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रीजेंसी में 100 से ज्यादा किडनी ट्रांसप्लांट
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sun, 12 Apr 2015 03:28 AM IST
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100 से ज्यादा किडनी ट्रांसप्लांट होने के उपलक्ष्य में रीजेंसी रीनल साइंसेज सेंटर ने शनिवार को डायलिसिस पेशेंट फोरम और गुर्दा जागरूकता पर कार्यक्रम का आयोजन किया। मर्चेंट चेंबर में हुए कार्यक्रम में मरीजों ने सवाल किए तो डॉक्टरों ने किडनी की बीमारी पर उन्हें जागरूक किया।
रीजेंसी हॉस्पिटल लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. अतुल कपूर ने कहा कि गुर्दे की बीमारी आज बहुत बड़ी समस्या बनकर उभरी है। यह किसी भी आयु वर्ग में हो सकती है। हर सौ में से दस व्यक्ति वर्तमान में गुर्दा रोग से पीड़ित हैं। इनमें से कई गुर्दा रोग के तीसरे चरण में पहुंच चुके हैं।
इन मरीजों को इलाज के लिए डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की आवश्यकता होती है। हाल में रीजेंसी हॉस्पिटल ने एक अंतरराष्ट्रीय डायलिसिस कंपनी के साथ मिलकर एक संयुक्त संस्था रीजेंसी नेफ्रो केयर का शुभारंभ भी किया है। इसके माध्यम से काफी रियायती दर पर डायलिसिस की जा रही है।
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वाइस प्रेसीडेंट अभिषेक कपूर ने बताया कि अभी तक 100 से ज्यादा मरीजों की रीजेंसी में सफलतापूर्वक किडनी ट्रांसप्लांट की जा चुकी है। इसमें कानपुर, इटावा, फर्रुखाबाद और आसपास के जिलों के मरीज शामिल हैं। रीजेंसी में नेफ्रोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. निर्भय कुमार ने डायलिसिस की उपयुक्तता एवं फिस्टुला केयर की जानकारी दी।
यूरोलॉजी विभाग के निदेशक एवं ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. अनिल जैन ने कहा कि जितनी जल्दी हो सके किडनी ट्रांसप्लांट करा लेनी चाहिए। इस मौके पर डॉ. देशराज गुर्जर, डॉ. पियूष त्रिपाठी, डॉ. रोहित मिश्र, डॉ. अविजित कुमार ने भी जानकारी दी।
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रीजेंसी हॉस्पिटल लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. अतुल कपूर ने कहा कि गुर्दे की बीमारी आज बहुत बड़ी समस्या बनकर उभरी है। यह किसी भी आयु वर्ग में हो सकती है। हर सौ में से दस व्यक्ति वर्तमान में गुर्दा रोग से पीड़ित हैं। इनमें से कई गुर्दा रोग के तीसरे चरण में पहुंच चुके हैं।
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इन मरीजों को इलाज के लिए डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की आवश्यकता होती है। हाल में रीजेंसी हॉस्पिटल ने एक अंतरराष्ट्रीय डायलिसिस कंपनी के साथ मिलकर एक संयुक्त संस्था रीजेंसी नेफ्रो केयर का शुभारंभ भी किया है। इसके माध्यम से काफी रियायती दर पर डायलिसिस की जा रही है।
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वाइस प्रेसीडेंट अभिषेक कपूर ने बताया कि अभी तक 100 से ज्यादा मरीजों की रीजेंसी में सफलतापूर्वक किडनी ट्रांसप्लांट की जा चुकी है। इसमें कानपुर, इटावा, फर्रुखाबाद और आसपास के जिलों के मरीज शामिल हैं। रीजेंसी में नेफ्रोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. निर्भय कुमार ने डायलिसिस की उपयुक्तता एवं फिस्टुला केयर की जानकारी दी।
यूरोलॉजी विभाग के निदेशक एवं ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. अनिल जैन ने कहा कि जितनी जल्दी हो सके किडनी ट्रांसप्लांट करा लेनी चाहिए। इस मौके पर डॉ. देशराज गुर्जर, डॉ. पियूष त्रिपाठी, डॉ. रोहित मिश्र, डॉ. अविजित कुमार ने भी जानकारी दी।