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Kanpur News: नरक चतुर्दशी पर करें अभ्यंग स्नान और जलाएं यम के नाम दीप
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कानपुर। छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी रविवार को है। यह दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर सरसों के तेल या उबटन लगाकर स्नान करना विशेष फलदायी माना गया है। इसे अभ्यंग स्नान कहा जाता है। मान्यता है कि इससे न सिर्फ शरीर की शुद्धि होती है बल्कि सौंदर्य और आरोग्यता मिलती है।
ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने से सौंदर्य और तेज की प्राप्ति होती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार नरक चतुर्दशी की रात यम के नाम से दीपक जलाना अत्यंत शुभ है। ऐसा करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। उन्होंने बताया कि यम दीप जलाने के बाद उसे पूरे घर में घुमाकर दक्षिण दिशा में घर के बाहर रखना चाहिए। ऐसा करने से यमराज की कृपा प्राप्त होती है।
पं. द्विवेदी ने बताया कि यम दीप के साथ 14 अन्य दीपक जलाना अत्यंत मंगलकारी है। यह दीप पूजा घर, रसोई, तुलसी के पास, मुख्य द्वार, पानी का स्थान, छत व बाथरूम में रखे जाते हैं। इन दीपों से पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और समृद्धि का संचार होता है।
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दीपावली सोमवार को मनाई जाएगी
ज्योतिषाचार्य पं. पीएन द्विवेदी के अनुसार रविवार दोपहर 2:32 बजे तक चतुर्दशी तिथि रहेगी। इसके बाद अमावस्या तिथि शुरू हो जाएगी। शास्त्रों के अनुसार दीपावली तब ही शुभ मानी जाती है जब प्रदोष काल में अमावस्या तिथि और निशीथ काल (अर्धरात्रि) में भी रहे। इस कारण दीपावली का पर्व सोमवार को पूरे देश में मनाया जाएगा।
लक्ष्मी पूजन के लिए तीन शुभ मुहूर्त रहेंगे
-वाणिज्य प्रतिष्ठानों के लिए स्थिर कुंभ लग्न दोपहर 2:13 बजे से 3:44 बजे तक।
- गृहस्थों के लिए सर्वोत्तम प्रदोष काल शाम 6:51 बजे से रात 8:48 बजे तक। लक्ष्मी जी के पूजन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त।
- महानिशा काली पूजा व तंत्र सिद्धि के लिए स्थिर सिंह लग्न रात 1:19 बजे से 3:33 बजे तक।
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ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने से सौंदर्य और तेज की प्राप्ति होती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार नरक चतुर्दशी की रात यम के नाम से दीपक जलाना अत्यंत शुभ है। ऐसा करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। उन्होंने बताया कि यम दीप जलाने के बाद उसे पूरे घर में घुमाकर दक्षिण दिशा में घर के बाहर रखना चाहिए। ऐसा करने से यमराज की कृपा प्राप्त होती है।
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पं. द्विवेदी ने बताया कि यम दीप के साथ 14 अन्य दीपक जलाना अत्यंत मंगलकारी है। यह दीप पूजा घर, रसोई, तुलसी के पास, मुख्य द्वार, पानी का स्थान, छत व बाथरूम में रखे जाते हैं। इन दीपों से पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और समृद्धि का संचार होता है।
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दीपावली सोमवार को मनाई जाएगी
ज्योतिषाचार्य पं. पीएन द्विवेदी के अनुसार रविवार दोपहर 2:32 बजे तक चतुर्दशी तिथि रहेगी। इसके बाद अमावस्या तिथि शुरू हो जाएगी। शास्त्रों के अनुसार दीपावली तब ही शुभ मानी जाती है जब प्रदोष काल में अमावस्या तिथि और निशीथ काल (अर्धरात्रि) में भी रहे। इस कारण दीपावली का पर्व सोमवार को पूरे देश में मनाया जाएगा।
लक्ष्मी पूजन के लिए तीन शुभ मुहूर्त रहेंगे
-वाणिज्य प्रतिष्ठानों के लिए स्थिर कुंभ लग्न दोपहर 2:13 बजे से 3:44 बजे तक।
- गृहस्थों के लिए सर्वोत्तम प्रदोष काल शाम 6:51 बजे से रात 8:48 बजे तक। लक्ष्मी जी के पूजन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त।
- महानिशा काली पूजा व तंत्र सिद्धि के लिए स्थिर सिंह लग्न रात 1:19 बजे से 3:33 बजे तक।