया था। परिजनों का आरोप था कि पारस पर अमित का 20 हजार रुपये बकाया था। इसलिए हत्या कर दी। पुलिस कमिश्नर ने एसीपी कलक्टरगंज के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था।
केस की विवेचना गहनता से की जा रही है। ज्वाइंट सीपी खुद विवेचना की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। विस्तृत जांच में थोड़ा समय लगेगा। सुबूतों के आधार पर कार्रवाई होगी।- बीपी जोगदंड, पुलिस कमिश्नर