{"_id":"6189f3a225c3d53cbe35f0f8","slug":"padma-shri-award-sir-i-am-also-near-your-house-while-receiving-padma-shri-award-prof-hc-verma-said-to-president","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: सर! मैं भी आपके घर के पास का हूं, पद्मश्री सम्मान ग्रहण करते समय राष्ट्रपति से बोले प्रो. एचसी वर्मा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: सर! मैं भी आपके घर के पास का हूं, पद्मश्री सम्मान ग्रहण करते समय राष्ट्रपति से बोले प्रो. एचसी वर्मा
Tue, 09 Nov 2021 09:38 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 09 Nov 2021 09:38 AM IST
सार
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों सम्मान लेते समय प्रो. वर्मा ने उनसे कहा, सर! मैं भी आपके घर के पास नानकारी का हूं। यह सुनकर कोविंद मुस्कुरा दिए और उन्हें बधाई दी।
विज्ञापन
प्रो. एचसी वर्मा को सम्मान देते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए आईआईटी कानपुर से सेवानिवृत्त प्रो. एचसी वर्मा को सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में पद्मश्री सम्मान से विभूषित किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों सम्मान लेते समय प्रो. वर्मा ने उनसे कहा, सर! मैं भी आपके घर के पास नानकारी का हूं। यह सुनकर कोविंद मुस्कुरा दिए और उन्हें बधाई दी।
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रो. वर्मा को बधाई दी। प्रो. एचसी वर्मा को पद्मश्री सम्मान से नवाजे जाने की घोषणा वर्ष-2020 में ही हो गई थी। लेकिन, कोरोना महामारी के चलते सम्मान समारोह का आयोजन नहीं हो पाया था।
आईआईटी कानपुर से एमएससी प्रो. वर्मा ने 1994 में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर पढ़ाना शुरू किया था। उनकी पुस्तक कॉन्सेप्ट ऑफ फिजिक्स काफी चर्चित है। उन्होंने कहा कि कई छोटे-छोटे परीक्षण करने बाद ऐसे मॉडल बनाए, जिनसे छात्र खेल-खेल में भौतिकी की बारीकियां सीख सकते हैं। उन्होंने स्कूल-कॉलेज और इंडस्ट्री में काम करने वालों के लिए ऑनलाइन कोर्स भी तैयार किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रो. वर्मा को बधाई दी। प्रो. एचसी वर्मा को पद्मश्री सम्मान से नवाजे जाने की घोषणा वर्ष-2020 में ही हो गई थी। लेकिन, कोरोना महामारी के चलते सम्मान समारोह का आयोजन नहीं हो पाया था।
विज्ञापन
आईआईटी कानपुर से एमएससी प्रो. वर्मा ने 1994 में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर पढ़ाना शुरू किया था। उनकी पुस्तक कॉन्सेप्ट ऑफ फिजिक्स काफी चर्चित है। उन्होंने कहा कि कई छोटे-छोटे परीक्षण करने बाद ऐसे मॉडल बनाए, जिनसे छात्र खेल-खेल में भौतिकी की बारीकियां सीख सकते हैं। उन्होंने स्कूल-कॉलेज और इंडस्ट्री में काम करने वालों के लिए ऑनलाइन कोर्स भी तैयार किया है।
विज्ञापन